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Delhi NCR News: डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और ट्रेडिंग स्कैम चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, छह गिरफ्तार
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- आरोपी अभी तक 10.6 करोड़ रुपये ठग चुके हैं
-पुलिस ने छह राज्यों में दबिश देकर संयुक्त रूप से छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी-उत्तरी जिला साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा करते हुए छह साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चार मामलों की जांच छह राज्यों में छापेमारी कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी से 10.6 करोड़ की ठगी की बात सामने आई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 19 लाख रुपये बरामद किए हैं। इसमें से कुछ रकम अदालत के आदेश पर पीड़ितों को लौटा दी गई है।
जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि साइबर सेल की टीम चार शिकायतों की तकनीकी जांच कर रही थी। जिसके जरिये पुलिस को आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। इस जानकारी पर निरीक्षक गोविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिल्ली के अलावा झारखंड, उत्तराखंड राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में संयुक्त रूप से छापामारी कर जालसाजी में शामिल छह आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि चार मामलों में एक मामला बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 20 लाख रुपये ठगी करने का मामला था। जिसमें साइबर ठगों ने खुद को ट्राई और सीबीआई अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपती पर एक सप्ताह तक मानसिक दबाव बनाया और उनसे 20 लाख रुपये अपने बैंक खाते में डलवा लिए। इस मामले की जांच में पता चला कि 18.5 लाख रुपये बंदन बैंक के खाते में ट्रांसफर हुए थे। बैंक खाता झारखंड के रांची निवासी शशिकांत कुमार के नाम से था। पुलिस टीम ने रांची में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल फोन, चेक बुक पेन ड्राइव बरामद की। जांच में पता चला कि आरोपी का खाता 35 शिकायतों से जुड़ा है और इसमें ठगी के दो करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।
इसी तरह फर्जी निवेश पर मुनाफा के नाम पर एक शख्स से 7.79 लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने रुड़की उत्तराखंड से खालिद त्यागी को गिरफ्तार किया। उसके खाते में 2.83 लाख रुपये डाले गए थे। जांच में पता चला कि आरोपी का बैंक खाता 25 शिकायतों और करीब 4.08 करोड़ की ठगी से जुड़ा हुआ है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने के मामले में साइबर सेल ने शाहदरा से सचिन मित्तल को गिरफ्तार किया है। उसका बैंक खाता 24 शिकायतों और 1.1 करोड़ की ठगी से जुड़ा पाया गया है। चौथे मामले में सिम कार्ड का दुरुपयोग का आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर आठ लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने भोपाल के एक बैंक खाते से पूरी रकम बरामद कर ली। इस मामले में तीन जालसाज आसिफ, नितिन सैनी और वीरेंद्र मुखिया को अलग अलग राज्यों से गिरफ्तार कर लिया। इनके बैंक खाते पांच शिकायतों और 3.33 करोड़ की ठगी से जुड़ा पाया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के सरगनाओं की तलाश कर रही है।
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-पुलिस ने छह राज्यों में दबिश देकर संयुक्त रूप से छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी-उत्तरी जिला साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा करते हुए छह साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चार मामलों की जांच छह राज्यों में छापेमारी कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी से 10.6 करोड़ की ठगी की बात सामने आई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 19 लाख रुपये बरामद किए हैं। इसमें से कुछ रकम अदालत के आदेश पर पीड़ितों को लौटा दी गई है।
जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि साइबर सेल की टीम चार शिकायतों की तकनीकी जांच कर रही थी। जिसके जरिये पुलिस को आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। इस जानकारी पर निरीक्षक गोविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिल्ली के अलावा झारखंड, उत्तराखंड राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में संयुक्त रूप से छापामारी कर जालसाजी में शामिल छह आरोपियों को पकड़ लिया।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि चार मामलों में एक मामला बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 20 लाख रुपये ठगी करने का मामला था। जिसमें साइबर ठगों ने खुद को ट्राई और सीबीआई अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपती पर एक सप्ताह तक मानसिक दबाव बनाया और उनसे 20 लाख रुपये अपने बैंक खाते में डलवा लिए। इस मामले की जांच में पता चला कि 18.5 लाख रुपये बंदन बैंक के खाते में ट्रांसफर हुए थे। बैंक खाता झारखंड के रांची निवासी शशिकांत कुमार के नाम से था। पुलिस टीम ने रांची में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल फोन, चेक बुक पेन ड्राइव बरामद की। जांच में पता चला कि आरोपी का खाता 35 शिकायतों से जुड़ा है और इसमें ठगी के दो करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।
इसी तरह फर्जी निवेश पर मुनाफा के नाम पर एक शख्स से 7.79 लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने रुड़की उत्तराखंड से खालिद त्यागी को गिरफ्तार किया। उसके खाते में 2.83 लाख रुपये डाले गए थे। जांच में पता चला कि आरोपी का बैंक खाता 25 शिकायतों और करीब 4.08 करोड़ की ठगी से जुड़ा हुआ है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने के मामले में साइबर सेल ने शाहदरा से सचिन मित्तल को गिरफ्तार किया है। उसका बैंक खाता 24 शिकायतों और 1.1 करोड़ की ठगी से जुड़ा पाया गया है। चौथे मामले में सिम कार्ड का दुरुपयोग का आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर आठ लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने भोपाल के एक बैंक खाते से पूरी रकम बरामद कर ली। इस मामले में तीन जालसाज आसिफ, नितिन सैनी और वीरेंद्र मुखिया को अलग अलग राज्यों से गिरफ्तार कर लिया। इनके बैंक खाते पांच शिकायतों और 3.33 करोड़ की ठगी से जुड़ा पाया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के सरगनाओं की तलाश कर रही है।