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'कर्ज है, बच्चे कामयाब नहीं': बच्चों को सब्जी लाने के लिए भेजा, सुसाइड नोट में लिखीं ये बातें, दंपती ने दी जान
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 31 Jan 2026 03:21 PM IST
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सार
राजधानी दिल्ली में आर्थिक तंगी से परेशान दंपती ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में बच्चों के कामयाब नहीं होने और कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी की बात लिखी है।
इसी बिल्डिंग में लगाया फंदा, बाहर खड़े परिजन व अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में बृहस्पतिवार देर रात आर्थिक तंगी से परेशान एक दंपती ने फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों का शव अलग अलग कमरों में लटका मिला। मृतकों की शिनाख्त अजय कुमार दीक्षित (55) और रीता दीक्षित (50) के रूप में हुई।
सुसाइड नोट में बच्चों के कामयाब नहीं होने और कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों डिप्रेशन में थे।
उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात 12.05 बजे ज्योति नगर थाना पुलिस को वेस्ट ज्योति नगर के एक फ्लैट में दंपती के खुदकुशी की जानकारी मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस सी 41ए, चौथी मंजिल, वेस्ट ज्योति नगर पहुंची। पुलिस ने देखा कि एक कमरे में अजय कुमार फंदे से लटके हुए थे, जबकि दूसरे कमरे में रीता चुन्नी की मदद से फंदे पर लटकी हुई थी। जांच में पता चला कि अजय अपनी पत्नी और दो बेटों 29 साल के भास्कर और 25 साल के शरद के साथ यहां किराए के मकान में रहते थे।
वह सोनिया विहार साढ़े तीन पुश्ता पर मेडिकल स्टोर चलाते थे। भास्कर पहले किसी निजी कंपनी में काम करते थे, लेकिन पिछले काफी समय से नौकरी छोड़ दी थी। वह पिता के साथ मेडिकल स्टोर पर ही बैठते थे। वहीं शरद एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
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सुसाइड नोट में बच्चों के कामयाब नहीं होने और कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों डिप्रेशन में थे।
उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात 12.05 बजे ज्योति नगर थाना पुलिस को वेस्ट ज्योति नगर के एक फ्लैट में दंपती के खुदकुशी की जानकारी मिली।
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सूचना मिलते ही पुलिस सी 41ए, चौथी मंजिल, वेस्ट ज्योति नगर पहुंची। पुलिस ने देखा कि एक कमरे में अजय कुमार फंदे से लटके हुए थे, जबकि दूसरे कमरे में रीता चुन्नी की मदद से फंदे पर लटकी हुई थी। जांच में पता चला कि अजय अपनी पत्नी और दो बेटों 29 साल के भास्कर और 25 साल के शरद के साथ यहां किराए के मकान में रहते थे।
वह सोनिया विहार साढ़े तीन पुश्ता पर मेडिकल स्टोर चलाते थे। भास्कर पहले किसी निजी कंपनी में काम करते थे, लेकिन पिछले काफी समय से नौकरी छोड़ दी थी। वह पिता के साथ मेडिकल स्टोर पर ही बैठते थे। वहीं शरद एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
क्या है सुसाइड नोट में
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए दोनों ने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अपने लिए गए कर्ज और लगातार आर्थिक अस्थिरता से निपटने में अपनी असमर्थता का भी जिक्र किया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उनके सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। छानबीन में पता चला कि अजय पहले छोटी फैक्टरी चलाते थे, जो बंद हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए दोनों ने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अपने लिए गए कर्ज और लगातार आर्थिक अस्थिरता से निपटने में अपनी असमर्थता का भी जिक्र किया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उनके सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। छानबीन में पता चला कि अजय पहले छोटी फैक्टरी चलाते थे, जो बंद हो गई।
आर्थिक संकट में होने की वजह से वेस्ट ज्योति नगर का मकान बेचकर सात आठ माह पहले किराए के मकान में रहने लगे। भजनपुरा और सोनिया विहार में मेडिकल स्टोर खोला जिसके लिए भी कर्ज लिया। सूत्रों का कहना है कि उनपर एक करोड़ से ज्यादा का कर्ज था। पुलिस को आशंका है कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर वह डिप्रेशन में चले गए और खुदकुशी जैसा कदम उठा लिया। पुलिस परिवार वालों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
बच्चों को सब्जी लाने के लिए भेजकर की खुदकुशी
भास्कर ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे वह घर आए तो माता पिता से खाने के लिए पूछा। मां ने बताया कि वह रोटी बना रही है, तब तक वह बाजार से सब्जी लेकर आ जाए। भास्कर बाजार से सब्जी लेकर रात करीब 11:45 के आसपास पहुंचे। उन्होंने फ्लैट का बेल बजाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने तीसरी मंजिल के कॉल बेल को बजाया।
भास्कर ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे वह घर आए तो माता पिता से खाने के लिए पूछा। मां ने बताया कि वह रोटी बना रही है, तब तक वह बाजार से सब्जी लेकर आ जाए। भास्कर बाजार से सब्जी लेकर रात करीब 11:45 के आसपास पहुंचे। उन्होंने फ्लैट का बेल बजाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने तीसरी मंजिल के कॉल बेल को बजाया।
पड़ोसी के दरवाजा खोलने पर वह चौथी मंजिल पर पहुंचे। कमरे का दृश्य देखकर सन्न रह गए। बाहर के कमरे में उनके पिता का शव फंदे से लटक रहा था जबकि दूसरे कमरे में मां ने चुन्नी में फंदा लगा कर जान दे दी थी। उसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को नीचे उतार कर पास के अस्पताल में लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया।
