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Delhi NCR News: नीट-यूजी अभ्यर्थी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, स्कोर 24 घंटे में तीन बार बदलने का दावा
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- एनटीए पोर्टल पर 650 से 500 और फिर 135 अंक हो गए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नीट-यूजी 2026 के एक अभ्यर्थी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी मूल ओएमआर उत्तर पुस्तिका पेश करने की मांग की है। अभ्यर्थी का आरोप है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पोर्टल पर उसके स्कोर नतीजे घोषित होने के 24 घंटे के अंदर तीन बार बदले गए। याचिका के अनुसार, अभ्यर्थी ने आधिकारिक आंसर की और अपने उत्तरों के आधार पर अपने अंक करीब 620-640 आंके थे, लेकिन 16 जुलाई को नतीजे घोषित होने पर पोर्टल पर पहले 650 अंक दिखे। लॉगआउट करके दोबारा लॉगिन करने पर स्कोर 500 हो गया। अगले दिन यह और घटकर 135 अंक रह गया।
अभ्यर्थी ने कहा कि अंकों में बदलाव का कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला। उसने एनटीए को पत्र लिखा और आरटीआई भी दायर की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में वह नई दिल्ली स्थित एनटीए कार्यालय गया, जहां अधिकारियों ने कंप्यूटर स्क्रीन पर एक ओएमआर शीट दिखाई। अभ्यर्थी ने तुरंत आपत्ति जताई कि यह उसकी परीक्षा में भरी गई ओएमआर शीट नहीं है। याचिका में आरोप लगाया कि आपत्ति के बावजूद अधिकारियों ने कहा कि रिकॉर्ड में यही एकमात्र ओएमआर शीट है और कोर्ट में भी यही पेश की जाएगी।
अभ्यर्थी ने स्पष्ट किया है कि वह अपने उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन की मांग नहीं कर रहा। बल्कि वह अपनी मूल भौतिक ओएमआर शीट और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने व पेश करने का निर्देश चाहता है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच हो सके। याचिका में कहा कि एनटीए एक सार्वजनिक प्राधिकरण होने के नाते पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य है। यह याचिका उस समय आई है जब सुप्रीम कोर्ट नीट की परीक्षा प्रक्रिया में संरचनात्मक सुधारों की जांच कर रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नीट-यूजी 2026 के एक अभ्यर्थी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी मूल ओएमआर उत्तर पुस्तिका पेश करने की मांग की है। अभ्यर्थी का आरोप है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पोर्टल पर उसके स्कोर नतीजे घोषित होने के 24 घंटे के अंदर तीन बार बदले गए। याचिका के अनुसार, अभ्यर्थी ने आधिकारिक आंसर की और अपने उत्तरों के आधार पर अपने अंक करीब 620-640 आंके थे, लेकिन 16 जुलाई को नतीजे घोषित होने पर पोर्टल पर पहले 650 अंक दिखे। लॉगआउट करके दोबारा लॉगिन करने पर स्कोर 500 हो गया। अगले दिन यह और घटकर 135 अंक रह गया।
अभ्यर्थी ने कहा कि अंकों में बदलाव का कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला। उसने एनटीए को पत्र लिखा और आरटीआई भी दायर की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में वह नई दिल्ली स्थित एनटीए कार्यालय गया, जहां अधिकारियों ने कंप्यूटर स्क्रीन पर एक ओएमआर शीट दिखाई। अभ्यर्थी ने तुरंत आपत्ति जताई कि यह उसकी परीक्षा में भरी गई ओएमआर शीट नहीं है। याचिका में आरोप लगाया कि आपत्ति के बावजूद अधिकारियों ने कहा कि रिकॉर्ड में यही एकमात्र ओएमआर शीट है और कोर्ट में भी यही पेश की जाएगी।
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अभ्यर्थी ने स्पष्ट किया है कि वह अपने उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन की मांग नहीं कर रहा। बल्कि वह अपनी मूल भौतिक ओएमआर शीट और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने व पेश करने का निर्देश चाहता है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच हो सके। याचिका में कहा कि एनटीए एक सार्वजनिक प्राधिकरण होने के नाते पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य है। यह याचिका उस समय आई है जब सुप्रीम कोर्ट नीट की परीक्षा प्रक्रिया में संरचनात्मक सुधारों की जांच कर रहा है।
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