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Dehradun News: उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफेसर के स्थायीकरण को सरकार की मंजूरी
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- विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने स्थायीकरण प्रस्ताव किया अनुमोदित
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, उच्च शिक्षा विभाग के 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण को सरकार ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने विभाग की ओर से प्रस्तुत स्थायीकरण प्रस्ताव को अपना अनुमोदन दिया है। राजकीय महाविद्यालयों में तैनात इन असिस्टेंट प्रोफेसरों ने दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि संतोषजनक पूर्ण कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा, उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से लेकर उनके प्रशिक्षण को लेकर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण को मंजूरी दी है। स्थायीकरण का लाभ लेने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति वर्ष 2020 से वर्ष 2022 में हुई है। जिन्हें सरकार ने उत्तराखंड सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली-2002 के तहत लाभान्वित किया है। 13 विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर में राजनीति विज्ञान के 71, शिक्षा शास्त्र 26, संस्कृत 35, हिन्दी 71, समाजशास्त्र 5, इतिहास 4, भूगोल व भौतिक विज्ञान 2-2, अर्थशास्त्र 35, गृह विज्ञान 13 तथा रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान व अंग्रेजी में एक-एक असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है। राज्य सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षकों को सुरक्षित, स्थायी एवं सम्मानजनक सेवा वातावरण उपलब्ध कराना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बुनियाद है। प्राध्यापकों के स्थायीकरण से न केवल उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक निरंतरता और अकादमिक गुणवत्ता भी और अधिक मजबूत होगी।
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देहरादून। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, उच्च शिक्षा विभाग के 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण को सरकार ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने विभाग की ओर से प्रस्तुत स्थायीकरण प्रस्ताव को अपना अनुमोदन दिया है। राजकीय महाविद्यालयों में तैनात इन असिस्टेंट प्रोफेसरों ने दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि संतोषजनक पूर्ण कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा, उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से लेकर उनके प्रशिक्षण को लेकर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण को मंजूरी दी है। स्थायीकरण का लाभ लेने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति वर्ष 2020 से वर्ष 2022 में हुई है। जिन्हें सरकार ने उत्तराखंड सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली-2002 के तहत लाभान्वित किया है। 13 विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर में राजनीति विज्ञान के 71, शिक्षा शास्त्र 26, संस्कृत 35, हिन्दी 71, समाजशास्त्र 5, इतिहास 4, भूगोल व भौतिक विज्ञान 2-2, अर्थशास्त्र 35, गृह विज्ञान 13 तथा रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान व अंग्रेजी में एक-एक असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है। राज्य सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षकों को सुरक्षित, स्थायी एवं सम्मानजनक सेवा वातावरण उपलब्ध कराना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बुनियाद है। प्राध्यापकों के स्थायीकरण से न केवल उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक निरंतरता और अकादमिक गुणवत्ता भी और अधिक मजबूत होगी।
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