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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Discrepancies found in the *Chausala Jamabandi* (four-year land record); land area found to be either reduced or increased in different instances.

Delhi NCR News: चौसाला जमाबंदी में गड़बड़ियां, कहीं घटा तो कहीं बढ़ा मिल रहा जमीन का रकबा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:09 PM IST
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जमीन मालिकों के रिकॉर्ड में खामियों का आरोप, इंडरी उपतहसील में सबसे ज्यादा मामले सामने आने की चर्चा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राजस्व विभाग की ओर से तैयार की गई चौसाला जमाबंदी में अब गंभीर खामियां सामने आने लगी हैं। जिले में कई जमीन मालिकों के रिकॉर्ड में जमीन का रकबा कम दर्ज हो गया है, जबकि कुछ मामलों में वास्तविक जमीन से अधिक रकबा दर्ज होने की शिकायतें सामने आई हैं। कई मामलों में जमीन के हिस्से और मालिकाना हक के विवरण में भी अंतर पाया जा रहा है। इससे जमीन मालिकों में चिंता बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि यह समस्या किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के सैकड़ों जमीन मालिक इससे प्रभावित बताए जा रहे हैं। सबसे अधिक गड़बड़ियां इंडरी उपतहसील क्षेत्र की जमाबंदी में सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, बड़ी संख्या में जमीन मालिकों को अभी तक अपने रिकॉर्ड में हुई इन त्रुटियों की जानकारी नहीं है।
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जमीन की खरीद-फरोख्त या फर्द निकलवाने पर चल रहा पता
जमाबंदी में हुई गड़बड़ियों का पता फिलहाल उन्हीं लोगों को चल रहा है, जो जमीन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं या किसी सरकारी अथवा निजी कार्य के लिए अपनी जमीन की फर्द निकलवा रहे हैं। फर्द निकलवाने के बाद जब पुराने रिकॉर्ड से उसका मिलान किया जाता है तो रकबे और हिस्सेदारी में अंतर सामने आ रहा है। ऐसे में आशंका है कि बड़ी संख्या में जमीन मालिकों के रिकॉर्ड में भी ऐसी त्रुटियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें अभी इसकी जानकारी नहीं है।
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रिकॉर्ड की गलती से बढ़ रही लोगों की परेशानी
जमीन के रिकॉर्ड में रकबा या हिस्सेदारी गलत दर्ज होने से लोगों को भविष्य में जमीन बेचने, खरीदने, बैंक से ऋण लेने, विरासत संबंधी प्रक्रिया और अन्य राजस्व कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोगों का कहना है कि रिकॉर्ड में गलती होने के बाद उसे ठीक करवाने के लिए उन्हें राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी होती है।

पटवारियों द्वारा जेब ढीली करने का आरोप :
जुबेर, जयचंद, किशोर, हनीफ का आरोप लगाया कि जमाबंदी में हुई गलतियों को ठीक करवाने के नाम पर कुछ पटवारी लॉगिन की जेब ढीली कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आम व्यक्ति को रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती, जिसका फायदा उठाकर उससे अनावश्यक पैसे मांगे जाते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन से रिकॉर्ड की जांच और खामियां दूर करने की मांग
जमीन मालिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चौसाला जमाबंदी के रिकॉर्ड की व्यापक स्तर पर जांच कराई जाए। विशेष रूप से इंडरी उपतहसील क्षेत्र में पुराने रिकॉर्ड और नई जमाबंदी का मिलान करवाकर गलतियों को दूर किया जाए। लोगों ने यह भी मांग की है कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही से रिकॉर्ड में त्रुटियां हुई हैं, उनकी जिम्मेदारी तय की जाए और आम लोगों को बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने की सुविधा दी जाए।

लोगों का कहना है कि जमीन का रिकॉर्ड सीधे उनके स्वामित्व और अधिकार से जुड़ा मामला है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करना चाहिए, ताकि भविष्य में जमीन संबंधी विवाद पैदा न हों।




इस बारे में संबंधित अधिकारियों को आदेश देकर इसे ठीक कराया जाएगा। कोई भी कर्मचारी किसी को नाजायज परेशान न करे। अगर किसी की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कार्यवाही करने में देरी नहीं कि जाएगी। आमजन भी किसी पैसे न दे।

अखिल पिलानी, डीसी नूंह।
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