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दलीप ट्रॉफी फाइनल: तिहरा शतक नहीं लगा सके ईशान किशन, ईस्ट जोन ने बनाया विशाल स्कोर; कुशाग्र ने जड़ा शतक
Mon, 07 Sep 2026 05:28 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 07 Sep 2026 05:28 PM IST
सार
साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन भी ईस्ट जोन के बल्लेबाज हावी रहे। ईशान किशन तिहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन उनकी पारी के दम पर ईस्ट जोन ने पहली पारी में विशाल स्कोर बनाया।
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दलीप ट्रॉफी फाइनल
- फोटो : PTI
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विस्तार
दलीप ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन भी ईस्ट जोन के बल्लेबाजों का दम दिखा। कप्तान ईशान किशन भले ही तिहरा शतक नहीं लगा सके, लेकिन उनकी शानदार पारी के बदौलत ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। ईस्ट जोन की पहली पारी समाप्त होने के साथ ही दूसरे दिन का खेल खत्म होने की घोषणा कर दी गई।
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दलीप ट्रॉफी फाइनल
- फोटो : PTI
दूसरा दिन भी ईस्ट जोन के नाम रहा
ईस्ट जोन के लिए सबसे ज्यादा रन कप्तान ईशान किशन ने बनाए जो 334 गेंदों पर 30 चौकों और सात छक्के की मदद से 270 रन बनाकर आउट हुए। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने 132 गेंदों पर आठ चौकों और पांच छक्कों के सहारे 101 रन की पारी खेली। शुरुआती दो दिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों का दम देखने मिला। दूसरे दिन ईशान रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौट गए थे, लेकिन बाद में वह फिर बल्लेबाजी के लिए उतरे। हालांकि, साउथ जोन की टीम दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन की पारी खत्म करने में सफल रही।
ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे जिन्हें त्रिपुराणा विजय ने अपना शिकार बनाया। ईस्ट जोन के लिए अनुकूल रॉय ने 45, मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने 40 और मोहम्मद शमी ने 28 रन बनाए। साउथ जोन की ओर से त्रिपुराणा विजय ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए, जबकि चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल को दो-दो विकेट मिले। शेख रशीद एक विकेट लेने में सफल रहे। अब तीसरे दिन साउथ जोन को बल्लेबाजी में दम दिखाना होगा, जबकि ईस्ट जोन की टीम साउथ जोन को जल्द समेटना चाहेगी।
ईस्ट जोन के लिए सबसे ज्यादा रन कप्तान ईशान किशन ने बनाए जो 334 गेंदों पर 30 चौकों और सात छक्के की मदद से 270 रन बनाकर आउट हुए। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने 132 गेंदों पर आठ चौकों और पांच छक्कों के सहारे 101 रन की पारी खेली। शुरुआती दो दिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों का दम देखने मिला। दूसरे दिन ईशान रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौट गए थे, लेकिन बाद में वह फिर बल्लेबाजी के लिए उतरे। हालांकि, साउथ जोन की टीम दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन की पारी खत्म करने में सफल रही।
ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे जिन्हें त्रिपुराणा विजय ने अपना शिकार बनाया। ईस्ट जोन के लिए अनुकूल रॉय ने 45, मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने 40 और मोहम्मद शमी ने 28 रन बनाए। साउथ जोन की ओर से त्रिपुराणा विजय ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए, जबकि चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल को दो-दो विकेट मिले। शेख रशीद एक विकेट लेने में सफल रहे। अब तीसरे दिन साउथ जोन को बल्लेबाजी में दम दिखाना होगा, जबकि ईस्ट जोन की टीम साउथ जोन को जल्द समेटना चाहेगी।
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रिटायर्ड हर्ट होकर ईशान ने की वापसी
ईस्ट जोन ने दूसरे दिन चार विकेट पर 385 रन से शुरुआत की। ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ पांचवें विकेट के लिए 230 रन की साझेदारी की। कुमार कुशाग्र हालांकि, शतक लगाकर आउट हुए। टीम ने 471 के स्कोर पर अपना पांचवां विकेट गंवाया, जिसके बाद ईशान ने अनुकूल रॉय के साथ 140 रन जुटाकर टीम को 600 के पार पहुंचा दिया। ईशान 250 रन की पारी खेलकर रिटायर्ड हर्ट होकर ड्रेसिंग रूम लौटे। उन्होंने 301 गेंदों में 27 चौके और सात छक्के लगाए थे। इसके बाद मोहम्मद शमी (28) ने कुरैशी (40) के साथ 54 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 650 के पार पहुंचाया। टीम को 680 के स्कोर पर सातवां झटका लगा, जिसके बाद कप्तान ईशान एक बार फिर से बल्लेबाजी के लिए उतरे। टीम ने कप्तान के रूप में अपना नौवां विकेट गंवाया। त्रिपुरणा विजय ने पारी के 163वें ओवर में ईशान किशन के साथ मुकेश कुमार (0) का विकेट भी चटकाया।
ईस्ट जोन ने दूसरे दिन चार विकेट पर 385 रन से शुरुआत की। ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ पांचवें विकेट के लिए 230 रन की साझेदारी की। कुमार कुशाग्र हालांकि, शतक लगाकर आउट हुए। टीम ने 471 के स्कोर पर अपना पांचवां विकेट गंवाया, जिसके बाद ईशान ने अनुकूल रॉय के साथ 140 रन जुटाकर टीम को 600 के पार पहुंचा दिया। ईशान 250 रन की पारी खेलकर रिटायर्ड हर्ट होकर ड्रेसिंग रूम लौटे। उन्होंने 301 गेंदों में 27 चौके और सात छक्के लगाए थे। इसके बाद मोहम्मद शमी (28) ने कुरैशी (40) के साथ 54 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 650 के पार पहुंचाया। टीम को 680 के स्कोर पर सातवां झटका लगा, जिसके बाद कप्तान ईशान एक बार फिर से बल्लेबाजी के लिए उतरे। टीम ने कप्तान के रूप में अपना नौवां विकेट गंवाया। त्रिपुरणा विजय ने पारी के 163वें ओवर में ईशान किशन के साथ मुकेश कुमार (0) का विकेट भी चटकाया।
ईशान किशन
- फोटो : IANS
दोहरा शतक लगाकर इतिहास के पन्नों में दर्ज कराया नाम
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए ईशान किशन ने दोहरा शतक लगाकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। 270 रन की तूफानी पारी के साथ ईशान अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में यह कारनामा करने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। रविवार को पहले दिन का खेल खत्म होने तक शतक लगाकर नाबाद लौटे ईशान ने दूसरे दिन भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया। इसके साथ ही ईशान किशन ने 39 साल पुराना एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। 1987-88 में वेस्ट जोन की कप्तानी करते हुए अंशुमान गायकवाड़ ने फाइनल में 216 रन बनाए थे। अब ईस्ट जोन के कप्तान ईशान ने 250 रन की पारी (रिटायर्ड हर्ट) खेलकर बतौर कप्तान दोहरा शतक के मामले में गायकवाड़ की बराबरी तो की ही, पर बतौर कप्तान दलीप ट्रॉफी के फाइनल में व्यक्तिगत स्कोर के मामले में उनसे आगे निकलकर रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए ईशान किशन ने दोहरा शतक लगाकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। 270 रन की तूफानी पारी के साथ ईशान अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में यह कारनामा करने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। रविवार को पहले दिन का खेल खत्म होने तक शतक लगाकर नाबाद लौटे ईशान ने दूसरे दिन भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया। इसके साथ ही ईशान किशन ने 39 साल पुराना एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। 1987-88 में वेस्ट जोन की कप्तानी करते हुए अंशुमान गायकवाड़ ने फाइनल में 216 रन बनाए थे। अब ईस्ट जोन के कप्तान ईशान ने 250 रन की पारी (रिटायर्ड हर्ट) खेलकर बतौर कप्तान दोहरा शतक के मामले में गायकवाड़ की बराबरी तो की ही, पर बतौर कप्तान दलीप ट्रॉफी के फाइनल में व्यक्तिगत स्कोर के मामले में उनसे आगे निकलकर रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।