Uttarakhand Weather: झमाझम बारिश से राहत, कुछ जगह आफत, मसूरी में जनजीवन प्रभावित, तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड के लिए तीन दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है, वहां एसएमएस के माध्यम से लोगों को अलर्ट भेजे जाने की व्यवस्था की गई है।
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उत्तराखंड में आज बुधवार को हरिद्वार समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जबकि मसूरी में लगातार बारिश और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया। बारिश के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही और मौसम में एक बार फिर ठंडक लौट आई।
श्रीनगर में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। वहीं रुद्रप्रयाग में भी बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। गोपेश्वर में रात से जारी बारिश सुबह थम गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
कर्णप्रयाग, गौचर, लंगासू, नारायणबगड़, देवाल और थराली सहित कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। सुबह से हुई बारिश बाद में थम गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मलबा -पत्थर आने से सड़क करीब 15 घंटे रही बंद
इस बीच देवाल-खेता मानमती मोटर मार्ग पर सुयालकोट क्षेत्र में मलबा और पत्थर आने से सड़क करीब 15 घंटे तक बंद रही। मंगलवार रात करीब आठ बजे मार्ग बंद होने के बाद बुधवार सुबह लगभग 11 बजे जेसीबी मशीन से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया। मार्ग बंद रहने के दौरान 24 से अधिक वाहन फंसे रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सुयालकोट के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में स्थायी रूप से जेसीबी तैनात करने की मांग की। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बरसात के दौरान सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो जेसीबी मशीनों की व्यवस्था किए जाने तथा सुयालकोट में एक जेसीबी स्थायी रूप से तैनात करने की बात कही।
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उधर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के लिए तीन दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है, वहां एसएमएस के माध्यम से लोगों को अलर्ट भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा जारी है, लेकिन यदि बारिश तेज होती है तो तीर्थयात्रियों की संख्या प्रभावित हो सकती है।