IND vs ENG: चौथे टी20 में जीत के लिए टीम इंडिया को क्या बदलना होगा? ये तीन गलतियां सुधारना होगा बेहद जरूरी
इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी टीम इंडिया के सामने करो या मरो की चुनौती है। ब्रिस्टल में होने वाले चौथे मुकाबले में जीत दर्ज करनी है तो भारतीय टीम को अपनी तीन बड़ी कमजोरियों पर तुरंत काम करना होगा।
विस्तार
पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 0-2 से पिछड़ रही भारतीय टीम गुरुवार को चौथे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड से भिड़ेगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेला जाना है। भारतीय टीम को अगर सीरीज में पहली जीत दर्ज करनी है और इंग्लैंड को सीरीज जीतने से रोकना है, तो अपनी तीन बड़ी गलतियों को तुरंत सुधारना होगा।
बल्लेबाजी क्रम में लगातार फेरबदल करना टीम इंडिया को क्यों पड़ रहा है भारी?
भारतीय टीम को बल्लेबाजी क्रम (बैटिंग ऑर्डर) में लगातार फेरबदल करना काफी महंगा पड़ा है। तीसरे टी20आई में भी तिलक वर्मा से ऊपर बल्लेबाजी करने के लिए अक्षर पटेल को भेजा गया था, जबकि ऑलराउंडर शिवम दुबे से पहले बैटिंग करने तेज गेंदबाज हर्षित राणा पहुंचे थे। यह अजीब फेरबदल टीम इंडिया को खासा भारी पड़ा था और पूरी टीम महज 76 रन बनाकर ढेर हो गई थी। बैटिंग ऑर्डर में लगातार हो रहे बदलावों के कारण बल्लेबाजों को मैदान पर अपने रोल समझने में साफतौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
तेज गेंदबाजों को अधिक जिम्मेदारी क्यों उठानी होगी?
अगर भारत को सीरीज में वापसी करनी है तो तेज गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने अब तक परिस्थितियों का शानदार फायदा उठाया है, लेकिन भारतीय पेस अटैक ऐसा करने में सफल नहीं रहा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में तेज गेंदबाज अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। तीसरे टी20 में भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर प्रिंस यादव को छोड़कर बाकी गेंदबाज असरदार प्रदर्शन नहीं कर सके। अर्शदीप सिंह ने इस सीरीज में अब तक सिर्फ तीन विकेट लिए हैं और उनका इकोनॉमी रेट 9.50 रहा है। वहीं, हर्षित राणा भी 10 की इकोनॉमी से रन लुटा चुके हैं।
मिडिल ऑर्डर को जिम्मेदारी क्यों निभानी होगी?
भारतीय टीम के लिए शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा ने अच्छी बल्लेबाजी की है, लेकिन मिडिल ऑर्डर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है। कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और अक्षर पटेल बल्ले से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। ईशान किशन भी बड़ी पारी नहीं खेल सके हैं। अगर टीम इंडिया चौथे टी20 में इंग्लैंड को सीरीज जीतने से रोकना चाहती है, तो मध्यक्रम के बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करनी होगी और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाना होगा।
वैभव-सैमसन दोनों होंगे प्लेइंग-11 का हिस्सा?
टीम चयन को लेकर सबसे बड़ा सवाल संजू सैमसन को लेकर है। उन्हें दूसरे और तीसरे टी20 से बाहर कर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया था। इस युवा खिलाड़ी का प्रदर्शन अब तक टीम के बाकी खिलाड़ियों से न तो खराब रहा है और न ही बहुत अच्छा। चूंकि टीम अभी 0-2 से पीछे चल रही है इसलिए भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने सैमसन की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया है। तीसरे टी20 में करारी हार के बाद ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम के बाहर प्रशंसकों ने ‘वी वांट संजू’ (हमें संजू टीम में चाहिए) के नारे लगाए।
अब सलामी बल्लेबाजी जोड़ी को छेड़े बिना सैमसन को टीम में शामिल करने और सूर्यवंशी को बिना किसी दबाव के अपना हुनर दिखाने का मौका देने के लिए मध्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन की जगह पक्की मानी जा रही है क्योंकि प्रबंधन को उनकी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी शैली पर भरोसा है, लेकिन उपकप्तान तिलक वर्मा की जगह पर सवाल उठ सकते हैं। अब देखना यह है कि क्या भारत अपनी किस्मत को बदलने के लिए बदले हुए बल्लेबाजी क्रम के साथ सैमसन पर भरोसा करेगा। इस स्थिति में तिलक प्लेइंग-11 से बाहर हो सकते हैं और सैमसन को उनके स्थान पर उतारा जा सकता है।
इस मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:
भारत: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा/संजू सैमसन, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव।
इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बेंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉवसन, जोश टंग, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर।