'चंदा चोरी' के नाटक पर घमासान: राहुल-पप्पू यादव-अवधेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत, भाजपा बोली- ये सनातन का अपमान
सूर्य मैथिल ने आरोप लगाया कि इस कृत्य को राहुल गांधी, डिंपल यादव, अवधेश कुमार और 'इंडी' गठबंधन के अन्य सांसदों का पूरा समर्थन प्राप्त था। शिकायतकर्ता ने गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली पुलिस आयुक्त, डीसीपी नॉर्थ, डीसीपी नॉर्थ वेस्ट और जहांगीरपुरी एसएचओ से मांग की है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले इन सभी लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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विस्तार
संसद परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले को लेकर विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए 'नुक्कड़ नाटक' पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को एक लिखित शिकायत सौंपी है। इस शिकायत में विपक्षी नेताओं पर हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
किन नेताओं के खिलाफ हुई शिकायत?
भाजपा ने अपनी शिकायत में मुख्य रूप से विपक्षी नेताओं को नामजद किया है, जिसमें राहुल गांधी (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष), पप्पू यादव (पूर्णिया से निर्दलीय सांसद) और अवधेश प्रसाद (समाजवादी पार्टी के सांसद) का नाम शामिल है।
क्या है पूरा विवाद?
शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन को लेकर एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान सांसद पप्पू यादव साधु के वेश (भगवा वस्त्र) में नजर आए थे और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस नाटक में हिस्सा लिया था। भाजपा का आरोप है कि इस नाटकीय प्रदर्शन के जरिए पूरे संत समाज और हिंदू आस्था का मजाक उड़ाया गया है।
भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना को लेकर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की है। बांसुरी स्वराज ने कहा कि विरोध के नाम पर पप्पू यादव, अवधेश प्रसाद और राहुल गांधी ने जो स्वांग रचा, वह कोई प्रदर्शन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और संत समाज का मजाक था। संविधान हमें विरोध का अधिकार जरूर देता है, लेकिन किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं देता।
विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि जानबूझकर भगवा वस्त्र पहने गए ताकि यह दर्शाया जा सके कि पूरा संत समाज चोर है। हम इसके सख्त खिलाफ हैं और चाहते हैं कि पुलिस इन नेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे।
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा को सौंपे गए पत्र (जिसमें भाजपा विधायक अनिल शर्मा और करनैल सिंह भी शामिल थे) में स्पष्ट किया गया है कि इस राजनीतिक नाटक ने पवित्र हिंदू धार्मिक प्रतीकों (जैसे भगवा वस्त्र, तिलक) और प्रथाओं का सार्वजनिक रूप से उपहास किया है। यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भगवान राम के भक्त और हिंदू पुजारी निजी स्वार्थ के लिए दान का गबन करते हैं। इस कृत्य से उन करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं को गहरी ठेस पहुंची है, जो मंदिरों में दिए जाने वाले दान और इन प्रतीकों को बेहद पवित्र मानते हैं।
अन्य जगहों पर भी शिकायतें दर्ज
गौरतलब है कि इस प्रदर्शन को लेकर पप्पू यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में भी उनके खिलाफ इसी तरह की एक शिकायत दर्ज की गई थी। इसके अलावा, शनिवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी साधु-संतों और वकीलों ने सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।