{"_id":"69b6abf0e405510f7303259d","slug":"pregnant-women-will-undergo-ultrasonography-tests-dr-rawat-dehradun-news-c-5-drn1043-921927-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवतियों की होगी अल्ट्रासोनोग्राफी जांच: डाॅ. रावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवतियों की होगी अल्ट्रासोनोग्राफी जांच: डाॅ. रावत
विज्ञापन
विज्ञापन
- पहले चरण में प्रदेश के छह जनपदों में चलाया जाएगा विशेष अभियान
- कहा, पात्र गर्भवतियों को मिलेगी निशुल्क परिवहन सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश की शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराई जाएगी, जिससे मातृत्व सुरक्षित रह सके। पहले चरण में छह जिलों में अल्ट्रासाउंड कवरेज का विशेष अभियान चलाया जाएगा। आगामी 15 अप्रैल तक संचालित इस अभियान के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को निशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। चयनित जिलों के सीएमओ को योजना बनाकर अभियान को संचालित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में शामिल है। गर्भावस्था के दौरान समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच करना गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक है, साथ ही गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए भी जरूरी है। प्रदेश की शतप्रतिशत गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में यह अभियान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जिले में चलाया जाएगा। आगामी 15 अप्रैल तक संचालित इस विशेष अभियान के तहत उन सभी गर्भवती महिलाओं को लाया जाएगा जो 18 सप्ताह या उससे अधिक गर्भकाल में है, साथ उन महिलाओं को जिन्होंने वर्तमान गर्भावस्था में अभी तक अल्ट्रासाउंड नहीं कराया है। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं व ऐसी महिलाएं जिन्हें डाक्टरों ने दोबारा यूएसजी कराने की सलाह दी गई है,उन्हें भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने जिला व ब्लाॅक स्तर पर सभी यूएसजी केंद्रों, रेडियोलाॅजिस्ट व स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम तैयार करने व ड्यूटी रोस्टर तैयार कर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र गर्भवती महिला को निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पात्र गर्भवती महिलाओं की एलएमपी व ईडीडी सत्यापन करने, एएनएम, आशा व स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर सूचित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित के साथ 102 व 108 एंबुलेंस सेवाओं समेत अन्य उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग करने के निर्देश दिए।
Trending Videos
- कहा, पात्र गर्भवतियों को मिलेगी निशुल्क परिवहन सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश की शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराई जाएगी, जिससे मातृत्व सुरक्षित रह सके। पहले चरण में छह जिलों में अल्ट्रासाउंड कवरेज का विशेष अभियान चलाया जाएगा। आगामी 15 अप्रैल तक संचालित इस अभियान के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को निशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। चयनित जिलों के सीएमओ को योजना बनाकर अभियान को संचालित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में शामिल है। गर्भावस्था के दौरान समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच करना गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक है, साथ ही गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए भी जरूरी है। प्रदेश की शतप्रतिशत गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पहले चरण में यह अभियान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जिले में चलाया जाएगा। आगामी 15 अप्रैल तक संचालित इस विशेष अभियान के तहत उन सभी गर्भवती महिलाओं को लाया जाएगा जो 18 सप्ताह या उससे अधिक गर्भकाल में है, साथ उन महिलाओं को जिन्होंने वर्तमान गर्भावस्था में अभी तक अल्ट्रासाउंड नहीं कराया है। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं व ऐसी महिलाएं जिन्हें डाक्टरों ने दोबारा यूएसजी कराने की सलाह दी गई है,उन्हें भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने जिला व ब्लाॅक स्तर पर सभी यूएसजी केंद्रों, रेडियोलाॅजिस्ट व स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम तैयार करने व ड्यूटी रोस्टर तैयार कर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र गर्भवती महिला को निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पात्र गर्भवती महिलाओं की एलएमपी व ईडीडी सत्यापन करने, एएनएम, आशा व स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर सूचित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित के साथ 102 व 108 एंबुलेंस सेवाओं समेत अन्य उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग करने के निर्देश दिए।