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बड़ी राहत: बुग्यालों में नाइट स्टे पर लगी रोक आठ साल बाद हटी, पर्यटक रूपकुंड की कर सकेंगे ट्रेकिंग

Tue, 28 Jul 2026 09:57 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग(चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग(चमोली) Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 28 Jul 2026 09:57 PM IST
सार

पर्यावरण संरक्षण और बुग्यालों में घटती हरियाली को देखते हुए ऑली वेदनी बुग्याल संरक्षण समिति के रिट पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल ने 21 अगस्त 2018 को बुग्यालों में पर्यटकों के रुकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस रोक को हटाया गया है।

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Ban on overnight stays in high-altitude Bugyals lifted after 8 Years Supreme court Order
बुग्यालों में कर सकेंगे नाइट स्टे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रुपकुंड, वेदनी बुग्याल सहित उत्तराखंड के बुग्यालों का दीदार करने और वहां रात बिताने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए एक राहत की खबर है। पिछले आठ वर्षो से चला आ रहा नाइट स्टे का प्रतिबंध समाप्त हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्देशों के बाद इस रोक को हटा लिया गया। डीएफओ ने अपने 27 जुलाई के पत्र में वन क्षत्रिाधिकारियों से न्यायालय के निर्देश को पालन करने के आदेश दिए। 

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पर्यावरण संरक्षण और बुग्यालों में घटती हरियाली को देखते हुए ऑली वेदनी बुग्याल संरक्षण समिति के रिट पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल ने 21 अगस्त 2018 को बुग्यालों में पर्यटकों के रुकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। न्यायालय के इस फैसले के बाद बुग्यालों में टेंट लगाने और रात बिताने पर रोक थी। जिससे पर्यटन को बड़ा झटका लगा था। नाइट स्टे पर रोक होने से पर्यटक रुपकुंड तक नहीं पहुंच रहे थे।
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बेस कैंप लोहाजंग से वाण, दीदना, लोहाजंग, वांक, कुलिंग, मुंदोली आदि कई गांवों में पर्यटकों के ठहरने के लिए युवाओं ने होम स्टे व होटल लॉज बनाए थे। लेकिन बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक लगने से कई होम स्टे बंद हो गए है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई 2026 के निर्देश में हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर बुग्यालों में नाइट स्टे पर लगी रोक को हटाने के निर्देश जारी किया है। 

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ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला बिष्ट, बलवीर राम, रूपकुंड पर्यटन विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, ईको समिति वाण के अध्यक्ष त्रिलोक बिष्ट ने नाइट स्टे पर रोक हटने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बुग्यालों में नाइट स्टे पर लगी रोक हटने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों नौजवानों, गाइड, पोर्टर और टूर ऑपरेटरों को रोजगार मिलेगा। नाइट स्टे शुरू होने से ट्रैकिंग गतिविधियों में तेजी आएगी, होटलों, लॉज और होम स्टे का व्यवसाय फिर शुरू होगा। वहीं दुकानदारों, टैक्सी ऑपरेटरों को भी रोजगार मिलेगा।  

21 अगस्त 2018 को हाईकोर्ट नैनीताल ने बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के 20 जुलाई 2026 को जारी निर्देश के बाद बुग्यालों में लगी रोक हट गई है। संबंधित वनक्षेत्राधिकारियों को अपने रेंज के अंतर्गत उच्च न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- सर्वेश कुमार दुबे, प्रभागीय वनाधिकारी बद्रीनाथ वन प्रभाग चमोली।

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