{"_id":"6a39932b674a741355070dc2","slug":"in-the-case-of-death-of-a-person-after-a-fight-in-premnagar-dehradun-news-c-5-1-drn1031-1001793-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: मारपीट से मौत के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: मारपीट से मौत के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रेमनगर थाना क्षेत्र में मारपीट के बाद एक व्यक्ति की मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी अजय किशोर देवली की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी के खिलाफ थाना प्रेमनगर में वर्ष 2025 में मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार तीन नवंबर 2025 को स्मिथनगर स्थित एक नाई की दुकान के बाहर मृतक अरुण कुमार उर्फ डीके और आरोपी अजय किशोर देवली के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने मृतक के साथ मारपीट की, उसे सड़क पर गिराकर गला दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी की ओर से अगले दिन थाना प्रेमनगर में मामला दर्ज कराया गया था।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों का उल्लेख नहीं है। साथ ही कहा गया कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।
विज्ञापन
वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद हैं और आरोपी के रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता, आरोपों की प्रकृति तथा उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत दिए जाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाया। सत्र न्यायाधीश मदन राम ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए आरोपी अजय किशोर देवली की जमानत याचिका निरस्त की जाती है।
अभियोजन के अनुसार तीन नवंबर 2025 को स्मिथनगर स्थित एक नाई की दुकान के बाहर मृतक अरुण कुमार उर्फ डीके और आरोपी अजय किशोर देवली के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने मृतक के साथ मारपीट की, उसे सड़क पर गिराकर गला दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी की ओर से अगले दिन थाना प्रेमनगर में मामला दर्ज कराया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों का उल्लेख नहीं है। साथ ही कहा गया कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद हैं और आरोपी के रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता, आरोपों की प्रकृति तथा उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत दिए जाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाया। सत्र न्यायाधीश मदन राम ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए आरोपी अजय किशोर देवली की जमानत याचिका निरस्त की जाती है।