IND vs ENG: मैच के दौरान किस विज्ञापन पर भड़के कीर्ति आजाद? BCCI से मांगा जवाब; बोले- संसद में उठाऊंगा मुद्दा
भारत और इंग्लैंड के दूसरे टी20 मैच के दौरान एडल्ट विज्ञापन दिखाए जाने पर पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने बीसीसीआई से मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे।
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मैच के दौरान कथित एडल्ट विज्ञापन दिखाए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से इस पूरे मामले की जांच करने की अपील की है।
बच्चों को लेकर कीर्ति आजाद ने क्या चिंता जताई?
कीर्ति आजाद ने कहा कि लाखों बच्चे अपने परिवार के साथ क्रिकेट मैच देखते हैं। ऐसे में मैच के दौरान इस तरह के विज्ञापन का प्रसारण गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि लाइव खेल मुकाबलों के दौरान बच्चों को ऐसे कंटेंट के संपर्क में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक एडल्ट विज्ञापन है। बच्चे अपने माता-पिता के साथ मैच देखते हैं। वे 16 साल से कम उम्र के हैं। इस देश में क्रिकेट को धर्म माना जाता है। जब मैं मैच देख रहा था, तब 44 करोड़ लोग इसे देख रहे थे और उसी दौरान एक एडल्ट ऐड दिखाया गया।
सोशल मीडिया पर कीर्ति आजाद ने क्या लिखा?
कीर्ति आजाद ने मैच के दौरान सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने लिखा कि बच्चे ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच को लाइव देख रहे हैं। क्या यह शर्म की बात नहीं है कि स्क्रीन पर ड्यूरेक्स का एक विज्ञापन आता है। बीसीसीआई इस पर ध्यान दे।
माता-पिता और बच्चों को लेकर उन्होंने क्या कहा?
पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि ऐसे विज्ञापन माता-पिता को असहज स्थिति में डाल देते हैं, क्योंकि बच्चे इनके बारे में सवाल पूछते हैं और उनकी उम्र इतनी नहीं होती कि वे इसका संदर्भ समझ सकें। उन्होंने कहा कि माता-पिता को समझ नहीं आता कि क्या करें और बच्चे पूछते हैं कि यह क्या है। इसका उनके दिमाग पर क्या असर होगा? यह बहुत बड़ा सवाल है और बीसीसीआई को इसका जवाब देना चाहिए। आखिर वे यह सब कैसे होने दे रहे हैं?
शराब और तंबाकू के विज्ञापनों का जिक्र क्यों किया?
कीर्ति आजाद ने सवाल उठाया कि जब शराब और सिगरेट से जुड़े विज्ञापनों पर प्रतिबंध है, तो फिर इस तरह के एडल्ट विज्ञापन क्यों दिखाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शराब और सिगरेट के विज्ञापन प्रतिबंधित हैं और ऐसा होना भी चाहिए। फिर एडल्ट विज्ञापन क्यों? वह भी ओवरों के बीच। मैं इसकी वैधता पर बड़ा सवाल उठाता हूं।
क्या कीर्ति आजाद इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे?
पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि सबसे पहले क्रिकेट बोर्ड को इस पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। अगर जरूरत पड़ी तो वह इस मुद्दे को आगे भी उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट बोर्ड को पहले इस मामले को देखना चाहिए। अगर जरूरत पड़ी तो मैं इसे संसद में उठाऊंगा।