Hanuman Janmotsav: हनुमान जन्मोत्सव पर दिल्ली के मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़, करोल बाग मंदिर पहुंची CM रेखा
Hanuman Janmotsav 2026: मरघट वाले हनुमान बाबा मंदिर और कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भक्तों ने सुबह से ही पूजा-अर्चना शुरू कर दी। लंबी कतारों में खड़े होकर लोग बाबा के दर्शन कर रहे हैं।
विस्तार
भगवान राम के प्रति अपनी अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध हनुमान जी साहस और निष्ठा के साक्षात प्रतीक माने जाते हैं। आज दो अप्रैल को हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इसलिए हर साल इस दिन पर ही हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
#WATCH | Delhi: Devotees arrive in large numbers at Shri Marghat Wale Hanuman Baba Temple to offer prayers on Hanuman Jayanti today. pic.twitter.com/ZCq6zzjQHN
विज्ञापन— ANI (@ANI) April 2, 2026विज्ञापन
गुरुवार को हनुमान जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली के मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे थे। दिल्ली के प्राचीन हनुमान मंदिर श्री मरघट वाले हनुमान बाबा मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। यहां भक्तों ने भगवान हनुमान को सिंदूर और प्रसाद चढ़ाया।
#WATCH | Delhi: Devotees arrive in large numbers at Pracheen Hanuman Mandir in Connaught Place to offer prayers on Hanuman Jayanti today. pic.twitter.com/98D5io1MjB
— ANI (@ANI) April 2, 2026
वहीं पांडव कालीन कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और आरती में भाग लिया। मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हनुमान जयंती का पर्व पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है।
करोल बाग मंदिर पहुंचीं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर करोल बाग स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रभु श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी से राजधानी के हर परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने हनुमान जी की अखंड भक्ति, निस्वार्थ सेवा और पराक्रम को सनातन मूल्यों का सर्वोच्च आदर्श बताते हुए सभी के जीवन में साहस, संयम और समर्पण का संचार होने की प्रार्थना की।
हनुमान जी के गुरु कौन है?
हनुमान जी के गुरु के बारे में जब भी बात होती है तो सूर्यदेव को उनका गुरु कहा जाता है। यह बात आंशिक रूप से सही भी है क्योंकि सूर्य देव ने ही उन्हें शिक्षा और ज्ञान प्रदान की थी। लेकिन हनुमान चालीसा में इस बात का उल्यलेख मिलता है कि वह माता सीता को अपना गुरु मानते थे। हनुमान चालीसा की शुरुआत दो दोहों से होती है, जिसमें पहला शब्द 'श्री गुरु चरन सरोज रज' है। कई विद्वानों के अनुसार यहाँ 'श्री गुरु' का तात्पर्य माता सीता से है।
कैसे मनाया जाता है हनुमान जन्मोत्सव?
इस दिन सुबह स्नान कर मंदिर में पूजा करें।
हनुमान चालीसा का पाठ करें।
व्रत रखें और प्रसाद चढ़ाएं।
भजन-कीर्तन और सुंदरकांड का पाठ करें।
हनुमान जयंती या जन्मोत्सव, क्या अंतर है?
असल में जयंती और जन्मोत्सव दोनों का मतलब जन्मदिन से ही होता है। दोनों ही नाम सही हैं और एक ही पर्व को दर्शाते हैं। 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती यानी हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
जयंती और जन्मोत्सव के बीच मुख्य अंतर है, जीवन और मृत का। दरअसल, जयंती उन महापुरुषों का जन्मदिन है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं यानी जिनकी मृत्यु हो जाती है, उनकी जयंती मनाई जाती है। लेकिन जन्मोत्सव जीवित व्यक्ति या अमर देवी देवताओं के जन्मदिन का मौका होता है।
हनुमान जी अजर-अमर हैं। पुराणों में बजरंगबली के चिरंजीवी होने का विवरण मिलता है, इसलिए उनके जन्मदिन को जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, ना कि जयंती के तौर पर।
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