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'हम टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ टीम हैं': कोहली की बात हुई सच; चैंपियन पडिक्कल-जितेश-भुवी और क्रुणाल क्या बोले?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 01 Jun 2026 08:37 AM IST
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सार
आईपीएल 2026 जीतने के बाद आरसीबी खिलाड़ियों ने टीम की सफलता के राज साझा किए। विराट कोहली ने आत्मविश्वास और टीम संतुलन को जीत की कुंजी बताया, जबकि जितेश शर्मा ने आक्रामक सोच पर जोर दिया। भुवनेश्वर, हेजलवुड, पडिक्कल और क्रुणाल ने टीम संस्कृति, रणनीति और एकजुटता की सराहना की।
आईपीएल 2026
- फोटो : ANI
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विस्तार
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 का खिताब जीतकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराने के बाद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बयानों से साफ झलक रहा था कि यह सफलता केवल प्रतिभा का नहीं, बल्कि मजबूत टीम संस्कृति, स्पष्ट सोच और बेहतरीन तैयारी का परिणाम थी। सबसे पहले विराट कोहली ने उस विश्वास का जिक्र किया, जिसने पूरी टीम को पूरे सीजन आगे बढ़ाया।
कोहली ने कहा, 'मैंने कुछ खिलाड़ियों से कहा था कि इस बार पिछले साल जैसा दबाव महसूस नहीं हो रहा। हमें पता था कि हमारी टीम में कितनी क्षमता है। हमने लीग चरण में शीर्ष स्थान हासिल किया था और इसकी एक वजह थी। हमने सिर्फ एक बात कही थी कि अगर हम अपनी क्रिकेट खेलें और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करें, तो हम इस प्रतियोगिता की सबसे बेहतरीन टीम हैं। आज फिर खिलाड़ियों का कौशल, उनकी परिपक्वता और संयम दिखा और यह एक पेशेवर प्रदर्शन था।'
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कोहली ने कहा, 'मैंने कुछ खिलाड़ियों से कहा था कि इस बार पिछले साल जैसा दबाव महसूस नहीं हो रहा। हमें पता था कि हमारी टीम में कितनी क्षमता है। हमने लीग चरण में शीर्ष स्थान हासिल किया था और इसकी एक वजह थी। हमने सिर्फ एक बात कही थी कि अगर हम अपनी क्रिकेट खेलें और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करें, तो हम इस प्रतियोगिता की सबसे बेहतरीन टीम हैं। आज फिर खिलाड़ियों का कौशल, उनकी परिपक्वता और संयम दिखा और यह एक पेशेवर प्रदर्शन था।'
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कठिन दौर में भी नहीं टूटा विश्वास
कोहली ने माना कि सीजन के बीच में टीम को कुछ मुश्किल मुकाबलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास नहीं खोया। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो ब्रेक के बाद हमें एक हार मिली थी और मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक करीबी मुकाबला जीता था। वह सप्ताह हमारे लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण था क्योंकि हम शीर्ष स्थान पर रहना चाहते थे। लेकिन जैसे ही हमने मुंबई के खिलाफ जीत दर्ज की, विश्वास वापस आ गया। उसके बाद हमने कोलकाता के खिलाफ शानदार जीत हासिल की और फिर फाइनल तक का सफर तय किया।'
टीम की गहराई पर बात करते हुए कोहली ने कहा, 'यह अद्भुत अनुभव है। हमें इतने लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन अब हमारे पास ऐसा समूह है जिसमें मैदान पर उतरते समय यह महसूस नहीं होता कि हर बार मुझे ही मैच जिताना होगा। मेरे आसपास ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी दिन मैच जिता सकते हैं। हेजलवुड, भुवनेश्वर, डफी, क्रुणाल, रासिख और बाकी खिलाड़ियों ने पूरे सीजन शानदार योगदान दिया। इसी वजह से हम एक संतुलित और मजबूत टीम बन पाए हैं।'
