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Uttarakhand: बदरीनाथ में सूखने लगी शेषनेत्र झील, बारिश में भी नहीं बढ़ा जलस्तर, मामले का पीएमओ ने लिया संज्ञान

Fri, 14 Aug 2026 02:36 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर (चमोली) Published by: Renu Saklani Updated Fri, 14 Aug 2026 02:36 PM IST
सार

बदरीनाथ में शेषनेत्र झील सूखने लगी है। झील में पानी कम होने के साथ ही बड़ी मात्रा में गाद जमा होने की स्थिति सामने आई। इसके बाद पीएमओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए शासन से जानकारी मांगी।

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Badrinath  Sheshnetra Lake begins to dry up water level did not rise even during the rains
बदरीनाथ धाम की शेषनेत्र झील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही शेषनेत्र झील अब सूखने के कगार पर पहुंच गई है। लगातार बारिश के बावजूद झील का जलस्तर नहीं बढ़ रहा है। मामले का प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संज्ञान लिया है।

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बीते दिनों पीएमओ की सैटेलाइट तस्वीरों में झील में कम पानी और गाद जमा होने की स्थिति सामने आने के बाद शासन से कारण पूछा गया है। बदरीनाथ में दो झील हैं। अराइवल प्लाजा के समीप शेषनेत्र झील है और माणा रोड पर बदरीश झील स्थित है। बदरीश झील में भी पूरी तरह शैवाल जमा हो गया है।

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सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आई स्थिति

पीएमओ की ओर से बदरीनाथ धाम की शेषनेत्र झील की सैटेलाइट तस्वीरें ली गईं। इनमें झील में पानी कम होने के साथ ही बड़ी मात्रा में गाद जमा होने की स्थिति सामने आई। इसके बाद पीएमओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए शासन से जानकारी मांगी।

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झील की सफाई का काम शुरू

पीएमओ के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने झील की सफाई शुरू करा दी है। बनारस की एक संस्था के माध्यम से झील में जमा गाद और अन्य सामग्री को हटाने का कार्य कराया जा रहा है।

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प्राकृतिक जलस्रोतों की भी होगी जांच

प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत हुए निर्माण कार्यों से शेषनेत्र झील के प्राकृतिक जलस्रोत प्रभावित तो नहीं हुए हैं। जलस्तर कम होने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है।



 

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