फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   aisa president neha bora delhi police peace bond notice delhi high court

दिल्ली: नेहा बोरा के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, कल शाम छह बजे आ सकता है फैसला; जानें क्या है विवाद?

Thu, 22 Oct 2026 04:41 PM IST
विकास कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Thu, 22 Oct 2026 04:41 PM IST
सार

दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा की इस याचिका की मेंटेनिबिलिटी (रखने योग्य होने) पर गंभीर आपत्ति जताई है। पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखीं, जिस पर अब आगे की कार्यवाही की जा रही है।
 

विज्ञापन
aisa president neha bora delhi police peace bond notice delhi high court
आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और शुक्रवार शाम छह बजे अपना फैसला सुना सकती है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की एकल पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।

विज्ञापन


नेहा बोरा ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की ओर से जारी उस नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनसे 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरने और शांति बनाए रखने को कहा गया था।

विज्ञापन
Trending Videos

सुनवाई के दौरान कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि यह नोटिस पूरी तरह से असंवैधानिक और कानूनी रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस पर प्रदर्शन का आह्वान नेहा बोरा ने नहीं किया था।

इस पर कोर्ट ने सवाल किया, 'क्या आप जिस मुद्दे को संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत हाईकोर्ट में उठा रहे हैं, वह काम धारा 135(3) के तहत मजिस्ट्रेट का नहीं है? नोटिस का मतलब बस यह है कि जांच के दौरान आप मजिस्ट्रेट को संतुष्ट करें कि बॉन्ड क्यों नहीं लिया जाना चाहिए। क्या हमें इस पर डिटेल में सुनवाई करनी चाहिए या केवल धारा 126 के नोटिस और उसके कारणों तक सीमित रहना चाहिए?'

इसके जवाब में वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि यह नोटिस केवल कट और पेस्ट करके तैयार किया गया है। पर्सनल बॉन्ड मांगने से पहले पूरी जांच होना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच का भी यही फैसला है। जब तक जांच पूरी न हो, मजिस्ट्रेट बॉन्ड की मांग नहीं कर सकता।

विज्ञापन

पुलिस ने रखी दलील
दूसरी ओर, दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा की इस याचिका की मेंटेनिबिलिटी (रखने योग्य होने) पर गंभीर आपत्ति जताई है। पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखीं, जिस पर अब आगे की कार्यवाही की जा रही है।

'नेहा ने हिंसा भड़काने की बात नहीं की'
वकील ने अदालत को बताया कि सरकार के फैसलों के खिलाफ देश में विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। उनकी क्लाइंट नेहा बोरा ने कभी हिंसा भड़काने की बात नहीं की और उनका रुख पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है। वह केवल सुधारों की मांग कर रही थीं।

उन्होंने आगे बताया कि 15 अक्तूबर को नेहा ने प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसके बाद 16 अक्तूबर को जंतर-मंतर को अचानक 'डिनोटिफाई' (अधिसूचना से बाहर) किए जाने के विरोध में उन्होंने शाम को मंडी हाउस में बैठक का आह्वान किया था। इस पोस्ट में हिंसा भड़काने, कानून तोड़ने या शांति भंग करने जैसी कोई बात नहीं थी।

वकील ने यह भी दलील दी कि कनॉट प्लेस का प्रदर्शन किसी अन्य संगठन द्वारा आयोजित किया गया था, जबकि नेहा बोरा ने केवल मंडी हाउस का आह्वान किया था। नोटिस में 'बिना अनुमति राष्ट्रीय ध्वज फहराने' का जिक्र किया गया है, जबकि तिरंगा फहराने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा, यह प्रक्रिया वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शुरू की गई, जबकि नोटिस जारी करने वाला मजिस्ट्रेट खुद एक पुलिस अधिकारी है।

विज्ञापन

यह था मामला
नेहा बोरा को 16 अक्तूबर को मंडी हाउस में एक सभा में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया गया था। उनका आरोप है कि उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाकर आरके पुरम थाने में रातभर रखा गया और अगले दिन सुबह छह बजे रिहा किया गया। नोटिस में मंडी हाउस पर नारेबाजी, निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर के आसपास विरोध प्रदर्शन और कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाने के आरोप लगाए गए हैं। नेहा बोरा ने याचिका में कहा है कि नोटिस में शांति भंग होने की आशंका के समर्थन में कोई ठोस कारण, विशिष्ट घटना या समयावधि नहीं बताई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed