Rishikesh: खदरी में दर्दनाक हादसा; झोपड़ी में लगी आग, लाचार बेटों के सामने लपटों में जिंदा जलकर बुजुर्ग की मौत
खदरी पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास एक झोपड़ी में आग लग गई। फायर सर्विस और स्थानीय ग्रामीण आग बुझाने में जुटे हुए थे। आग बुझाने के बाद झोपड़ी के भीतर एक व्यक्ति का शव पूरी तरह जली अवस्था में मिला।
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खदरी खड़क माफ में आज बुधवार को शॉर्ट सर्किट से झोपड़ी में लगी आग में एक बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत हो गई। उनके बेटे सामने खड़े होकर पिता को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग की भयावह लपटों ने उन्हें अंदर जाने तक नहीं दिया।
श्यामपुर चौकी पुलिस व फायर सर्विस को करीब 1 बजे 112 के माध्यम से सूचना मिली कि खदरी पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास एक झोपड़ी में आग लगी हुई है। सूचना पर अपर उप निरीक्षक मनोज रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब 1 बजकर 34 मिनट पर फायर सर्विस भी मौके पर पहुंच चुकी थी।
फायर सर्विस और स्थानीय ग्रामीण आग बुझाने में जुटे हुए थे। आग बुझाने के बाद झोपड़ी के भीतर एक व्यक्ति का शव पूरी तरह जली अवस्था में मिला। परिजनों ने मृतक की पहचान मंगत सिंह (74) पुत्र स्वर्गीय धर्म सिंह निवासी खदरी खड़क माफ के रूप की। परिजन बगल में ही दूसरी झोपड़ी में रहते हैं।
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परिजनों ने बताया कि जब वह जलती हुई झोपड़ी में पहुंचे तो आग के विकराल होने के कारण झोपड़ी में नहीं घुस पाए, झोपड़ी के ऊपर प्लास्टिक रखा हुआ था जो जलकर गलने से टपक रहा था। मंगत सिंह के तीन बेटों ने पुलिस को लिखित प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई न किए जाने की बात कही है। प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है और किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि सामने नहीं आई है। बावजूद इसके घटना की जांच की जा रही है। शव परिजनों को सौंप दिया गया है।