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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Chronic Fatigue Syndrome can cause lethargy and persistent body pain throughout the day.

Delhi NCR News: दिनभर सुस्ती और शरीर में लगातार दर्द हो सकता है क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 06:48 PM IST
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यह लंबे समय तक चलने वाली जटिल बीमारी, जिसमें व्यक्ति लगातार अत्यधिक थकान महसूस करता है
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अगर आप दिनभर थकान, सुस्ती और शरीर में दर्द महसूस करते हैं और पर्याप्त नींद और आराम के बाद भी राहत नहीं मिलती, तो यह सामान्य थकान नहीं बल्कि क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम का संकेत हो सकता है। इसे मायल्जिक एन्सेफेलोमाइलाइटिस (एमई/सीएफएस) भी कहा जाता है। यह एक लंबे समय तक चलने वाली जटिल बीमारी है, जिसमें व्यक्ति लगातार अत्यधिक थकान महसूस करता है। यह थकान आराम करने के बाद भी कम नहीं होती। इसके कारण व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्षमता प्रभावित होती है।


आरएमल अस्पताल के डॉ. रमेश मीणा ने बताया कि यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मरीज को लगातार भारी थकान महसूस होती है। आराम और नींद लेने के बाद भी शरीर में ऊर्जा नहीं आती। इसका स्पष्ट कारण अभी पूरी तरह पता नहीं है, लेकिन शोध के अनुसार इसके पीछे अनुवांशिक कारण, लंबे समय का तनाव, हार्मोनल बदलाव और इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी जैसी वजहें हो सकती हैं। उनके अनुसार, इस बीमारी में शरीर का नर्वस सिस्टम, इम्यून सिस्टम और ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसकी एक खास पहचान पोस्ट-एक्सर्शनल मलेस है, जिसमें हल्का काम करने के बाद भी कई दिनों तक कमजोरी और थकान रहती है।
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प्रमुख लक्षण
-लगातार थकान : व्यक्ति को 6 महीने या उससे अधिक समय तक सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है।
-नींद के बाद भी थकान : पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता।
-हल्के काम के बाद हालत बिगड़ना : थोड़ी सी एक्सरसाइज या मेहनत के बाद भी कई दिनों तक थकान, सिरदर्द और शरीर दर्द बना रहता है।
-ब्रेन फॉग : याददाश्त कमजोर होना, ध्यान लगाने में कठिनाई और सोचने में परेशानी।
-चक्कर और कमजोरी : लंबे समय तक खड़े रहने पर चक्कर आना या सिर हल्का महसूस होना।
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ऐसे करें बचाव और देखभाल
-अत्यधिक तनाव से बचें
-संतुलित और पौष्टिक आहार लें
-पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेटेड रखें
-नियमित और पूरी नींद लें
-हल्का योग और मेडिटेशन करें
-कैफीन और अल्कोहल का सेवन कम करें
-बीमारी या वायरल संक्रमण के दौरान पूरा आराम करें
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