20 साल का इंतजार, दो बार रिजेक्ट: दिल्ली में ट्रैफिक को एआई करेगा कंट्रोल, आईटीएमएस सिस्टम को केंद्र की मंजूरी
राजधानी में यातायात जाम की गंभीर समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव दिल्ली यातायात पुलिस ने वर्ष 2007-08 में तैयार किया था, जिसे पहले दो बार खारिज किया जा चुका था।
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कहावत है कि देर आए दुरूस्त आए। ये कहावत भी आईटीएमस के लागू होने पर लागू होती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से ये आईटीएस का प्रपोजल वर्ष 2007/08 मेें तैयार किया गया था। इस सिस्टम को केंद्र सरकार दो बार रिजेक्ट भी कर चुकी है। अब जब राष्ट्रीय राजधानी जाम से बुरी तरह कहराने लगी तो आईटीएमएस सिस्टम को मंजूरी दी गई है। हालांकि इसका पूरा दिल्ली श्रेय दिल्ली ट्रैफिक वह उसकी सहयोग करने वाली कई सस्थाओं को जाता है।
केंद्र सरकार ने दो बार इस प्रपोजल को किया था रिजेक्ट
दिल्ली पुलिस में ट्रैफिक यूनिट की कमान वर्ष 2007 में रिटायर हो चुके आईपीएस अफसर कमर अहमद संभालते थे। उस समय दिल्ली में आईटीएमएस को लागू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। वह रिटायर हो गए और ये सिस्टम दिल्ली के ट्रैफिक की तरह रेंगता रहा। इसके बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दो बार प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया था। हालांकि दोनों बार केंद्र सरकार से रिजेक्ट कर दिया गया। कहा जा रहा था कि प्रपोजल ठीक से तैयार नहीं किया गया था। इस कारण रिजेक्ट किया गया था।
वर्ष 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने फिर नया प्रपोजल तैयार करना शुरू किया। गृह मंत्रालाय ने बताया इस बार प्रपोजल तैयार करने में सी-डेस्क सलाहकार बनी। इसके अलावा आईआईटी दिल्ली, सीआरआरआई, एसपीए आदि संस्थाओं का सहयोग लिया। इस प्रपोजल के तहत 42 कॉरिडोर की पहचान की गई। इस 42 कॉरिडोर पर 82 कैमरे लगए गए। इसके बाद स्टडी की गई। स्टडी में देखा गया कि राजधानी में किस जगह पर ई-रिक्शा ज्यादा हैं, कहां पैदल यात्री ज्यादा चलते हैं, कहां चार पहिया वाहन आते हैं और कहां किस तरह के वाहन आते हैं।
पूरी स्टडी से तैयार हुआ था प्रपोजल
इस बार दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पूरी स्टडी, आंकड़ों व कैमरों के रिजल्ट को लेकर प्रपोजल तैयार किया गया। जोरदार पैरवी की गई। इसका नतीजा ये निकला कि केंद्र सरकार ने आईटीएमएस को मंजूरी दे दी।
जरूरी था ये आईटीएमएस
दिल्ली पुलिस के रिटायर व लंबे समय तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की कमान संभालने वाले आईपीएस अफसर कमर अहमद ने कहा कि ये सिस्टम अब जरूरी था। दिल्ली में ट्रैवल टाइम बहुत बढ़ गया था। जरूरत है कि दिल्ली में ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे।
दिल्ली में इस समय करीब 71 लाख एक्टिव रजिस्टर्ड वाहन हैं। वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन अभी भी काफी हद तक फिक्स्ड सिग्नल और मैन्युअल नियंत्रण पर निर्भर है। नया सिस्टम सड़कों की वास्तविक स्थिति के अनुसार ट्रैफिक को नियंत्रित करेगा। आईटीएमएस का मकसद सड़क पर मौजूद ट्रैफिक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करना है, ताकि ट्रैफिक मैनेजमेंट सड़क की वास्तविक स्थितियों के अनुसार तेजी से और सही तरीके से काम कर सके।