Chardham Yatra: पर्यटन मंत्री बोले-सरकार पूरी तरह से तैयार, 1800 बसें संचालित होंगी, जारी होगी एसओपी
यात्रा में पंजीकरण शुक्रवार से शुरू हो गए हैं। चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल व बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत तौर पर अक्षय तृतीय के दिन 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। इस बार भी रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शुरू होने वाली है। छह मार्च से यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस बार भी चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
सतपाल महाराज ने बताया, चारधाम की तीर्थयात्रा हिंदुओं के लिए काफी महत्व रखती है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर साल आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के उद्देश्य से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ व बदरीनाथ की यात्रा पर जाते हैं। सुरक्षित व सुगम चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के कारण वर्ष 2025 में 56.21 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे। इस वर्ष भी सरकार ने यात्रा को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।
Chardham Yatra: पहले ही दिन 1.24 लाख श्रद्धालुओं ने किया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, केदारनाथ के लिए सबसे ज्यादा
महाराज ने बताया कि यात्रा में पंजीकरण शुक्रवार से शुरू हो गए हैं। चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल व बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत तौर पर अक्षय तृतीय के दिन 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। चारधाम यात्रा को देखते हुए सभी सरकारी विभागों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया सरकार ने ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन पंजीकरण के लिए भी पूरी व्यवस्था की है। यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले ऑफलाइन पंजीकरण के लिए कुल 50 काउंटर बनाए जाएंगे। इनमें 30 काउंटर ऋषिकेश, 20 काउंटर विकासनगर में बनेंगे।
सुरक्षित व सुगम यात्रा के लिए जारी होगी एसओपी
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने व यात्रा के मानकों को ध्यान में रखते हुए एसओपी भी जारी की जाएगी। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय और पीने के पानी के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था के साथ यात्रा रूट पर मुख्य व वैकल्पिक मार्गों को ठीक करने के निर्देश दिए गए।
इस बार 1800 बसें संचालित होंगी
यात्रा के दौरान हर वाहन के ट्रिप कार्ड पर यात्रियों और चालक की जानकारी के साथ टूर आपरेटर या वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर दर्ज होना अनिवार्य किया गया है। यात्रा में इस बार कुल 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें 400 बसें रिजर्व रहेंगी। प्रतिदिन 130 बसें रवाना होंगी और 10 दिन की यात्रा अवधि में लगभग 1300 मार्गों पर चलेंगी।