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Delhi NCR News: आप विधायक को निवारक हिरासत में लेकर बाद में छोड़ा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक कुलदीप कुमार की निवारक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका आज बंद कर दी। अदालत को बताया गया कि उन्हें दोपहर में रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया कि कुमार को निवारक हिरासत में लिया गया था, लेकिन दोपहर करीब 3:48 बजे छोड़ दिया गया।
हैबियस कॉर्पस याचिका में आरोप लगाया गया था कि सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस के करीब 20 जवान सादे कपड़े में कुमार को उनके घर से उठा ले गए। वे एक सफाई कर्मचारी की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और मुआवजे की मांग कर रहे थे। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच के समक्ष मामले का जिक्र करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की।
मामला न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। तब तक विधायक रिहा हो चुके थे। अधिवक्ता ने हिरासत के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि निवारक हिरासत के कठोर प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया और हिरासत के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने मुआवजे की मांग भी की। कोर्ट ने याचिका बंद करते हुए कहा कि विधायक की रिहाई के बाद याचिका का उद्देश्य पूरा हो गया है।
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक कुलदीप कुमार की निवारक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका आज बंद कर दी। अदालत को बताया गया कि उन्हें दोपहर में रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया कि कुमार को निवारक हिरासत में लिया गया था, लेकिन दोपहर करीब 3:48 बजे छोड़ दिया गया।
हैबियस कॉर्पस याचिका में आरोप लगाया गया था कि सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस के करीब 20 जवान सादे कपड़े में कुमार को उनके घर से उठा ले गए। वे एक सफाई कर्मचारी की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और मुआवजे की मांग कर रहे थे। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच के समक्ष मामले का जिक्र करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की।
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मामला न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। तब तक विधायक रिहा हो चुके थे। अधिवक्ता ने हिरासत के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि निवारक हिरासत के कठोर प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया और हिरासत के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने मुआवजे की मांग भी की। कोर्ट ने याचिका बंद करते हुए कहा कि विधायक की रिहाई के बाद याचिका का उद्देश्य पूरा हो गया है।
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