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चारधाम चार्टर्ड हेली सेवा: को-पायलट के फैसले का हेली ऑपरेटरों ने किया विरोध, आज से संचालन बंद करने का एलान

Mon, 02 Nov 2026 11:38 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून/मसूरी।
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून/मसूरी। Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 02 Nov 2026 11:38 AM IST
सार

चारधाम की हवाई यात्रा पर डीजीसीए के नए फैसले को लेकर हेली ऑपरेटरों और नियामक के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। को-पायलट की अनिवार्यता के विरोध में ऑपरेटरों ने चार्टर्ड हेली सेवा बंद करने का फैसला लिया है।

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Char Dham chartered helicopter service helicopter operators oppose co-pilot mandate
हेली (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चारधाम चार्टर्ड हेली सेवा में को-पायलट फैसले का हेली ऑपरेटरों ने विरोध किया है। ऑपरेटरों ने सोमवार से चार्टर्ड हेली सेवा संचालन बंद करने का एलान किया है। विरोध के चलते डीजीसीए के नए नियम अगले साल की यात्रा में लागू हो सकते हैं। चारधाम यात्रा 16 नवंबर को शीतकाल के स्थगित हो जाएगी।

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30 अक्तूबर को चमोली जिले के ज्योर्तिमठ के समीप बदरीनाथ से लौट रहे ट्रांस भारत एविएशन के हेलिकॉप्टर दुर्घटना के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के साथ बैठककर चारधाम यात्रा में देहरादून के सहस्त्रधारा से संचालित चार्टर्ड हेली सेवा में को-पायलट होने का निर्णय लिया। हालांकि केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, सिरसी, फाटा से संचालित शटल हेली सेवा पर यह नियम लागू होगा।
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सुरक्षा के लिए चार्टर्ड हेली सेवा में को-पायलट होने का निर्णय
चार्टर्ड हेली सेवा संचालन में दो नवंबर से इस निर्णय को लागू किया जाना था। इससे पहले हेली ऑपरेटरों ने डीजीसीए के फैसले का विरोध कर दिया है। ऑपरेटरों कहना है कि को-पायलट के नए नियमों से हेली सेवा संचालन आर्थिक रूप से संभव नहीं है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि हेली सेवा संचालन के लिए सभी नियम व मानक डीजीसीए निर्धारित करता है। डीजीसीए ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए चार्टर्ड हेली सेवा में को-पायलट होने का निर्णय लिया है।
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हेली ऑपरेटरों ने आर्थिक रूप से को-पायलट रखने में असमर्थता जताई है। डीजीसीए की ओर से जो भी दिशानिर्देश होंगे, उसके आधार पर चार्टर्ड सेवा का संचालन किया जाएगा। चारधाम यात्रा स्थगित होने के लिए कुछ दिन बाकी है, लिहाजा डीजीसीए की अनुमति पर नए नियम को अगले साल की यात्रा में लागू करने पर विचार किया जा सकता है।


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नए आदेश से संचालन का खर्च भी नहीं निकलेगा : सैनी

राजस एयरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष सैनी ने कहा, नए नियमों से हेली सेवा का संचालन आर्थिक रूप से संभव नहीं है। डीजीसीए नए नियम को वापस नहीं लेता है तो ऑपरेटर चार्टर्ड के साथ केदारनाथ धाम की हेली सेवा का संचालन बंद करने के लिए मजबूर होंगे। को-पायलट रखने से छह में से दो सीटें खाली रखनी होंगी। साथ ही अतिरिक्त कर्मी दल का खर्च भी उठाना पड़ेगा, जिससे उड़ान का खर्च निकालना मुश्किल होगा। ऑपरेटर डीजीसीए, सरकार या सुरक्षा आदेशों के खिलाफ नहीं हैं। तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऑपरेटर भी सुरक्षित हवाई सेवा के पक्षधर हैं। अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी गई है।

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