Uttarakhand: प्रदेशभर में मनाया गया अर्थ ऑवर, दून में नहीं दिखा असर, उत्तरकाशी में भी नहीं दिखा ब्लैकआउट
प्रदेशभर में लोगों से एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी लाइटें और विद्युत उपकरण बंद रखने की अपील की गई थी। कुछ जगहों पर इसका असर दिखा।
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प्रदेशभर में शनिवार की रात को एक घंटा अर्थ ऑवर मनाया गया। हालांकि दून में इसका कोई खासा असर नहीं दिखा। बाजार सहित अन्य जगह लाइटे चलती दिखी। कई जगह लोगों ने घरों में लाइट बंद रखी। घंटाघर और उसके आसपास 8:30 से 9:30 बजे तक सभी लाइटें चलती दिखी।
प्रदेशभर में आज रात को एक घंटा अर्थ ऑवर मनाया जाने की अपील की गई थी। इस दौरान सभी लाइटों और विद्युत उपकरणों को बंद रखने के लिए कहा गया। इसे लेकर उत्तराखंड शासन ने शनिवार रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अर्थ ऑवर मनाने का निर्णय लिया था। इस दौरान प्रदेशभर में लोगों से एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी लाइटें और विद्युत उपकरण बंद रखने की अपील की गई।
दरअसल, वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर ( डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) नई दिल्ली की ओर से यह अभियान आयोजित किया जा रहा है। यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। इस अभियान के तहत एक घंटे तक गैर-जरुरी विद्युत उपकरणों को बंद रखने की अपील की गई थी।
कुछ जगह लोगों ने अपने घरों की लाइटों को बंद रखा। कई जगह लोगों को अर्थ ऑवर के बारे में न पता होने के कारण भी इसका असर नहीं दिखा। उत्तरकाशी में भी ब्लैकआउट का असर नहीं दिखा।
वहीं पौड़ी जिला मुख्यालय में अर्थ आवर पर बिजली बंद नहीं हुई। अधिकांश लोगों को पता ही नहीं था कि अर्थ आवर क्या है। हालांकि सोशल मीडिया पर शनिवार को होने वाले अर्थ आवर पर एक घंटे की बिजली बंदी को लेकर काफी अफवाहें भी फैलती रहीं।
तय समय पर बिजली नहीं गई
पौड़ी निवासी सुमन देवी, प्रदीप कुमार, अनूप सिंह ने बताया की अर्थ आवर पर बिजली बंद होने का आदेश सोशल मीडिया पर पढ़ा। आदेश की कोई प्रमाणित जानकारी नहीं मिली। बताया कि शाम आठ बजे तक खाना बना लिया था, और खाना खाने की तैयारी थी, लेकिन तय समय पर बिजली नहीं गई। जिससे लोगों को अर्थ आवर का अहसास ही नहीं हुआ।
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