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ऊर्जा विभाग में भ्रष्टाचार पर जवाबदेही से बच नहीं सकती सरकार : आर्य
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- नेता प्रतिपक्ष बोले, पिटकुल के प्रबंध निदेशक की नियुक्ति की न्यायिक जांच कराए सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, ऊर्जा विभाग हो रहे भ्रष्टाचार पर प्रदेश सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी को नियमों को ताक पर रखने कर पिटकुल के प्रबंध निदेशक के पद तक पहुंचाया गया। उन्होंने सरकार से नियुक्ति प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि बिना उच्च अधिकारियों, प्रभावशाली नौकरशाहों और राजनीतिक संरक्षण के कोई तृतीय श्रेणी कर्मचारी सीधे प्रबंध निदेशक की कुर्सी तक कैसे पहुंच सकता है। पिछले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं में निविदा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी, लागत में असामान्य वृद्धि, मनमाने वित्तीय निर्णय व संदिग्ध ठेकों के आवंटन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। सरकार को इस पर जवाब देना ही होगा। उन्होंने पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और कार्मिक विभाग की भूमिका की जांच, सभी वित्तीय व नीतिगत निर्णयों का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है।
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देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, ऊर्जा विभाग हो रहे भ्रष्टाचार पर प्रदेश सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी को नियमों को ताक पर रखने कर पिटकुल के प्रबंध निदेशक के पद तक पहुंचाया गया। उन्होंने सरकार से नियुक्ति प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि बिना उच्च अधिकारियों, प्रभावशाली नौकरशाहों और राजनीतिक संरक्षण के कोई तृतीय श्रेणी कर्मचारी सीधे प्रबंध निदेशक की कुर्सी तक कैसे पहुंच सकता है। पिछले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं में निविदा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी, लागत में असामान्य वृद्धि, मनमाने वित्तीय निर्णय व संदिग्ध ठेकों के आवंटन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। सरकार को इस पर जवाब देना ही होगा। उन्होंने पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और कार्मिक विभाग की भूमिका की जांच, सभी वित्तीय व नीतिगत निर्णयों का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है।
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