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राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय का कमाल: 200+ के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर मचाई सनसनी; किस टूर्नामेंट में किया ऐसा?
Mon, 12 Oct 2026 04:46 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 12 Oct 2026 04:46 PM IST
सार
राहुल द्रविड़ के 17 वर्षीय बेटे अन्वय द्रविड़ ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली अंडर-19 के खिलाफ 41 गेंदों में 85 रन बनाए। उनकी पारी में पांच छक्के और सात चौके शामिल रहे। इससे पहले वह चंडीगढ़ के खिलाफ 62 गेंदों में 104 रन बना चुके हैं। कप्तानी और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे अन्वय ने भारत की अंडर-19 टीम के लिए भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
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अन्वय
- फोटो : BCCI
विस्तार
पूर्व भारतीय कप्तान और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ इन दिनों अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज से सुर्खियां बटोर रहे हैं। वीनू मांकड़ ट्रॉफी में कर्नाटक की कप्तानी कर रहे 17 वर्षीय अन्वय ने सोमवार को दिल्ली अंडर-19 के खिलाफ तूफानी पारी खेली। उन्होंने महज 41 गेंदों में 85 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में पांच छक्के और सात चौके शामिल रहे। अन्वय की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत कर्नाटक ने 49 ओवर में चार विकेट पर 418 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
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41 गेंदों में 85 रन, 207 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट
अन्वय ने दिल्ली के गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 207.32 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय ने अपनी पारी में पांच छक्के और सात चौके जड़कर कर्नाटक की पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
अन्वय की यह पारी इसलिए भी खास है, क्योंकि वह इससे पहले शनिवार को चंडीगढ़ के खिलाफ भी शानदार शतक लगा चुके थे। उस मुकाबले में उन्होंने 62 गेंदों में 104 रन बनाए थे। कर्नाटक ने वह मैच 100 रन से जीता था। लगातार दो मुकाबलों में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने दिखाया है कि वह केवल विकेट बचाकर खेलने के बजाय तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं।
अन्वय ने दिल्ली के गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 207.32 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय ने अपनी पारी में पांच छक्के और सात चौके जड़कर कर्नाटक की पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
अन्वय की यह पारी इसलिए भी खास है, क्योंकि वह इससे पहले शनिवार को चंडीगढ़ के खिलाफ भी शानदार शतक लगा चुके थे। उस मुकाबले में उन्होंने 62 गेंदों में 104 रन बनाए थे। कर्नाटक ने वह मैच 100 रन से जीता था। लगातार दो मुकाबलों में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने दिखाया है कि वह केवल विकेट बचाकर खेलने के बजाय तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं।
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ध्रुव कृष्णन ने भी ठोका शतक
दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में कर्नाटक की ओर से ध्रुव कृष्णन ने भी विस्फोटक बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 51 गेंदों में 103 रन बनाए। ध्रुव की पारी ने कर्नाटक को बड़े स्कोर की नींव दी, जबकि अन्वय ने अंत में तेजी से रन जोड़कर टीम को 400 रन के पार पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
कर्नाटक के कप्तान होने के साथ अन्वय विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। मैदान पर इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता बनी हुई है। टूर्नामेंट में अब तक उनका प्रदर्शन बताता है कि वह पारी के अंतिम चरण में तेजी से रन बनाने की भूमिका को अच्छी तरह निभा रहे हैं।
दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में कर्नाटक की ओर से ध्रुव कृष्णन ने भी विस्फोटक बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 51 गेंदों में 103 रन बनाए। ध्रुव की पारी ने कर्नाटक को बड़े स्कोर की नींव दी, जबकि अन्वय ने अंत में तेजी से रन जोड़कर टीम को 400 रन के पार पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
कर्नाटक के कप्तान होने के साथ अन्वय विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। मैदान पर इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता बनी हुई है। टूर्नामेंट में अब तक उनका प्रदर्शन बताता है कि वह पारी के अंतिम चरण में तेजी से रन बनाने की भूमिका को अच्छी तरह निभा रहे हैं।
भारत की अंडर-19 टीम के लिए भी दिखा चुके हैं दम
अन्वय का प्रदर्शन केवल घरेलू आयु-वर्ग क्रिकेट तक सीमित नहीं है। उन्होंने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारत की युवा वनडे टीम के लिए खेलते हुए भी प्रभाव छोड़ा था। हंबनटोटा में सीरीज के दूसरे मुकाबले में उन्होंने 67 गेंदों में 87 रन बनाए थे। उनकी पारी में नौ चौके और एक छक्का शामिल था। हालांकि, भारत को उस मैच में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवा वनडे सीरीज में भी अन्वय ने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। राजकोट में बारिश से प्रभावित पहले मुकाबले में उन्होंने 18 गेंदों में 38 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने तीन छक्के और दो चौके लगाए। भारत ने 20 ओवर के इस मुकाबले में छह विकेट पर 182 रन बनाए और सात रन से जीत हासिल की।
अन्वय का प्रदर्शन केवल घरेलू आयु-वर्ग क्रिकेट तक सीमित नहीं है। उन्होंने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारत की युवा वनडे टीम के लिए खेलते हुए भी प्रभाव छोड़ा था। हंबनटोटा में सीरीज के दूसरे मुकाबले में उन्होंने 67 गेंदों में 87 रन बनाए थे। उनकी पारी में नौ चौके और एक छक्का शामिल था। हालांकि, भारत को उस मैच में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवा वनडे सीरीज में भी अन्वय ने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। राजकोट में बारिश से प्रभावित पहले मुकाबले में उन्होंने 18 गेंदों में 38 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने तीन छक्के और दो चौके लगाए। भारत ने 20 ओवर के इस मुकाबले में छह विकेट पर 182 रन बनाए और सात रन से जीत हासिल की।
राहुल द्रविड़ के बेटे की अपनी पहचान बनाने की कोशिश
राहुल द्रविड़ को भारतीय क्रिकेट में तकनीकी रूप से मजबूत और धैर्यवान बल्लेबाज के तौर पर जाना जाता है। वहीं, उनके बेटे अन्वय का मौजूदा प्रदर्शन आक्रामक बल्लेबाजी की झलक दिखा रहा है। हालांकि, अभी उनका करियर शुरुआती दौर में है और उनके सामने इस प्रदर्शन को लगातार दोहराने की चुनौती होगी।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी अन्वय के लिए अपनी प्रतिभा निखारने का अहम मंच है। कप्तानी और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालते हुए लगातार तेज पारियां खेलना उनके लिए सकारात्मक संकेत है। कर्नाटक को उनसे आगे भी बड़े स्कोर की उम्मीद होगी, जबकि अन्वय की नजर अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने पर रहेगी।
राहुल द्रविड़ को भारतीय क्रिकेट में तकनीकी रूप से मजबूत और धैर्यवान बल्लेबाज के तौर पर जाना जाता है। वहीं, उनके बेटे अन्वय का मौजूदा प्रदर्शन आक्रामक बल्लेबाजी की झलक दिखा रहा है। हालांकि, अभी उनका करियर शुरुआती दौर में है और उनके सामने इस प्रदर्शन को लगातार दोहराने की चुनौती होगी।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी अन्वय के लिए अपनी प्रतिभा निखारने का अहम मंच है। कप्तानी और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालते हुए लगातार तेज पारियां खेलना उनके लिए सकारात्मक संकेत है। कर्नाटक को उनसे आगे भी बड़े स्कोर की उम्मीद होगी, जबकि अन्वय की नजर अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने पर रहेगी।