{"_id":"6ad53246b74ba331520c47b7","slug":"opposition-should-participate-in-the-final-session-with-a-positive-attitude-bhatt-dehradun-news-c-5-hld1006-1093336-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतिम सत्र में सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभाग करे विपक्ष : भट्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतिम सत्र में सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभाग करे विपक्ष : भट्ट
विज्ञापन
देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस के गैरसैण सत्र को लेकर घेराव की घोषणा को राजनीति की किताब का एक और काला अध्याय जोड़ने की कोशिश बताया है। प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने कहा कि पूरे पांच साल में कांग्रेस ने सदन के बाहर घेराव और अंदर हंगामे और जनमुद्दों पर सोने में ही बरबाद किए। सत्रों की शुरुआत घेराव और अंत हंगामा करने से बेहतर है कि विपक्ष वर्तमान अंतिम सत्र में सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभाग करे।
उन्होंने कहा कि बेहद निराशा होती है कि बीते पांच सालों में भी कांग्रेस के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ। विधानसभा लोकतंत्र का वह सर्वोच्च सदन होता है जहां पर जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। ऐसे अनेकों अवसर वर्तमान विधानसभा कार्यकाल में भी आए लेकिन अफसोस कांग्रेस और विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। शायद ही कोई अवसर रहा, जब विपक्ष ने सत्र की शुरुआत घेराव या प्रदर्शन से न की गई हो। दरअसल, विपक्ष के नेता और विधायक जनता के बीच नहीं रहते और सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए हमेशा हंगामे के ऐसे अवसरों की तलाश में रहते हैं। जनता भी गवाह है कि विपक्षी विधायक न तो जनहित के मुद्दे उठाते हैं और ना ही क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने का प्रयास करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बेहद निराशा होती है कि बीते पांच सालों में भी कांग्रेस के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ। विधानसभा लोकतंत्र का वह सर्वोच्च सदन होता है जहां पर जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। ऐसे अनेकों अवसर वर्तमान विधानसभा कार्यकाल में भी आए लेकिन अफसोस कांग्रेस और विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। शायद ही कोई अवसर रहा, जब विपक्ष ने सत्र की शुरुआत घेराव या प्रदर्शन से न की गई हो। दरअसल, विपक्ष के नेता और विधायक जनता के बीच नहीं रहते और सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए हमेशा हंगामे के ऐसे अवसरों की तलाश में रहते हैं। जनता भी गवाह है कि विपक्षी विधायक न तो जनहित के मुद्दे उठाते हैं और ना ही क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने का प्रयास करते हैं।
विज्ञापन