दिल्ली में नहीं आ सकते गैर बीएस-VI वाहन: सीमाओं पर घंटों फंसे वाहन, हाईकोर्ट ने प्रतिबंध पर रोक से किया इनकार
दिल्ली के बाहर पंजीकृत जो पेट्रोल और डीजल वाहन बीएस-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते, उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। यह प्रतिबंध 31 जनवरी तक लागू रहेगा।
विस्तार
प्रदूषण नियंत्रण के कड़े उपायों के तहत दिल्ली की अंतरराज्यीय सीमाओं पर सोमवार को वाहनों की सघन जांच की गई, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली सड़कों पर भीषण यातायात जाम लग गया। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने गैर-दिल्ली पंजीकृत वाहनों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंधों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
सीमाओं पर जाम और जांच अभियान
सोमवार को दिल्ली की सीमाओं पर भारी भीड़ देखी गई, जिससे यात्रियों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली-गुरुग्राम (एनएच-48 पर सिरहौल टोल प्लाजा), दिल्ली-नोएडा, दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-सोनीपत और दिल्ली-नजफगढ़ सीमाओं पर मुख्य कैरिजवे और सर्विस रोड पर कई किलोमीटर तक वाहन रुके रहे। आया नगर सीमा पर भी टीमों ने जांच तेज कर दी थी। दिल्ली यातायात पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग की टीमें संयुक्त रूप से राजोकरी (एनएच-48), डीएनडी फ्लाईवे, गाजीपुर, सिंघु, टिकरी और बदरपुर सहित कई प्रवेश बिंदुओं पर सक्रिय रहीं।
काटे जाएंगे चालान
अधिकारियों ने उन वाहनों को वापस भेज दिया जो निर्धारित बीएस-VI (BS-VI) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते थे। साथ ही, नियमों के उल्लंघन और अधूरे दस्तावेजों के लिए चालान भी काटे गए। ये शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण उपाय 1 नवंबर से लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य सर्दियों के महीनों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण के स्तर पर अंकुश लगाना है।
क्या हैं नए नियम?
दिल्ली के बाहर पंजीकृत जो पेट्रोल और डीजल वाहन बीएस-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते, उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। यह प्रतिबंध 31 जनवरी तक लागू रहेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों, सीएनजी वाहनों और बीएस-VI मानकों का पालन करने वाले बाहरी वाहनों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट का रुख और याचिकाकर्ता के तर्क
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में गैर-दिल्ली पंजीकृत बीएस-VI पूर्व वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के प्रशासन के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने फरीदाबाद के एक वकील की याचिका पर नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को तय की है।
अधिवक्ता गुरमुख दास कोहली के माध्यम से पर्यावरण और वन विभाग की 23 जून की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी, जिसमें तीन महीने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
याचिकाकर्ता के मुख्य बिंदु
याचिका में इसे 'भेदभावपूर्ण' बताया गया क्योंकि प्रतिबंध की अवधि के दौरान दिल्ली में पंजीकृत बीएस-VI पूर्व वाहनों को शहर में चलने की अनुमति है। यह कदम एनसीआर के नागरिकों की आवाजाही को प्रतिबंधित करता है और सीएक्यूएम के संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।
याचिका के अनुसार, यह वर्गीकरण वाहन के उत्सर्जन के बजाय उसके पंजीकरण के स्थान पर आधारित है, इसलिए यह प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से मेल नहीं खाता और अनुच्छेद 14 के परीक्षण में विफल रहता है।