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उत्तराखंड: मदरसा बोर्ड खत्म होने के बाद अब पाठ्यक्रम तैयार कर रहा राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण, काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Tue, 03 Mar 2026 09:57 PM IST
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सार
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों ने पदभार ग्रहण कर धार्मिक शिक्षा को लेकर पाठ्यक्रम तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
- फोटो : Adobe Stock Image
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विस्तार
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन के बाद पाठ्यक्रम तैयार करना शुरू कर दिया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ.पराग मधुकर धकाते के मुताबिक प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्य होली के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
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विभाग के विशेष सचिव के मुताबिक राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों ने पदभार ग्रहण कर धार्मिक शिक्षा को लेकर पाठ्यक्रम तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण तय करेगा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे किस धार्मिक पुस्तक को पढ़ सकेंगे। वहीं, सभी मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी। तय मानकों को पूरा करने वाले मदरसों को ही संबद्धता दी जाएगी।
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मदरसों में मिली थीं शिकायतें
प्रदेश में मदरसों को लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं। राज्य बाल कल्याण परिषद के साथ ही पूर्व में राष्ट्रीय बाल कल्याण परिषद इन मदरसों का औचक निरीक्षण कर चुका है। जिसमें खामियां मिलने पर कुछ मदरसों को सील किया गया था।

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