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Delhi: स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए होगा ऑडिट, पॉक्सो नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर गिरेगी गाज
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:42 AM IST
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सार
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शिक्षा विभाग और पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों की सुरक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानें और इसमें किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न बरतें।
एलजी तरनजीत सिंह संधू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो नियमों का कड़ाई से ऑडिट कराया जाएगा। इसमें कोताही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शिक्षा विभाग और पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों की सुरक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानें और इसमें किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न बरतें।
राजधानी में पॉक्सो अधिनियम के पालन की स्थिति की समीक्षा करते हुए एलजी ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा और शिक्षा विभाग को ऐसे स्कूलों के खिलाफ की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट देनी होगी।
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स्कूलों में बनेगी बाल सुरक्षा समिति
एलजी ने निर्देश दिया है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली के हर स्कूल में एक समर्पित बाल सुरक्षा समिति का होना अनिवार्य है। यह समिति केवल नाम के लिए नहीं होगी, बल्कि इसे स्कूल के माहौल पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से बैठकें करनी होंगी। शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पॉक्सो के दिशा-निर्देशों का हर हाल में पालन हो, ताकि बच्चों के लिए स्कूल के भीतर एक सुरक्षित वातावरण बना रहे।
जुलाई में चलेगा बाल सुरक्षा माह
बच्चों की सुरक्षा के प्रति समाज और स्कूल प्रशासन को जागरूक करने के लिए एलजी ने जुलाई महीने को बाल सुरक्षा माह के रूप में मनाने का फैसला लिया है। इस दौरान पूरी दिल्ली में एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूल के स्टाफ, अभिभावकों और अन्य सभी संबंधित लोगों को अनिवार्य ट्रेनिंग दी जाएगी और सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा। एलजी ने इस अभियान के खत्म होने के बाद इसकी सफलता और नतीजों पर भी रिपोर्ट मांगी है।
छुट्टी के वक्त स्कूलों के आसपास बढ़ेगी पुलिस
आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं कि स्कूल की छुट्टी के बाद कई बार मनचले सरेराह बच्चियों को परेशान करते हैं। तेज रफ्तार बाइक राइ़डिंग, अभद्र टिप्पणी करते हैं। छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस को खास निर्देश दिए गए हैं। स्कूल की छुट्टी के समय जब छात्र बाहर निकलते हैं, पुलिस की मौजूदगी को और बढ़ाया जाएगा। पुलिस को स्कूलों और छात्रों के आने-जाने वाले रास्तों (स्टूडेंट हब) पर मुस्तैद रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके और बच्चों व अभिभावकों के मन में सुरक्षा का भरोसा बढ़े।
छेड़खानी पर माफी नहीं, जल्द खुलेंगे महिला थाने
एलजी ने साफ लहजे में कहा है कि महिलाओं और बच्चों के साथ छेड़खानी, उत्पीड़न या किसी भी तरह की बदसलूकी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, एलजी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही चालू होने वाले ऑल वुमन पुलिस स्टेशन (महिला पुलिस थाने) पॉक्सो नियमों को बेहतर तरीके से लागू करने और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों पर लगाम लगाने में मददगार साबित होंगे।