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दिल्ली में साइबर ठगी का पर्दाफाश: 7.36 करोड़ रुपये का लेनदेन, बैंक मैनेजर समेत छह गिरफ्तार; 37 फर्जी खाते मिले

Fri, 23 Oct 2026 02:24 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Fri, 23 Oct 2026 02:24 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस ने 7.36 करोड़ रुपये के साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश कर बैंक मैनेजर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में 37 म्यूल खाते 99 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े मिले। 

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Cyber fraud network worth Rs 7.36 crore busted in Delhi six accused  arrested including bank manager
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कैथोलिक सीरियन बैंक (सीएसबी) के दो शाखा प्रबंधकों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह 7.36 करोड़ रुपये की ठगी में शामिल था। जांच में 37 म्यूल खाते सामने आए हैं।
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इन खातों का इस्तेमाल देशभर में दर्ज 99 साइबर अपराध की शिकायतों से प्राप्त रकम जमा करने के लिए किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें 63 आधार कार्ड, 60 पैन कार्ड और 55 पासपोर्ट आकार के फोटो शामिल हैं। 11 म्यूल सिम कार्ड, सात मोबाइल फोन और सात चेकबुक भी मिली हैं। 
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इसके अतिरिक्त, 60 हजार रुपये नकद, करीब 150 ग्राम सोना और एक लैपटॉप भी बरामद हुआ है। इन खातों में कुल 7.36 करोड़ रुपये जमा होने का पता चला था। आरोपी मयंक कपूर ने अपराध से प्राप्त रकम को यूएसडीटी (टेथर) में प्राप्त करने और स्थानांतरित करने के लिए ट्रस्ट वॉलेट का इस्तेमाल किया। जांच की शुरुआत सीएसबी बैंक की त्रिनगर शाखा में संदिग्ध म्यूल खातों की पहचान से हुई। एक खाते के धारक राहुल ने बैंक शाखा का दौरा नहीं किया था। 

17 जून, 2026 को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम जिला साइबर थाने के एसएचओ निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई नवीन, हेड कांस्टेबल गौरव, हेड कांस्टेबल दीपक, हेड कांस्टेबल सचिन और कांस्टेबल अनुज शामिल थे। टीम ने एसीपी/साइबर सृष्टि भट्ट की निगरानी और पुलिस उपायुक्त के समग्र पर्यवेक्षण में जांच की।
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मुख्य आरोपी मयंक कपूर की गिरफ्तारी
तकनीकी विश्लेषण से म्यूल खातों का संचालन करने वाले मयंक कपूर उर्फ रिंकू की पहचान हुई। उसे बाबा हरिदास नगर से गिरफ्तार किया गया। उसके ठिकाने से ठगी से संबंधित कई आपत्तिजनक सामान मिले। इनमें सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और म्यूल खातों से जुड़ी सात चेकबुक शामिल थीं। 60 हजार रुपये नकद, करीब 150 ग्राम सोना भी बरामद हुआ। अलग-अलग लोगों के 55 पासपोर्ट आकार के फोटो और 11 सिम कार्ड भी जब्त किए गए। 63 आधार कार्ड, 60 पैन कार्ड और सात डेबिट कार्ड भी मिले।

ठगी का तरीका और दस्तावेज जुटाना
पूछताछ में मयंक कपूर ने दिहाड़ी मजदूरों को निशाना बनाने की बात बताई। वह मोबाइल फोन के जरिये मजदूरों से संपर्क कर उन्हें ऋण मंजूर कराने का झांसा देता था। इस बहाने वह उनके केवाईसी दस्तावेज और तस्वीरें व्हाट्सएप के माध्यम से हासिल करता था। इन दस्तावेज का इस्तेमाल म्यूल सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाने के लिए किया जाता था। वह अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त रकम को जमा करने के लिए होता था। अपराध से मिली रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था।
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बैंक अधिकारियों की मिलीभगत
जांच में सामने आया कि धोखे से हासिल किए गए केवाईसी दस्तावेज के आधार पर बैंक खाते खुलवाने के लिए मयंक कपूर की मुलाकात सीएसबी बैंक के शाखा प्रबंधक शोभित अग्रवाल से हुई थी। शोभित अग्रवाल सरस्वती विहार शाखा के प्रबंधक थे। पुलिस के अनुसार, बैंक अधिकारियों की मदद से खाताधारकों की वास्तविक मौजूदगी के बिना म्यूल खाते खोले गए। इन खातों में फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।

ठगी की रकम का एक हिस्सा बैंककर्मी शोभित अग्रवाल को दिया जाता था। शोभित अग्रवाल ने मयंक कपूर को त्रिनगर शाखा के प्रबंधक सुशांत कुमार से मिलवाया। सरस्वती विहार में करीब 17 और त्रिनगर में करीब 20 म्यूल खाते इसी तरह खोले गए।

अन्य पांच आरोपियों की गिरफ्तारी
आगे की जांच में दोनों सीएसबी बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधकों की कथित भूमिका सामने आई। खातों की प्रक्रिया पूरी करने वाले बिक्री विभाग के कर्मचारियों की भी संलिप्तता मिली। इनमें कारोबार विकास अधिकारी भी शामिल थे। बिक्री टीम के सदस्यों मनोज, अंकुर, एक महिला और पंकज ने खातों की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद शाखा प्रबंधकों सुशांत कुमार और शोभित अग्रवाल ने उन्हें मंजूरी दी थी। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने 18 अक्तूबर, 2026 को इन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में शोभित अग्रवाल, मनोज, अंकुर, संबंधित महिला और पंकज शामिल हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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