क्या शशि थरूर और IPL को बेनकाब करने वाली थीं सुनंदा पुष्कर? ललित मोदी का बड़ा खुलासा; राहुल गांधी पर भी निशाना
ह्यूमैन्स ऑफ बॉम्बे शो में करिश्मा मेहता को दिए इंटरव्यू में आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने कांग्रेस, शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर से जुड़े पुराने विवादों पर कई बड़े दावे किए। मोदी ने कहा कि शशि थरूर को चुनौती देने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने सुनंदा पुष्कर की मौत और उससे पहले किए गए सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया।
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मोदी ने कहा, 'लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं भारत वापस क्यों नहीं आता। इसकी वजह यह है कि वहां की मीडिया सच जानना ही नहीं चाहती। उसे सिर्फ स्कैंडल चाहिए। हमारे यहां एक 'क्रैब मेंटैलिटी' है, जहां अगर कोई ऊपर उठता है तो लोग उसे नीचे खींचने लगते हैं। भारत में मानहानि के मामलों को लेकर भी स्थिति अलग है। कोई मीडिया संस्थान आपके बारे में गलत बातें कह दे तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना आसान नहीं है, जबकि ब्रिटेन में ऐसा करने पर भारी कीमत चुकानी पड़ती है।'
ललित मोदी ने दावा किया कि कुछ राजनेता आज भी उनके खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ राजनेता, सभी नहीं, लेकिन कुछ लोग आज भी मेरे पीछे पड़े हुए हैं। राहुल गांधी आज भी मेरे खिलाफ हैं। उस समय कुछ विपक्षी नेताओं के साथ मेरे संबंध थे और शायद उन्हें यह पसंद नहीं था।' मोदी ने आगे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस सरकार मेरे पीछे पड़ी रही। उन्होंने ब्रिटेन की सरकार को भी मेरे खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। मुझे निर्वासित कराने की कोशिश की गई क्योंकि भारत में मेरे खिलाफ कोई मामला नहीं मिल रहा था। अगर कोई मामला होता तो क्या 16 साल में वह सामने नहीं आ जाता?'
ललित मोदी ने कहा, 'मैंने आपको दुनिया का सबसे बड़ा प्रोडक्ट दिया और आप मुझ पर दो करोड़ डॉलर जैसी बेतुकी रकम लेने का आरोप लगाते हैं। जब यह लीग अरबों डॉलर कमा रही थी, तब मैं चाहूं तो इसे अपने लिए रख सकता था। मैं इसके बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) अपने नाम पर दर्ज करा सकता था। मैं सब कुछ अपने लिए कर सकता था। लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को मजबूत और सुरक्षित बनाया।'
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'मुझे भगोड़ा कैसे कहा जा सकता है?'
करिश्मा मेहता ने पूछा कि क्या आप उस दिन के बारे में बता सकते हैं, जब आपने भारत छोड़ा था? इसके जवाब में ललित मोदी ने कहा, 'मैं भारत से वैध पासपोर्ट पर गया था। मीडिया कहती है कि मैं भगोड़ा हूं और भारत छोड़कर भाग गया। ऐसा बिल्कुल नहीं है। मैंने भारत और ब्रिटेन, दोनों जगह अपने सभी मामले जीते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि जब आपके खिलाफ कोई मामला ही नहीं है तो आपको भगोड़ा कैसे कहा जा सकता है?'
'मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया'
मोदी ने कहा, 'आज तक मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया है। इंटरपोल ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। ब्रिटेन की सरकार ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। दूसरी सरकारों ने भी आपके नोटिस खारिज कर दिए। किसी व्यक्ति को अपराधी साबित करने के लिए पहले उसके अपने देश में उसके खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए, जहां कथित अपराध हुआ हो। अगर कोई अपराध हुआ है तो सामने आइए और बताइए कि वह कहां है। मैं चाहता हूं कि मुझे मेरा पासपोर्ट वापस मिले, जिसे कांग्रेस सरकार ने मुझसे ले लिया था। क्या इतने वर्षों में भी आप किसी कथित अपराध की जांच पूरी नहीं कर पाए, जबकि आपके पास सारे दस्तावेज मौजूद हैं?'
