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IND vs ZIM: जिम्बाब्वे के पास भारत को चौंकाने का दमखम! चेन्नई की काली मिट्टी पर ये होंगे उनके सबसे बड़े हथियार
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 26 Feb 2026 02:03 PM IST
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सार
सुपर-8 में भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे अपनी गेंदबाजी की विविधता पर भरोसा जता रहा है। ब्लेसिंग मुजारबानी की लंबाई और उछाल, सिकंदर रजा की मिस्ट्री स्पिन और तीन तेज गेंदबाजों का संयोजन टीम की ताकत है। रेयान बर्ल का मानना है कि बड़े मुकाबलों का अनुभव और सही मैच-अप उन्हें भारत को चौंकाने का मौका दे सकता है।
जिम्बाब्वे बनाम भारत सुपर-8 मुकाबला
- फोटो : IANS
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विस्तार
टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में जिम्बाब्वे की नजर भारत को चौंकाने पर है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के पावर-हिटर्स के सामने जिम्बाब्वे की गेंदबाजी बिखर गई थी, लेकिन टीम को चेन्नई में भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। ऑलराउंडर रेयान बर्ल का मानना है कि उनकी गेंदबाजी आक्रमण की विविधता भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बड़ा अंतर पैदा कर सकती है। चेन्नई की काली मिट्टी वाली पिच पर टीम मैनेजमेंट सही संयोजन की तलाश में है।
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ब्लेसिंग मुजरबानी
- फोटो : ANI
पेस और स्पिन का अनोखा मिश्रण
रिचर्ड नगारा के फिट होकर लौटने से जिम्बाब्वे के पास अब तीन लंबे कद के तेज गेंदबाज हैं, जिनकी अगुआई ब्लेसिंग मुजारबानी कर रहे हैं। इसके अलावा टीम के पास स्पिन के लगभग सभी विकल्प मौजूद हैं। इनमें ग्रेम क्रेमर की लेग स्पिन, सिकंदर रजा की ऑफ स्पिन और मिस्ट्री स्पिन और वेलिंगटन मसाकाद्जा की बाएं हाथ की फिंगर स्पिन शामिल हैं।
रेयान बर्ल ने कहा, 'हमारे पास कई विकल्प हैं और यही जिम्बाब्वे लाइन-अप का बड़ा फायदा है। हमारे पास लेफ्ट-आर्म सीमर्स हैं, राइट-आर्म सीमर्स हैं, लेग स्पिनर हैं, ऑफ स्पिनर हैं। काफी गहराई है और यह मैच-अप पर निर्भर करेगा कि सामने कौन बल्लेबाज है और हम किस संयोजन के साथ उतरते हैं।' भारत की टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, ऐसे में वेलिंगटन को बाहर बैठना पड़ सकता है, लेकिन सिकंदर रजा नई गेंद से अहम भूमिका निभा सकते हैं।
रिचर्ड नगारा के फिट होकर लौटने से जिम्बाब्वे के पास अब तीन लंबे कद के तेज गेंदबाज हैं, जिनकी अगुआई ब्लेसिंग मुजारबानी कर रहे हैं। इसके अलावा टीम के पास स्पिन के लगभग सभी विकल्प मौजूद हैं। इनमें ग्रेम क्रेमर की लेग स्पिन, सिकंदर रजा की ऑफ स्पिन और मिस्ट्री स्पिन और वेलिंगटन मसाकाद्जा की बाएं हाथ की फिंगर स्पिन शामिल हैं।
रेयान बर्ल ने कहा, 'हमारे पास कई विकल्प हैं और यही जिम्बाब्वे लाइन-अप का बड़ा फायदा है। हमारे पास लेफ्ट-आर्म सीमर्स हैं, राइट-आर्म सीमर्स हैं, लेग स्पिनर हैं, ऑफ स्पिनर हैं। काफी गहराई है और यह मैच-अप पर निर्भर करेगा कि सामने कौन बल्लेबाज है और हम किस संयोजन के साथ उतरते हैं।' भारत की टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, ऐसे में वेलिंगटन को बाहर बैठना पड़ सकता है, लेकिन सिकंदर रजा नई गेंद से अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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सिकंदर रजा
- फोटो : Twitter
फिट हुए रजा, मुजारबानी बने तुरुप का इक्का
वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में सिकंदर रजा की अंगुली पर चोट लगी थी, लेकिन अब उन्हें भारत के खिलाफ मैच के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। अभ्यास सत्र में उन्होंने बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी और बल्लेबाजी की। वहीं, ब्लेसिंग मुजारबानी इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे के सबसे बड़े हथियार बनकर उभरे हैं। छह फुट नौ इंच लंबे मुजारबानी अपनी ऊंचाई और अतिरिक्त उछाल से बल्लेबाजों के लिए चुनौती खड़ी कर रहे हैं। वानखेड़े में 254 रन देने के बावजूद उन्होंने चार ओवर में 42 रन देकर दो विकेट लिए। अब तक चार पारियों में वह 11 विकेट ले चुके हैं और टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वालों में शामिल हैं।
बर्ल ने मुजारबानी की तारीफ करते हुए कहा, 'छह फुट नौ इंच का कद मदद करता है, लेकिन असली श्रेय ब्लेसिंग को जाता है। वह टूर्नामेंट से पहले चार से छह महीने तक पीठ की चोट से बाहर थे। उनके मन में भी संदेह थे, लेकिन जिस तरह की सफलता उन्हें मिली है, वह अद्भुत है। मैं खुश हूं कि वह हमारी टीम में हैं, विपक्ष में नहीं।'
वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में सिकंदर रजा की अंगुली पर चोट लगी थी, लेकिन अब उन्हें भारत के खिलाफ मैच के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। अभ्यास सत्र में उन्होंने बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी और बल्लेबाजी की। वहीं, ब्लेसिंग मुजारबानी इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे के सबसे बड़े हथियार बनकर उभरे हैं। छह फुट नौ इंच लंबे मुजारबानी अपनी ऊंचाई और अतिरिक्त उछाल से बल्लेबाजों के लिए चुनौती खड़ी कर रहे हैं। वानखेड़े में 254 रन देने के बावजूद उन्होंने चार ओवर में 42 रन देकर दो विकेट लिए। अब तक चार पारियों में वह 11 विकेट ले चुके हैं और टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वालों में शामिल हैं।
बर्ल ने मुजारबानी की तारीफ करते हुए कहा, 'छह फुट नौ इंच का कद मदद करता है, लेकिन असली श्रेय ब्लेसिंग को जाता है। वह टूर्नामेंट से पहले चार से छह महीने तक पीठ की चोट से बाहर थे। उनके मन में भी संदेह थे, लेकिन जिस तरह की सफलता उन्हें मिली है, वह अद्भुत है। मैं खुश हूं कि वह हमारी टीम में हैं, विपक्ष में नहीं।'
ग्रेम क्रेमर
- फोटो : graemecremer30 (instagram)
बड़े मुकाबलों का अनुभव बना ताकत
जिम्बाब्वे हाल के वर्षों में मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार खेलता रहा है। 2025 में उसने लगभग ऑस्ट्रेलिया जितने टेस्ट मैच खेले और श्रीलंका को दो टी20 मुकाबलों में हराया। बर्ल ने कहा, 'मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार खेलने से हमें फायदा हुआ है। हमारे खिलाड़ी एक अच्छे ब्लूप्रिंट और प्रक्रिया को फॉलो कर रहे हैं। लेकिन आखिर में मैच के दिन प्रदर्शन करना जरूरी होता है। यह सब चीजों का मेल है और अब हमें उसका फायदा मिल रहा है।'
चेन्नई की पिच पर नजर
चेन्नई की काली मिट्टी की पिच स्पिनरों को मदद दे सकती है। ऐसे में जिम्बाब्वे का स्पिन आक्रमण भारत के बल्लेबाजों की परीक्षा ले सकता है। हालांकि भारत की बल्लेबाजी गहराई और अनुभव जिम्बाब्वे के लिए बड़ी चुनौती होगी। फिर भी जिम्बाब्वे आत्मविश्वास से भरा है और उसे भरोसा है कि सही संयोजन के साथ वह भारत को कड़ी टक्कर दे सकता है।
जिम्बाब्वे हाल के वर्षों में मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार खेलता रहा है। 2025 में उसने लगभग ऑस्ट्रेलिया जितने टेस्ट मैच खेले और श्रीलंका को दो टी20 मुकाबलों में हराया। बर्ल ने कहा, 'मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार खेलने से हमें फायदा हुआ है। हमारे खिलाड़ी एक अच्छे ब्लूप्रिंट और प्रक्रिया को फॉलो कर रहे हैं। लेकिन आखिर में मैच के दिन प्रदर्शन करना जरूरी होता है। यह सब चीजों का मेल है और अब हमें उसका फायदा मिल रहा है।'
चेन्नई की पिच पर नजर
चेन्नई की काली मिट्टी की पिच स्पिनरों को मदद दे सकती है। ऐसे में जिम्बाब्वे का स्पिन आक्रमण भारत के बल्लेबाजों की परीक्षा ले सकता है। हालांकि भारत की बल्लेबाजी गहराई और अनुभव जिम्बाब्वे के लिए बड़ी चुनौती होगी। फिर भी जिम्बाब्वे आत्मविश्वास से भरा है और उसे भरोसा है कि सही संयोजन के साथ वह भारत को कड़ी टक्कर दे सकता है।