'मांझी' ने दिया है नवाजुद्दीन सिद्दीकी को 'बेरहम दर्द'
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‘मांझी द माउंटेन मैन’ फिल्म के लिए देहरादून निवासी अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को बेहद दर्द से गुजरना पड़ा है।
घंटों धूप में खड़े रहना, लगातार 21 किलो का हथौड़ा उठाना... पैर में आई मोच के बावजूद शूटिंग को पूरा करना। यह सब नवाज ने सिर्फ इसलिए किया ताकि शूटिंग न रुके और फिल्म में सब कुछ असली नजर आए।
‘मांझी द माउंटेन मैन’ फिल्म शुक्रवार (आज) को देशभर में रिलीज होगी। फोन पर हुई बातचीत में नवाज ने बताया कि फिल्म में बहता उनका पसीना एकदम असली है। वह घंटो धूप में तपते थे, ताकि असली पसीने के साथ काम कर सकें।
कहा कि लगातार हाथ में 21 किलो का हथौड़ा उठाने से वह फिसल भी गए थे, इससे उनके पैर में मोच आ गई। पैर इतना सूज गया कि शूटिंग रोकने तक की बात की गई, लेकिन मैं नहीं रुका।
उसी सूजन के साथ मैं दर्द की दवा खा-खाकर फिल्म की शूटिंग में रम गया। मेरे दर्द को पूरी टीम समझ रही थी यही वजह थी कि जैसे ही मैं शूटिंग के बीच थोड़ा भी रुकता, मेरे साथी तुरंत बैठने के लिए कुर्सी ले आते। टीम के इस साथ की वजह से मैं पूरी तन्मयता से फिल्म में अपनी भूमिका को निभा पाया।
फिल्म लीक होने से मिला फायदा
फिल्म ‘मांझी द माउंटेन मैन’ कुछ लोगों की शरारत की वजह से लीक हो चुकी है। लोगों ने नेट के माध्यम से यह फिल्म देख ली है।
नवाज ने बताया कि मुझे इस पर किसी से कोई शिकायत नहीं बल्कि खुशी है, जिसने भी यह फिल्म देखी उसका जोश दोगुना हो गया है और फिल्म पर मुझे अच्छी प्रतिक्रियाएं मिली हैं। बताया कि फिल्म दशरथ मांझी की सच्ची कहानी है, जो बिहार का रहने वाला है।
पत्नी को अस्पताल ले जाते हुए डेढ़ घंटे का समय लगता है और उसकी मौत हो जाती है। बस फिर शुरू होता है मांझी का 22 साल का सफर। जो रास्ता बनाने के लिए पहाड़ को 22 साल तक तोड़ता रहता है।
भाई की फिल्म का इंतजार
देहरादून के डालनवाला में रहने वाला नवाज का परिवार भी फिल्म को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है। नवाज के छोटे भाई अलसामुद्दीन ने बताया कि परिवार वालों के साथ शुक्रवार को फिल्म देखने जाएंगे। बताया कि अगस्त के महीने के अंत में एक डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए नवाज भाई दून आने वाले हैं।