कोहली ने माना कि सीजन के बीच में टीम को कुछ मुश्किल मुकाबलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास नहीं खोया। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो ब्रेक के बाद हमें एक हार मिली थी और मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक करीबी मुकाबला जीता था। वह सप्ताह हमारे लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण था क्योंकि हम शीर्ष स्थान पर रहना चाहते थे। लेकिन जैसे ही हमने मुंबई के खिलाफ जीत दर्ज की, विश्वास वापस आ गया। उसके बाद हमने कोलकाता के खिलाफ शानदार जीत हासिल की और फिर फाइनल तक का सफर तय किया।'
टीम की गहराई पर बात करते हुए कोहली ने कहा, 'यह अद्भुत अनुभव है। हमें इतने लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन अब हमारे पास ऐसा समूह है जिसमें मैदान पर उतरते समय यह महसूस नहीं होता कि हर बार मुझे ही मैच जिताना होगा। मेरे आसपास ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी दिन मैच जिता सकते हैं। हेजलवुड, भुवनेश्वर, डफी, क्रुणाल, रासिख और बाकी खिलाड़ियों ने पूरे सीजन शानदार योगदान दिया। इसी वजह से हम एक संतुलित और मजबूत टीम बन पाए हैं।'
'हम ट्रॉफी बचाने नहीं, उस पर हमला करने उतरे थे'
विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने टीम की मानसिकता को जीत का सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, 'जैसा कि मो बोबाट पहले ही कह चुके थे, हम ट्रॉफी बचाने नहीं बल्कि ट्रॉफी पर हमला करने उतरे थे। हम कुछ हासिल करना चाहते थे। इसी वजह से हमारी सोच बदल गई थी। हम रक्षात्मक नहीं थे, हम दबाव में नहीं थे कि खिताब बचाना है। हम सिर्फ जीतने के लिए खेले।'
टीम प्रबंधन की तारीफ करते हुए जितेश ने कहा, 'इसका पूरा श्रेय मैनेजमेंट को जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों को जिस तरह का माहौल दिया, वही हमारी ताकत बना। मैं 32 साल का हूं, लेकिन जिस तरह डीके अन्ना ने मेरा ध्यान रखा और जब मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा था तब मो ने मेरा समर्थन किया, उससे टीम में अपनी पहचान मिलती है। यहां यह नहीं देखा जाता कि आप कितने बड़े खिलाड़ी हैं। अगर आप अच्छे इंसान हैं और टीम के लिए कुछ कर सकते हैं, तो आपको सम्मान दिया जाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमें पता था कि हमारी टीम बहुत मजबूत है, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा कि दूसरी टीमें क्या कर रही हैं। हमारा पूरा ध्यान सिर्फ एक मैच पर, उस मैच की रणनीति पर और उसे लागू करने पर था।'
विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने टीम की मानसिकता को जीत का सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, 'जैसा कि मो बोबाट पहले ही कह चुके थे, हम ट्रॉफी बचाने नहीं बल्कि ट्रॉफी पर हमला करने उतरे थे। हम कुछ हासिल करना चाहते थे। इसी वजह से हमारी सोच बदल गई थी। हम रक्षात्मक नहीं थे, हम दबाव में नहीं थे कि खिताब बचाना है। हम सिर्फ जीतने के लिए खेले।'
टीम प्रबंधन की तारीफ करते हुए जितेश ने कहा, 'इसका पूरा श्रेय मैनेजमेंट को जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों को जिस तरह का माहौल दिया, वही हमारी ताकत बना। मैं 32 साल का हूं, लेकिन जिस तरह डीके अन्ना ने मेरा ध्यान रखा और जब मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा था तब मो ने मेरा समर्थन किया, उससे टीम में अपनी पहचान मिलती है। यहां यह नहीं देखा जाता कि आप कितने बड़े खिलाड़ी हैं। अगर आप अच्छे इंसान हैं और टीम के लिए कुछ कर सकते हैं, तो आपको सम्मान दिया जाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमें पता था कि हमारी टीम बहुत मजबूत है, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा कि दूसरी टीमें क्या कर रही हैं। हमारा पूरा ध्यान सिर्फ एक मैच पर, उस मैच की रणनीति पर और उसे लागू करने पर था।'
'पर्पल कैप छोड़ दूंगा, लेकिन ट्रॉफी नहीं'
