DUSU Elections: पांच हजार में लड़ना होगा डूसू चुनाव, नियम तोड़ने पर रद होगी उम्मीदवारी; लाउडस्पीकर-वाहन पर रोक
DUSU Elections 2026: दिल्ली में डूसू चुनाव का शंखनाद हो चुका है। चुनाव प्रचार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही किया जा सकेगा। वहीं आचार सहिंता की शर्तें जारी कर दी गई है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का शंखनाद हो चुका है। डूसू चुनाव उम्मीदवारों को इस बार भी पांच हजार रुपये में ही लड़ना होगा। चुनाव परिणाम आने के दो सप्ताह के भीतर खर्च का पूरा और ऑडिट कर ब्योरा विश्वविद्यालय या कॉलेज को देना होगा। तय सीमा से ज्यादा खर्च करने पर चुनाव रद्द किया जा सकता है। प्रत्याशी अपने प्रचार के लिए अपने चार से अधिक विद्यार्थियों को नहीं ले जा सकेंगे। प्रिन्टेंड पोस्टर पर रोक रहेगी, नियम तोड़ने पर उम्मीदवारी रद हो सकती है।
डूसू चुनाव तिथियों की घोषणा के बाद अब चुनाव के लिए आचार संहिता जारी कर दी गई है। आचार संहिता में प्रत्याशियों की उम्र, पढ़ाई, प्रचार और चुनावी खर्च को लेकर कई शर्तें रखी गई हैं। चुनाव में केवल विश्वविद्यालय के पूर्णकालिक पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले नियमित छात्र ही हिस्सा ले सकेंगे। स्नातक छात्रों की उम्र 16 अगस्त को 17 से 22 साल के बीच होनी चाहिए। पेशेवर पाठ्यक्रमों में ऊपरी आयु सीमा में अधिकतम एक साल की छूट दी जा सकती है। स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अधिकतम उम्र 25 साल रखी गई है।
बकाया पेपर होने पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे
प्रत्याशी के किसी भी विषय में पेपर लंबित नहीं होना चाहिए। पिछले शैक्षणिक वर्ष में फेल होने या मौजूदा सत्र में दोबारा दाखिला लेने वाले छात्र भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार न्यूनतम उपस्थिति 75 फीसदी होना जरूरी है। वहीं एक छात्र पदाधिकारी के पद के लिए केवल एक बार चुनाव लड़ सकता है। कार्यकारी सदस्य के पद के लिए अधिकतम दो बार चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। कोई प्रत्याशी एक साथ दो पदों पर चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
चुनाव प्रचार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक
चुनाव प्रचार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही किया जा सकेगा। प्रचार के दौरान प्रत्याशी के साथ अधिकतम चार छात्र रह सकेंगे। छपे हुए पोस्टर, पर्चे और अन्य प्रचार सामग्री के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। केवल हाथ से बनाए पोस्टर लगाए जा सकेंगे और उन्हें भी विश्वविद्यालय की ओर से तय जगहों पर ही लगाया जाएगा।
लाउडस्पीकर वाहनों और जानवरों के जरिए प्रचार नहीं किया जा सकेगा। मैस्कॉट किसी किरदार या पोशाक का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा। विश्वविद्यालय या कॉलेज की किसी संपत्ति, वेबसाइट अथवा फेसबुक पेज को नुकसान पहुंचाने पर संबंधित प्रत्याशी और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मतदान केंद्र के पास प्रचार पर रोक
मतदाताओं को पैसे देना, डराना-धमकाना या किसी दूसरे छात्र के नाम पर वोट डालना प्रतिबंधित है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार नहीं किया जा सकेगा। मतदान खत्म होने से 24 घंटे पहले सार्वजनिक बैठकें करने और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने पर भी रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशी की उम्मीदवारी या जीती हुई सीट रद्द की जा सकती है। उसके खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
शिकायतों के लिए बनेगा प्रकोष्ठ
डूसू चुनाव के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसकी अध्यक्षता डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर करेंगे। प्रकोष्ठ में एक वरिष्ठ शिक्षक, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अंतिम वर्ष का एक छात्र व एक छात्रा को शामिल किया जाएगा। चुनाव से जुड़ी आपत्तिजनक घटनाओं की सूचना पुलिस को 12 घंटे के भीतर देने का प्रावधान भी किया गया है।
दिल्ली में डूसू चुनाव का शंखनाद हो चुका है। इस बार भी उम्मीदवारों को पांच हजार रुपये की खर्च सीमा में ही चुनाव लड़ना होगा। वहीं दूसरी तरफ तय सीमा से अधिक खर्च करने पर चुनाव रद्द किया जा सकता है।