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Delhi NCR News: द्वारका बनेगा ग्लोबल हब, एलजी ने की डीडीए परियोजनाओं की समीक्षा
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- यशोभूमि, आईटी हब, गोल्फ कोर्स और 5 स्टार होटल के सहारे इंटरनेशनल इवेंट्स व निवेश आकर्षित करने का रोडमैप
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की द्वारका सब-सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर और आयोजनों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी लाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल व डीडीए के चेयरमैन सरदार तरनजीत सिंह संधू ने द्वारका क्षेत्र का दौरा कर प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि द्वारका को इंटरनेशनल कन्वेंशन, बिजनेस और सांस्कृतिक गतिविधियों के ग्लोबल हब के रूप में विकसित करने के लिए समयबद्ध और ठोस रोडमैप तैयार किया जाए।
दौरे के दौरान उपराज्यपाल ने स्टॉर्म वाटर चैनल नंबर-2 और 5, सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स परियोजना, सेक्टर-23 में प्रस्तावित पांच सितारा होटल और सेक्टर-26 में आईटी व आईटीईएस हब के लिए चिन्हित स्थलों का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर और आसपास के क्षेत्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियों पर चर्चा की।
उपराज्यपाल ने कहा कि द्वारका में मौजूद आधुनिक कन्वेंशन सेंटर, गोल्फ कोर्स, एयरपोर्ट की नजदीकी और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी इसे ग्लोबल एंगेजमेंट का बड़ा केंद्र बना सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मल्टीनेशनल कंपनियों, वैश्विक संस्थानों और दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित कर यहां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, प्रदर्शनी, फिल्म फेस्टिवल और बिजनेस समिट आयोजित करने की दिशा में काम किया जाए। साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन मोबिलिटी और आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
स्टॉर्म वाटर चैनल परियोजना को शहरी कायाकल्प की अहम पहल बताते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ इसे ग्रीन रिक्रिएशनल कॉरिडोर में बदला जा रहा है। यहां साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग, सार्वजनिक प्लाजा और सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेंगे। सेक्टर-23 में प्रस्तावित पांच सितारा होटल परियोजना को निवेश और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह विशेष लाइसेंस शुल्क मॉडल पर आधारित परियोजना होगी, जिसमें निजी भागीदारी से आधुनिक होटल का निर्माण किया जाएगा। वहीं सेक्टर-26 में प्रस्तावित आईटी और आईटीईएस हब से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है और यह क्षेत्र कॉर्पोरेट गतिविधियों का केंद्र बन सकता है। दौरे के अंतिम चरण में उपराज्यपाल ने सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स का निरीक्षण किया और इसे खेल और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बताया।
पब्लिक कनेक्ट और ग्राउंड रियलिटी
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि द्वारका के विकास को लेकर समयबद्ध योजना तैयार की जाए और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाले समय में यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों और निवेश का प्रमुख केंद्र बन सके।
द्वारका में प्रमुख परियोजनाएं
- यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर के आसपास इंटरनेशनल इवेंट हब
- सेक्टर-23 में 5 स्टार होटल परियोजना
- सेक्टर-26 में आईटी और आईटीईएस हब
- सेक्टर-24 में गोल्फ कोर्स
- स्टॉर्म वाटर चैनल को ग्रीन कॉरिडोर में बदलना
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की द्वारका सब-सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर और आयोजनों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी लाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल व डीडीए के चेयरमैन सरदार तरनजीत सिंह संधू ने द्वारका क्षेत्र का दौरा कर प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि द्वारका को इंटरनेशनल कन्वेंशन, बिजनेस और सांस्कृतिक गतिविधियों के ग्लोबल हब के रूप में विकसित करने के लिए समयबद्ध और ठोस रोडमैप तैयार किया जाए।
दौरे के दौरान उपराज्यपाल ने स्टॉर्म वाटर चैनल नंबर-2 और 5, सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स परियोजना, सेक्टर-23 में प्रस्तावित पांच सितारा होटल और सेक्टर-26 में आईटी व आईटीईएस हब के लिए चिन्हित स्थलों का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर और आसपास के क्षेत्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियों पर चर्चा की।
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उपराज्यपाल ने कहा कि द्वारका में मौजूद आधुनिक कन्वेंशन सेंटर, गोल्फ कोर्स, एयरपोर्ट की नजदीकी और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी इसे ग्लोबल एंगेजमेंट का बड़ा केंद्र बना सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मल्टीनेशनल कंपनियों, वैश्विक संस्थानों और दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित कर यहां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, प्रदर्शनी, फिल्म फेस्टिवल और बिजनेस समिट आयोजित करने की दिशा में काम किया जाए। साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन मोबिलिटी और आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
स्टॉर्म वाटर चैनल परियोजना को शहरी कायाकल्प की अहम पहल बताते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ इसे ग्रीन रिक्रिएशनल कॉरिडोर में बदला जा रहा है। यहां साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग, सार्वजनिक प्लाजा और सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेंगे। सेक्टर-23 में प्रस्तावित पांच सितारा होटल परियोजना को निवेश और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह विशेष लाइसेंस शुल्क मॉडल पर आधारित परियोजना होगी, जिसमें निजी भागीदारी से आधुनिक होटल का निर्माण किया जाएगा। वहीं सेक्टर-26 में प्रस्तावित आईटी और आईटीईएस हब से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है और यह क्षेत्र कॉर्पोरेट गतिविधियों का केंद्र बन सकता है। दौरे के अंतिम चरण में उपराज्यपाल ने सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स का निरीक्षण किया और इसे खेल और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बताया।
पब्लिक कनेक्ट और ग्राउंड रियलिटी
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि द्वारका के विकास को लेकर समयबद्ध योजना तैयार की जाए और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाले समय में यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों और निवेश का प्रमुख केंद्र बन सके।
द्वारका में प्रमुख परियोजनाएं
- यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर के आसपास इंटरनेशनल इवेंट हब
- सेक्टर-23 में 5 स्टार होटल परियोजना
- सेक्टर-26 में आईटी और आईटीईएस हब
- सेक्टर-24 में गोल्फ कोर्स
- स्टॉर्म वाटर चैनल को ग्रीन कॉरिडोर में बदलना