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम की सफलता में योजना और आत्मविश्वास को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए ट्रॉफी सबसे महत्वपूर्ण है। मैं पर्पल कैप को ट्रॉफी के लिए छोड़ सकता हूं। सीजन अच्छा रहा क्योंकि हमने पहले से काफी योजना बनाई थी। जब आप विकेट लेते हैं तो आत्मविश्वास बढ़ता है। बड़े मुकाबले में उतरते समय पिछली सफलताएं आपको भरोसा देती हैं। फाइनल में हम अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर थे और हमें यही चाहिए था।'
'विराट के साथ बल्लेबाजी करते समय घबराने की जरूरत नहीं'
देवदत्त पडिक्कल ने विराट कोहली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'यह सफर शानदार रहा है। इस टीम के साथ बल्लेबाजी करना खास अनुभव है। जब आपके आसपास इतने अच्छे खिलाड़ी हों तो आप खुद भी बेहतर बन जाते हैं। हमारे गेंदबाज पूरे सीजन अविश्वसनीय रहे। उन्होंने हर योजना पर बारीकी से काम किया और उसे मैदान पर लागू भी किया।' उन्होंने आगे कहा, 'जब विकेट गिर रहे थे तो वेंकी ने मुझसे पूछा कि क्या मैं घबराया हुआ हूं। लेकिन जब विराट कोहली बीच में बल्लेबाजी कर रहे हों तो घबराने की जरूरत नहीं होती। उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और रन बनाने की उनकी भूख अविश्वसनीय है।'
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम की सफलता में योजना और आत्मविश्वास को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए ट्रॉफी सबसे महत्वपूर्ण है। मैं पर्पल कैप को ट्रॉफी के लिए छोड़ सकता हूं। सीजन अच्छा रहा क्योंकि हमने पहले से काफी योजना बनाई थी। जब आप विकेट लेते हैं तो आत्मविश्वास बढ़ता है। बड़े मुकाबले में उतरते समय पिछली सफलताएं आपको भरोसा देती हैं। फाइनल में हम अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर थे और हमें यही चाहिए था।'
'विराट के साथ बल्लेबाजी करते समय घबराने की जरूरत नहीं'
देवदत्त पडिक्कल ने विराट कोहली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'यह सफर शानदार रहा है। इस टीम के साथ बल्लेबाजी करना खास अनुभव है। जब आपके आसपास इतने अच्छे खिलाड़ी हों तो आप खुद भी बेहतर बन जाते हैं। हमारे गेंदबाज पूरे सीजन अविश्वसनीय रहे। उन्होंने हर योजना पर बारीकी से काम किया और उसे मैदान पर लागू भी किया।' उन्होंने आगे कहा, 'जब विकेट गिर रहे थे तो वेंकी ने मुझसे पूछा कि क्या मैं घबराया हुआ हूं। लेकिन जब विराट कोहली बीच में बल्लेबाजी कर रहे हों तो घबराने की जरूरत नहीं होती। उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और रन बनाने की उनकी भूख अविश्वसनीय है।'
हेजलवुड ने की टीम संस्कृति की तारीफ
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा, 'यह उपलब्धि मेरे करियर की सबसे खास उपलब्धियों में से एक है। पिछले साल पहली ट्रॉफी जीतने के लिए हमें लंबा इंतजार करना पड़ा था। भुवनेश्वर ने लगभग हर मैच में नई गेंद से विकेट दिलाए और टीम को शानदार शुरुआत दी। फ्रेंचाइजी ने इस टीम को बेहद खूबसूरती से तैयार किया है। सपोर्ट स्टाफ शानदार रहा है। हर तीन साल में टीम बदल जाती है, ऐसे में मजबूत संस्कृति बनाना आसान नहीं होता।'
पांचवीं ट्रॉफी के बाद भावुक हुए क्रुणाल
क्रुणाल पांड्या ने अपनी पांचवीं आईपीएल ट्रॉफी को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा, 'हर आईपीएल ट्रॉफी खास होती है। यह बच्चों की तरह है, आप किसी एक को सबसे ज्यादा पसंद नहीं कर सकते क्योंकि हर ट्रॉफी बहुत मेहनत से हासिल होती है। 11 साल में पांच ट्रॉफियां जीतना मेरे लिए बेहद खास है।'
आरसीबी की सफलता पर उन्होंने कहा, 'मो बोबाट, एंडी फ्लावर, दिनेश कार्तिक, मलोलन और ओमकार साल्वी सहित पूरे सपोर्ट स्टाफ को श्रेय जाता है। उन्होंने नीलामी से पहले जिस तरह तैयारी की और जिस संतुलन के साथ टीम बनाई, वह शानदार था। कई बार आधी लड़ाई नीलामी में ही जीत ली जाती है। उन्होंने अपना काम किया और फिर मैदान पर प्रदर्शन करना हमारी जिम्मेदारी थी।'
