Video: अर्धशतक के बाद वैभव सूर्यवंशी ने 'A' का साइन दिखाकर क्यों मनाया जश्न? मैच के बाद राज पर से हटाया पर्दा
राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ 38 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को अहम जीत दिलाई। मैच के बाद उन्होंने कहा कि वे अपने बारे में लिखी बातें नहीं पढ़ते और उनका पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर रहता है। 15 साल के इस बल्लेबाज ने बड़ी परिपक्वता दिखाते हुए कहा कि यह उनके करियर की सिर्फ शुरुआत है। वहीं, कप्तान यशस्वी जायसवाल ने भी उनकी जमकर तारीफ की।
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दरअसल, अर्धशतक लगाने के बाद वैभव ने 'A' साइन बनाकर जश्न मनाया था। लोग हैरान रह गए कि वैभव ने ऐसा क्यों किया। सब कयास लगाने लगे कि क्या यह किसी का नाम है या फिर किसी खास की ओर इशारा कर रहे हैं? मैच के बाद जब वैभव को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया, तो कमेंटेटर मुरली कार्तिक ने उनसे पूछा कि वो सेलिब्रेशन आपने क्यों किया? इस पर 15 साल के वैभव ने मुस्कुराते हुए और बड़ी ही मासूमियत से कहा- सर, पता नहीं बस, हर मैच में कुछ नया कर देता हूं मैं। ऐसा कुछ सोच कर नहीं किया था।'
इसके बाद मुरली उन्हें बड़ी स्क्रीन पर उनके जश्न का अंदाज दिखाते हैं और पूछते हैं- क्या था ये? इस पर वैभव कहते हैं- ये सर ऐसे ही था बस। इस पर मुरली ने कहा- कुछ भी नहीं था ये? इसके पीछे कोई मीनिंग नहीं है? इस पर वैभव जवाब देते हैं- पिछले मैच में भी जो मैंने सेलिब्रेशन किया था, उसका भी कुछ भी मीनिंग नहीं था, बस मैं नया-नया कुछ ट्राय करता रहता हूं हर मैच में। इसके बाद वैभव और मुरली दोनों हंसने लगे। वैभव की मासूमियत से पता चलता है कि वह वाकई अभी 15 साल के हैं।
An entertainer on the field and even off it 😄
— IndianPremierLeague (@IPL) May 19, 2026
That's Vaibhav Sooryavanshi for you 😌
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वैभव की 93 रन की तूफानी पारी की बदौलत राजस्थान ने 221 रन का बड़ा लक्ष्य 19.1 ओवर में तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार हैं। मैच के बाद बातचीत में वैभव से यह भी पूछा गया कि क्या वह अपने बारे में लिखी जा रही बातें पढ़ते हैं। इस पर उन्होंने बेहद सादगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मैं अखबार वगैरह नहीं पढ़ता। ज्यादा कुछ नहीं देखता। मैं बस यही सोचता हूं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। अगर मेरा करियर लंबा चलता है और मैं लंबे समय तक खेलता हूं, तो लोग आगे भी बहुत कुछ कहेंगे। मेरा फोकस सिर्फ अपने खेल और अपनी यात्रा पर रहना चाहिए।' उनकी इस सोच ने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को काफी प्रभावित किया है।
वैभव ने अपनी पारी की शुरुआत संभलकर की थी। उन्होंने पहली 12 गेंदों में सिर्फ 11 रन बनाए, लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और सिर्फ 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उन्होंने बताया, 'मैंने सोचा था कि शुरुआत में ज्यादा जल्दबाजी नहीं करूंगा। विकेट अच्छा लग रहा था और अगर मैं लंबे समय तक बल्लेबाजी करूंगा तो दूसरे बल्लेबाज को भी मदद मिलेगी। मुझे भरोसा था कि मैं कभी भी दो-तीन चौके या छक्के लगा सकता हूं, इसलिए शांत रहकर मैच अंत तक ले जाने की कोशिश कर रहा था।'
राजस्थान के कप्तान यशस्वी जायसवाल ने भी अपने युवा साथी की तारीफ करते हुए कहा, 'वैभव ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने मैच खत्म कर दिया। हमने बात की थी कि हम दोनों में से एक बल्लेबाज आखिर तक टिकेगा और वैभव ने वही किया।' अब राजस्थान रॉयल्स की नजर अपने आखिरी लीग मुकाबले पर है, जहां जीत उन्हें सीधे प्लेऑफ में पहुंचा सकती है। राजस्थान का आखिरी लीग मैच 24 मई को मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े में है।