पूर्व आईपीएल कमिश्नर ने दावा किया कि उन्होंने शशि थरूर को इसलिए चुनौती दी क्योंकि वह खेल के हित में सही नहीं थे। मोदी ने कहा, 'मैंने शशि थरूर को नीचे लाया क्योंकि वह खेल के लिए सही व्यक्ति नहीं थे। उन्होंने झूठ बोला था। अगर कोई मेरी निगरानी में झूठ बोलकर पूरे सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो मैं उसे उजागर करूंगा। मैंने वही किया और इसकी कीमत मुझे चुकानी पड़ी।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने उस व्यक्ति को चुनौती दी जो कांग्रेस पार्टी का चहेता था और भारत का विदेश राज्य मंत्री था। पहले उन्होंने झूठ बोला, फिर अपनी बात स्वीकार की और उसके बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा।'
ललित मोदी ने थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत से पहले की सोशल मीडिया गतिविधियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सुनंदा पुष्कर आईपीएल और शशि थरूर से जुड़े कुछ तथ्यों का खुलासा करने वाली थीं। मोदी ने कहा, 'जिस दिन सुनंदा पुष्कर की मौत हुई, उससे पहले उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि वह आईपीएल और शशि थरूर के बारे में सब कुछ बताएंगी। मैंने भी अपने ट्विटर अकाउंट से उन्हें ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया था। वह पोस्ट आज भी सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं। फिर अचानक वह नहीं रहीं।' मोदी ने यह भी कहा कि उस समय सुनंदा पुष्कर भी सिस्टम का हिस्सा बन गई थीं।
ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने आईपीएल को एक मजबूत और पारदर्शी मॉडल के रूप में तैयार किया। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में आईपीएल में भ्रष्टाचार और फिक्सिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट में सट्टेबाजी का एक माफिया था, लेकिन मैंने न तो सट्टेबाजी को बढ़ावा दिया और न ही फिक्सिंग को। तीन साल के मेरे कार्यकाल में आपको ऐसे भ्रष्टाचार के आरोप नहीं मिलेंगे। मैंने खिलाड़ियों के एजेंटों और मैनेजरों के स्टेडियम में प्रवेश पर रोक लगाई क्योंकि मुझे बुकियों से उनके संबंधों की जानकारी थी।'
ललित मोदी ने कहा, 'आईपीएल एक मजबूत और टिकाऊ मॉडल है। इसलिए आज मुझे कम मत आंकिए और कल भी मत आंकिए। मैं यहां सिर्फ आईपीएल और भारत के हित के लिए हूं और यह लगातार आगे बढ़ता रहेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि खेलों के क्षेत्र में भारत देर-सबेर एक महाशक्ति बनेगा और इसका सबसे बड़ा कारण आईपीएल होगा। भारत की लगभग हर दूसरी खेल लीग आज आईपीएल के मॉडल का अनुसरण कर रही है, क्योंकि यह ऐसा फॉर्मूला है जिसे मैंने तैयार किया था।'
ललित मोदी ने कहा, 'लेकिन हमारे देश में मीडिया और राजनेताओं के बीच एक क्रैब मेंटैलिटी है। जो लोग कुछ नया बनाते हैं, कुछ बड़ा करते हैं, उन्हें नीचे गिराने की कोशिश की जाती है। उन्हें सिर्फ सत्ता और कुर्सी की चिंता रहती है। सोच यही रहती है कि मुझे अपनी कुर्सी बचाए रखनी है, मैं इसे छोड़ना नहीं चाहता। आपने कुछ सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान भी ऐसा देखा। ममता बनर्जी को इस्तीफा देना था, लेकिन वह कुछ दिन और पद पर बनी रहना चाहती थीं। यह एक तरह की अधिकार भावना है।' ललित मोदी के ये बयान एक बार फिर उन पुराने विवादों को चर्चा में ले आए हैं, जो वर्षों से भारतीय क्रिकेट और राजनीति के गलियारों में बहस का विषय रहे हैं।