फैंस और कोहली के बारे में बात करते हुए क्रुणाल ने कहा, '18 साल इंतजार करने के बाद लगातार दो ट्रॉफियां जीतना अविश्वसनीय है। यह जीत आरसीबी के प्रशंसकों के लिए है, जिन्होंने हर जगह हमारा समर्थन किया। और विराट के लिए भी यह बहुत खास है कि 18वें और 19वें सीजन में टीम ने लगातार दो खिताब जीते।'
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा, 'यह उपलब्धि मेरे करियर की सबसे खास उपलब्धियों में से एक है। पिछले साल पहली ट्रॉफी जीतने के लिए हमें लंबा इंतजार करना पड़ा था। भुवनेश्वर ने लगभग हर मैच में नई गेंद से विकेट दिलाए और टीम को शानदार शुरुआत दी। फ्रेंचाइजी ने इस टीम को बेहद खूबसूरती से तैयार किया है। सपोर्ट स्टाफ शानदार रहा है। हर तीन साल में टीम बदल जाती है, ऐसे में मजबूत संस्कृति बनाना आसान नहीं होता।'
पांचवीं ट्रॉफी के बाद भावुक हुए क्रुणाल
क्रुणाल पांड्या ने अपनी पांचवीं आईपीएल ट्रॉफी को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा, 'हर आईपीएल ट्रॉफी खास होती है। यह बच्चों की तरह है, आप किसी एक को सबसे ज्यादा पसंद नहीं कर सकते क्योंकि हर ट्रॉफी बहुत मेहनत से हासिल होती है। 11 साल में पांच ट्रॉफियां जीतना मेरे लिए बेहद खास है।'
आरसीबी की सफलता पर उन्होंने कहा, 'मो बोबाट, एंडी फ्लावर, दिनेश कार्तिक, मलोलन और ओमकार साल्वी सहित पूरे सपोर्ट स्टाफ को श्रेय जाता है। उन्होंने नीलामी से पहले जिस तरह तैयारी की और जिस संतुलन के साथ टीम बनाई, वह शानदार था। कई बार आधी लड़ाई नीलामी में ही जीत ली जाती है। उन्होंने अपना काम किया और फिर मैदान पर प्रदर्शन करना हमारी जिम्मेदारी थी।'
फैंस और कोहली के बारे में बात करते हुए क्रुणाल ने कहा, '18 साल इंतजार करने के बाद लगातार दो ट्रॉफियां जीतना अविश्वसनीय है। यह जीत आरसीबी के प्रशंसकों के लिए है, जिन्होंने हर जगह हमारा समर्थन किया। और विराट के लिए भी यह बहुत खास है कि 18वें और 19वें सीजन में टीम ने लगातार दो खिताब जीते।'
हेडन ने युवा प्रतिभाओं की भी सराहना की
गुजरात टाइटंस के मेंटर मैथ्यू हेडन ने आरसीबी की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा, 'हम पावरप्ले में लय हासिल नहीं कर सके। आरसीबी की गेंदबाजी शानदार रही। यह एक बेहद सफल फ्रेंचाइजी है और उसने मजबूत प्रशंसक वर्ग भी तैयार किया है। मुझे इस टीम की सबसे अच्छी बात यह लगती है कि यहां किसी भी काम में जल्दबाजी नहीं की जाती। परिवार जैसी संस्कृति इस फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत है।'
उन्होंने युवा खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा, 'आईपीएल की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह नई प्रतिभाओं को सामने लाता है। वैभव सूर्यवंशी जैसे असाधारण युवा खिलाड़ियों को खेलते देखना रोमांचक है। मैं सभी युवा खिलाड़ियों से कहूंगा कि खेलते रहिए और अपने नायकों से सीखते रहिए।'
गुजरात टाइटंस के मेंटर मैथ्यू हेडन ने आरसीबी की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा, 'हम पावरप्ले में लय हासिल नहीं कर सके। आरसीबी की गेंदबाजी शानदार रही। यह एक बेहद सफल फ्रेंचाइजी है और उसने मजबूत प्रशंसक वर्ग भी तैयार किया है। मुझे इस टीम की सबसे अच्छी बात यह लगती है कि यहां किसी भी काम में जल्दबाजी नहीं की जाती। परिवार जैसी संस्कृति इस फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत है।'
उन्होंने युवा खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा, 'आईपीएल की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह नई प्रतिभाओं को सामने लाता है। वैभव सूर्यवंशी जैसे असाधारण युवा खिलाड़ियों को खेलते देखना रोमांचक है। मैं सभी युवा खिलाड़ियों से कहूंगा कि खेलते रहिए और अपने नायकों से सीखते रहिए।'