फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi air: Even if you don’t smoke, your lungs are still exposed to ‘smoke’ as harmful as 3.8 cigarette

हानिकारक हुईं दिल्ली की हवाएं: धूम्रपान नहीं करते, फिर भी फेफड़ों में पहुंच रहा 3.8 सिगरेट जितना घातक 'धुआं'

Sat, 24 Oct 2026 01:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा ज्योति सिंह, नई दिल्ली
ज्योति सिंह, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 24 Oct 2026 01:41 AM IST
सार

दिल्ली की हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के स्तर के आधार पर एक दिन का प्रदूषण संपर्क करीब 3.8 सिगरेट पीने के बराबर आंका गया है।

विज्ञापन
Delhi air: Even if you don’t smoke, your lungs are still exposed to ‘smoke’ as harmful as 3.8 cigarette
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated

विस्तार

सिगरेट नहीं पीते, लेकिन हर सांस के साथ प्रदूषण शरीर में पहुंच रहा है। दिल्ली की हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के स्तर के आधार पर एक दिन का प्रदूषण संपर्क करीब 3.8 सिगरेट पीने के बराबर आंका गया है। बर्कले अर्थ के तुलनात्मक तरीके पर आधारित यह अनुमान बताता है कि तंबाकू से दूरी बनाने के बावजूद वायु प्रदूषण से होने वाले जोखिम से पूरी तरह बचना आसान नहीं है।

विज्ञापन


शुक्रवार शाम पांच बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 230 दर्ज किया गया। इस दौरान प्रमुख प्रदूषक पीएम 2.5 का स्तर 84 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। हवा में मौजूद ये महीन कण इतने छोटे होते हैं कि सांस के साथ फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में प्रदूषण की चिंता सिर्फ आंखों से दिखने वाली धुंध तक सीमित नहीं है, बल्कि उस हवा की भी है जिसे लोग दिनभर सांस के साथ अंदर लेते हैं।
विज्ञापन


सात दिन में 27, महीने में 114 सिगरेट के बराबर अनुमान
बर्कले अर्थ के तुलनात्मक आकलन में पीएम 2.5 के 22 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के स्तर पर पूरे दिन का संपर्क लगभग एक सिगरेट प्रतिदिन के बराबर माना जाता है। इसी आधार पर दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 84 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होने पर गणना करीब 3.8 सिगरेट प्रतिदिन तक पहुंचती है। यदि प्रदूषण का यही स्तर लगातार सात दिन बना रहे, तो संपर्क करीब 27 सिगरेट के बराबर और 30 दिन में लगभग 114 सिगरेट के बराबर हो सकता है। हालांकि, ये आंकड़े मौजूदा प्रदूषण स्तर के लगातार बने रहने की स्थिति मानकर निकाली गई गणना के अनुसार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएम-2.5 से फेफड़ों को खतरा
दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 155 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों में ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर अच्छी श्रेणी में बताया गया, लेकिन पीएम-2.5 की मौजूदगी चिंता का विषय बनी हुई है। इसके संपर्क से खांसी, गले में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

बचाव के उपाय

  • प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर खुले में दौड़ने और भारी व्यायाम करने से बचें।
  • व्यस्त सड़कों और ट्रैफिक वाले इलाकों में लंबे समय तक रुकने से बचें।
  • बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला एन95 मास्क पहनें।
  • घर में धूल उड़ाने वाली गतिविधियां कम करें और गीले कपड़े से सफाई करें।
  • बाहरी प्रदूषण बढ़ने पर खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें और घर के भीतर हवा की गुणवत्ता का ध्यान रखें।
  • अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोग विशेष सावधानी बरतें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
  • सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी या सीने में दर्द होने पर चिकित्सकीय सहायता लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed