{"_id":"6a6dff50a9597dd06b06cd6f","slug":"anxiety-rises-among-patients-and-their-attendants-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-148625-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: आरएमएल अस्पताल में बंदरों का आतंक, मरीजों व तीमारदारों की बढ़ी चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: आरएमएल अस्पताल में बंदरों का आतंक, मरीजों व तीमारदारों की बढ़ी चिंता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पियाऊ-बेंचों पर कब्जा, हाथ से छीना जा रहा खाना, प्रशासन ने बैठक कर समाधान का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में मरीजों व उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर, ओपीडी और कई बार वार्डों के आसपास तक बंदर व आवारा कुत्ते घूमते दिखते हैं, जिससे मरीजों, तीमारदारों व कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसा ही मामला डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में है, जहां बंदरों ने पियाऊ व बैठने की बेंचों पर कब्जा कर लिया है।
नए ओपीडी के पीछे लगे पियाऊ पर बंदरों का डेरा है। मरीज जब पानी भरने आते हैं तो बंदर गुर्राकर दांत दिखाते व काटने को दौड़ते हैं। कई बार वे खाने-पीने का सामान भी छीन लेते हैं। हालांकि, परिसर में लंगूर के कटआउट लगे हैं, लेकिन बंदर अब उनसे डरना बंद कर चुके हैं।
मरीज रमेश कुमार ने बताया कि एक बंदर ने उनके हाथ से खाना छीन लिया। तीमारदार किशन ने कहा कि बंदरों का झुंड पेड़ों में छिपा रहता है, जो पानी भरने वालों को डराता है और धुतकारने पर काटने दौड़ता है।
विज्ञापन
वर्जन
समस्या पर हुई बैठक, जल्द होंगे आवश्यक बदलाव: अस्पताल प्रशासन
आरएमएल अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वैशाली भारद्वाज ने बताया कि बंदरो के उत्पाद और मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाने का निर्णय लिया है। निदेशक की अध्यक्षता में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सीपीडब्ल्यूडी के विद्युत अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में बंदरों के आतंक से बचाव और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समग्र योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें कहा गया कि इस समस्या के समाधान के लिए जल्दी ही अस्पताल में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में मरीजों व उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर, ओपीडी और कई बार वार्डों के आसपास तक बंदर व आवारा कुत्ते घूमते दिखते हैं, जिससे मरीजों, तीमारदारों व कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसा ही मामला डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में है, जहां बंदरों ने पियाऊ व बैठने की बेंचों पर कब्जा कर लिया है।
नए ओपीडी के पीछे लगे पियाऊ पर बंदरों का डेरा है। मरीज जब पानी भरने आते हैं तो बंदर गुर्राकर दांत दिखाते व काटने को दौड़ते हैं। कई बार वे खाने-पीने का सामान भी छीन लेते हैं। हालांकि, परिसर में लंगूर के कटआउट लगे हैं, लेकिन बंदर अब उनसे डरना बंद कर चुके हैं।
विज्ञापन
मरीज रमेश कुमार ने बताया कि एक बंदर ने उनके हाथ से खाना छीन लिया। तीमारदार किशन ने कहा कि बंदरों का झुंड पेड़ों में छिपा रहता है, जो पानी भरने वालों को डराता है और धुतकारने पर काटने दौड़ता है।
विज्ञापन
वर्जन
समस्या पर हुई बैठक, जल्द होंगे आवश्यक बदलाव: अस्पताल प्रशासन
आरएमएल अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वैशाली भारद्वाज ने बताया कि बंदरो के उत्पाद और मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाने का निर्णय लिया है। निदेशक की अध्यक्षता में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सीपीडब्ल्यूडी के विद्युत अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में बंदरों के आतंक से बचाव और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समग्र योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें कहा गया कि इस समस्या के समाधान के लिए जल्दी ही अस्पताल में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।