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Dehradun News: आयुष्मान योजना से उत्तराखंड के 2358 आरोग्य मंदिर बने मजबूत
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- हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
देहररादून। केंद्र की आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत देशभर में 1.83 लाख में से उत्तराखंड के 2358 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को मजबूत बनाया गया है। वहीं, प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में 30 हजार, पर्वतीय क्षेत्रों में 20 हजर की आबादी पर एक पीएचसी स्थापित करने का प्रावधान है।
त्रिवेंद्र के सवाल का लिखित जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि देशभर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। राज्यों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा सेवाओं के विस्तार के लिए अनुमोदन दिया जाता है।
मंत्री जाधव ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 30,000 (मैदानी) और 20,000 (पर्वतीय) आबादी पर एक पीएचसी और 1.20 लाख (मैदानी) और 80,000 (पर्वतीय) आबादी पर एक सीएचसी स्थापित करने का प्रावधान है।
केंद्र सरकार की आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के अंतर्गत देशभर में 1.83 लाख स्वास्थ्य केंद्र सुदृढ़ किए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड के 2,358 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को निवारक, उपचारात्मक और पुनर्वास संबंधी व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में पीएचसी झबरेड़ा और पीएचसी बालावाला का उन्नयन कर उन्हें सीएचसी बनाया गया है। डोईवाला स्थित सीएचसी को उप-जिला अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तराखंड को वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कुल 797.09 करोड़ का स्वास्थ्य अनुदान स्वीकृत किया गया है।
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देहररादून। केंद्र की आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत देशभर में 1.83 लाख में से उत्तराखंड के 2358 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को मजबूत बनाया गया है। वहीं, प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में 30 हजार, पर्वतीय क्षेत्रों में 20 हजर की आबादी पर एक पीएचसी स्थापित करने का प्रावधान है।
त्रिवेंद्र के सवाल का लिखित जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि देशभर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। राज्यों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा सेवाओं के विस्तार के लिए अनुमोदन दिया जाता है।
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मंत्री जाधव ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 30,000 (मैदानी) और 20,000 (पर्वतीय) आबादी पर एक पीएचसी और 1.20 लाख (मैदानी) और 80,000 (पर्वतीय) आबादी पर एक सीएचसी स्थापित करने का प्रावधान है।
केंद्र सरकार की आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के अंतर्गत देशभर में 1.83 लाख स्वास्थ्य केंद्र सुदृढ़ किए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड के 2,358 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को निवारक, उपचारात्मक और पुनर्वास संबंधी व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में पीएचसी झबरेड़ा और पीएचसी बालावाला का उन्नयन कर उन्हें सीएचसी बनाया गया है। डोईवाला स्थित सीएचसी को उप-जिला अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तराखंड को वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कुल 797.09 करोड़ का स्वास्थ्य अनुदान स्वीकृत किया गया है।