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Delhi NCR News: नोएडा और करनाल के लिए साइबर ठगों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध करवाने वाले 10 ठग गिरफ्तार
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- आरोपियों को दिल्ली, नोएडा और करनाल में छापा मारकर दबोचा, नौकरी का झांसा देकर पीड़ित लोगों के कागजात लेकर खुलवा लेते थे बैंक खाते
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने देशभर के साइबर ठगों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दिल्ली, नोएडा और करनाल, हरियाणा में छापा मारकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज ले लेते थे। बाद में उनके कागजातों के आधार पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनका नियंत्रण साइबर ठगों के हवाले कर दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 पीओएस मशीन 27 चेकबुक, 17 एटीएम और 12 मोबाइल फोन के अलावा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी विजय कुमार, प्रदीप कुमार, गौरव नहार, लक्ष्मण, सलारपुर, नोएडा निवासी यतेंद्र कुमार, सूरज यादव और करनाल, हरियाणा निवासी मुकेश, विनेश, गुरबाज सिंह व अमन के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि केरल निवासी महिला जीजी शाइन से 2 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम दिल्ली स्थित यस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई है। उसकी जांच करते हुए टीम साहिबाबाद, गाजियाबाद निवासी योंगेंद्र कुमार के पास पहुंची।
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योगेंद्र ने बताया कि उसको नौकरी दिलवाने का झांसा देकर विजय ने उससे कागजात लिए थे। पड़ताल के बाद पुलिस ने योगेंद्र को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मामले में सभी 10 आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया।
आरोपी मुख्य रूप से बेरोजगार, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पीड़ितों को नौकरी दिलाने का झांसा और पैसों का लालच देकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे।
अब तक इन लोगों ने कितने रुपयों की ठगी की। फिलहाल करोडों रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पूर्वी जिला पुलिस आरोपियों से जुड़े बाकी साइबर ठगों की तलाश कर रही है।
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने देशभर के साइबर ठगों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दिल्ली, नोएडा और करनाल, हरियाणा में छापा मारकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज ले लेते थे। बाद में उनके कागजातों के आधार पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनका नियंत्रण साइबर ठगों के हवाले कर दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 पीओएस मशीन 27 चेकबुक, 17 एटीएम और 12 मोबाइल फोन के अलावा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी विजय कुमार, प्रदीप कुमार, गौरव नहार, लक्ष्मण, सलारपुर, नोएडा निवासी यतेंद्र कुमार, सूरज यादव और करनाल, हरियाणा निवासी मुकेश, विनेश, गुरबाज सिंह व अमन के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि केरल निवासी महिला जीजी शाइन से 2 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम दिल्ली स्थित यस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई है। उसकी जांच करते हुए टीम साहिबाबाद, गाजियाबाद निवासी योंगेंद्र कुमार के पास पहुंची।
योगेंद्र ने बताया कि उसको नौकरी दिलवाने का झांसा देकर विजय ने उससे कागजात लिए थे। पड़ताल के बाद पुलिस ने योगेंद्र को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मामले में सभी 10 आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया।
आरोपी मुख्य रूप से बेरोजगार, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पीड़ितों को नौकरी दिलाने का झांसा और पैसों का लालच देकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे।
अब तक इन लोगों ने कितने रुपयों की ठगी की। फिलहाल करोडों रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पूर्वी जिला पुलिस आरोपियों से जुड़े बाकी साइबर ठगों की तलाश कर रही है।