सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rajaji Tiger Reserve Over 200 Leopards Identified Study Conducted in Western Sector

Uttarakhand: राजाजी में गुलदारों का राज, पश्चिमी हिस्से में ही 200 से अधिक, अध्ययन में सामने आई बात

विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 15 Apr 2026 12:28 PM IST
विज्ञापन
सार

राजाजी टाइगर रिजर्व दो सौ से अधिक गुलदारों की जानकारी सामने आई है। एनटीसीए की 2022 की रिपोर्ट में 171 पूरे राजाजी टाइगर रिजर्व में रिपोर्ट हुए थे।

Rajaji Tiger Reserve Over 200 Leopards Identified Study Conducted in Western Sector
गुलदार - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

राजाजी टाइगर रिजर्व में गुलदारों का राज है। वन महकमे के सहयोग से वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करने वाली एक संस्था ने राजाजी टाइगर रिजर्व के केवल पश्चिमी हिस्से में अध्ययन किया है, केवल उसी क्षेत्र में दो सौ से अधिक गुलदारों की जानकारी सामने आई है। जबकि नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी ने वर्ष-2020 में स्टेटस ऑफ लेपर्ड इन इंडिया-2020 रिपोर्ट जारी की थी, उसमें पूरे राजाजी में 171 गुलदार होने का उल्लेख किया था।

Trending Videos

राजाजी टाइगर रिजर्व के मुख्य रूप से दो पूर्वी और पश्चिमी हिस्से है। इसमें पूर्वी भाग में तुलनात्मक तौर पर बाघों की अच्छी खासी संख्या है, जबकि पश्चिमी हिस्से में बाघ कम है। ऐसे में यहां पर कार्बेट टाइगर रिजर्व से बाघों का लाकर छोड़ा भी गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी हिस्से में वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करने वाली एक गैर सरकारी संगठन ने वर्ष-2025 में अध्ययन किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अध्ययन में पश्चिमी हिस्से में ही 200 से अधिक गुलदार होने की बात सामने आई है। यह घनत्व के हिसाब से गुलदारों की अच्छी खासी संख्या है। वन महकमे के अनुसार इलाके में बाघों की संख्या कम होना के कारण गुलदारों की संख्या अधिक हो। इसके अलावा पश्चिमी हिस्से में गुलदार का भोजन हिरन आदि की संख्या भी अधिक है। बेहतर वास स्थल होने के कारण तेंदुओं की संख्या बढ़ी।

ये भी पढे़ं...Uttarakhand: लोगों की ह्रदय रेखा छूकर भाजपा की भविष्य रेखा लंबी कर गए पीएम मोदी, मंच से दिखाई चुनावी ताकत

खूब दिखाई दे रहे थे गुलदार, इसलिए किया अध्ययन

वन महकमे के अनुसार गुलदार काफी संख्या में दिखाई दे रहे थे। इसलिए अध्ययन करने का फैसला किया गया। इसके अलावा वास स्थल, सुरक्षा प्रबंधन की योजना बनाना भी शामिल था। इस संबंध में अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव व असूचना विवेक पांडे ने बताया कि पश्चिमी हिस्से में अध्ययन में तेंदुओं की संख्या का पता चला है, अब संबंधित संस्था को पूर्वी हिस्से में भी अध्ययन कराया जाएगा। इसके बाद पूरे राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या का पता चलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed