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Delhi NCR News: कैग रिपोर्ट के बाद केजरीवाल सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं के लगाए आरोप
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मंत्री प्रवेश साहिब सिंह का दावा, 3500 करोड़ की अनियमितताएं सामने आई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सात अगस्त को पेश कैग रिपोर्ट में करीब 3500 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। अबकेजरीवाल सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार का एक-एक कर हिसाब देना होगा।
भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर 1185 मैन्युअल टेंडर किए गए, इनमें 14,527 बोलियां लगीं, जबकि 97 प्रतिशत ठेकों से संबंधित कॉन्ट्रैक्ट अवाॅर्ड की फाइलें उपलब्ध नहीं मिलीं। उन्होंने दावा किया कि केवल तीन प्रतिशत टेंडरों की ही संबंधित फाइलें मिलीं और टेंडरों में आर्बिट्रेशन क्लॉज का भी इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2023 तक दिल्ली में 68,680 करोड़ रुपये के बोगस ई-वे बिल सामने आए। वहीं 8,334 ऐसे कारोबारी पाए गए, जिनका जीएसटी पंजीकरण रद्द हो चुका था, लेकिन वे ई-वे बिल बनाते रहे। इसके अलावा 4,076 नॉन-फाइलर्स द्वारा 11,635 करोड़ रुपये के ई-वे बिल जनरेट किए जाने का दावा किया गया।
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प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि 6.10 करोड़ ई-वे बिलों में से केवल 0.10 प्रतिशत की जांच की गई। उनके अनुसार 70 मामलों की जांच में 344 गैर-अनुपालन के मामले मिले, जिनका राजस्व प्रभाव 3,071.92 करोड़ रुपये था। उन्होंने बिजली सब्सिडी योजना में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके मुताबिक करीब 50 हजार ऐसे उपभोक्ताओं को भी 17.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, जिनके 12 महीने तक शून्य बिल रहे। प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता यासिर जिलानी और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर भी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सात अगस्त को पेश कैग रिपोर्ट में करीब 3500 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। अबकेजरीवाल सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार का एक-एक कर हिसाब देना होगा।
भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर 1185 मैन्युअल टेंडर किए गए, इनमें 14,527 बोलियां लगीं, जबकि 97 प्रतिशत ठेकों से संबंधित कॉन्ट्रैक्ट अवाॅर्ड की फाइलें उपलब्ध नहीं मिलीं। उन्होंने दावा किया कि केवल तीन प्रतिशत टेंडरों की ही संबंधित फाइलें मिलीं और टेंडरों में आर्बिट्रेशन क्लॉज का भी इस्तेमाल किया गया।
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उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2023 तक दिल्ली में 68,680 करोड़ रुपये के बोगस ई-वे बिल सामने आए। वहीं 8,334 ऐसे कारोबारी पाए गए, जिनका जीएसटी पंजीकरण रद्द हो चुका था, लेकिन वे ई-वे बिल बनाते रहे। इसके अलावा 4,076 नॉन-फाइलर्स द्वारा 11,635 करोड़ रुपये के ई-वे बिल जनरेट किए जाने का दावा किया गया।
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प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि 6.10 करोड़ ई-वे बिलों में से केवल 0.10 प्रतिशत की जांच की गई। उनके अनुसार 70 मामलों की जांच में 344 गैर-अनुपालन के मामले मिले, जिनका राजस्व प्रभाव 3,071.92 करोड़ रुपये था। उन्होंने बिजली सब्सिडी योजना में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके मुताबिक करीब 50 हजार ऐसे उपभोक्ताओं को भी 17.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, जिनके 12 महीने तक शून्य बिल रहे। प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता यासिर जिलानी और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर भी मौजूद थे।