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Delhi-Doon Economic Corridor: वन्यजीवों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं एनिमल अंडरपास, अध्ययन में कई खुलासे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 11 Apr 2026 07:18 AM IST
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सार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की ओर से संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन में पहली बार वैज्ञानिक साक्ष्य मिले हैं कि ये अंडरपास वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं।
एनिमल अंडरपास
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बने एनिमल अंडरपास काम के साबित हो रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की ओर से संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन में पहली बार वैज्ञानिक साक्ष्य मिले हैं कि ये अंडरपास वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। यह अध्ययन गणेशपुर और आशारोड़ी के बीच 18 किलोमीटर के हिस्से पर किया गया। इसमें 10.97 किमी लंबा विशेष एनिमल अंडरपास शामिल है। अध्ययन के दौरान वन्यजीवों की मौजूदगी में कैमरा ट्रैप और रिकॉर्डर की मदद से कुल 1,11,234 तस्वीरें ली गईं। इनमें से 40,444 तस्वीरें 18 अलग-अलग वन्य प्रजातियों की थीं। अंडरपास का उपयोग करने वालों में गोल्डन जैकल (सियार) सबसे आगे रहा।
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कई लुप्तप्रयास जीवों का है प्राकृतिक आवास है क्षेत्र इसके अलावा नीलगाय, सांभर, चित्तल और भारतीय खरगोश जैसे जानवरों की लगातार आवाजाही दर्ज की गई। हाथियों के इन गलियारों का सुरक्षित उपयोग करने के 60 मामले रिकॉर्ड किए गए। यह क्षेत्र टाइगर, हाथी, ग्रेट हॉर्नबिल और किंग कोबरा जैसे लुप्तप्राय जीवों का प्राकृतिक आवास है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर सतत विकास का एक बड़ा मॉडल बनेगा, जहां बिना जंगलों को नुकसान पहुंचाए विकास की रफ्तार को गति दी जा रही है।