{"_id":"6a6b1e5edcdd13444a095c6e","slug":"delhi-government-has-issued-a-show-cause-notice-to-a-private-school-located-in-vikaspuri-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: विकसपुरी के निजी स्कूल पर एक्शन, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कारण बताओ नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: विकसपुरी के निजी स्कूल पर एक्शन, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कारण बताओ नोटिस जारी
Thu, 30 Jul 2026 03:21 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 30 Jul 2026 03:21 PM IST
सार
दिल्ली सरकार ने विकसपुरी स्थित एक निजी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें शिक्षा विभाग की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। स्कूल प्रबंधन को सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री आशीष सूद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली सरकार ने विकसपुरी स्थित एक निजी स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शिक्षा विभाग की औचक जांच में स्कूल में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी, अवैध निर्माण, बिना अनुमति भूजल दोहन, शिक्षकों के शोषण और फीस में मनमानी बढ़ोतरी सहित कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
विज्ञापन
स्कूल प्रबंधन को सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सरकार स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में लेने की कार्रवाई करेगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने बिना अग्निशमन विभाग की मंजूरी के 43 अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन कर हजारों विद्यार्थियों की जान जोखिम में डाली। ऐसे मामलों में सरकार सबसे कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन
शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रबंधन से पूछा है कि उसके खिलाफ दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 20 के तहत स्कूल का सरकारी अधिग्रहण क्यों न किया जाए। साथ ही, रियायती दर पर आवंटित भूमि की लीज रद्द करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को भी सिफारिश करने की तैयारी की गई है।