IND W vs Eng W Test: लॉर्ड्स में अब तक महिला टेस्ट क्यों नहीं हुआ? मुख्य कोच ने मुकाबले से पहले जताई हैरानी
भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में होने वाले ऐतिहासिक महिला टेस्ट से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के इस प्रतिष्ठित मैदान पर अब तक महिला टेस्ट नहीं खेला जाना हैरानी की बात है।
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भारत की महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि पुरुष टेस्ट की मेजबानी शुरू होने के 142 साल बाद भी लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट अब जाकर खेला जा रहा है। भारत और इंग्लैंड के बीच शुक्रवार से इस ऐतिहासिक मैदान पर एकमात्र टेस्ट मुकाबला खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले लॉर्ड्स में पहली बार महिला टेस्ट होने को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
मुकाबले को लेकर अमोल मजूमदार ने क्या कहा?
मजूमदार ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है और पूरी टीम इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सोचकर ही हैरानी होती है कि लॉर्ड्स में यह पहला महिला टेस्ट मैच है। यह बेहद खास मौका है और इससे जुड़े सभी लोगों को मेरी शुभकामनाएं।
लॉर्ड्स में टेस्ट खेलना कितना खास है?
मुख्य कोच ने कहा कि किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सपना टेस्ट क्रिकेट खेलना होता है और लॉर्ड्स में टेस्ट खेलने का अवसर उसे और भी खास बना देता है। उन्होंने बताया कि टीम के ड्रेसिंग रूम में टी20 विश्व कप शुरू होने से पहले ही लॉर्ड्स टेस्ट को लेकर चर्चा होने लगी थी। खिलाड़ियों में इस मुकाबले को लेकर खासा उत्साह है।
टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद टीम की तैयारी कैसी रही?
टी20 विश्व कप से जल्दी बाहर होने के बाद भारतीय टीम ने वॉर्म्सले क्रिकेट ग्राउंड पर लाल गेंद से अभ्यास किया। भारत ने अपना पिछला महिला टेस्ट इसी साल मार्च में खेला था, जबकि उससे पहले पूरे साल कोई टेस्ट नहीं खेला गया था। मजूमदार ने कहा कि टी20 विश्व कप में जो हुआ उसे बदला नहीं जा सकता। अब पूरा ध्यान आगामी टेस्ट मैच की तैयारी पर है और सभी खिलाड़ी इस मुकाबले के लिए उत्साहित हैं।
अमोल मजूमदार ने बताया कि 1996 में वह लॉर्ड्स पहुंचे थे, जहां उन्होंने सौरव गांगुली का शतक और राहुल द्रविड़ का टेस्ट पदार्पण देखा था। उन्होंने कहा कि उस समय वह यॉर्कशायर में खेल रहे थे और खास तौर पर यह टेस्ट देखने आए थे। गांगुली की शानदार पारी आज भी उनकी यादों में ताजा है।
महिला टेस्ट क्रिकेट को लेकर क्या बोले मजूमदार?
मुख्य कोच ने कहा कि लाल गेंद का क्रिकेट हमेशा अलग चुनौती और रोमांच लेकर आता है। चार दिन के टेस्ट में 100 ओवर फेंकने होते हैं और खिलाड़ियों की अलग क्षमता की परीक्षा होती है। उन्होंने महिला क्रिकेट में ज्यादा टेस्ट मुकाबले कराने की भी वकालत करते हुए कहा कि टेस्ट क्रिकेट की अपनी अलग पहचान और महत्व हमेशा बना रहेगा।