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Delhi NCR News: ईवी चार्जिंग नेटवर्क का बदलेगा मॉडल, फास्ट चार्जिंग पर होगा फोकस
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चार साल में 32 हजार सार्वजनिक चार्जिंग प्वाॅइंट विकसित करने की तैयारी, मौजूदा स्लो चार्जर चरणबद्ध तरीके से होंगे अपग्रेड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सरकार ने चार्जिंग नेटवर्क का मॉडल बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। अब केवल चार्जिंग प्वाॅइंट की संख्या बढ़ाने के बजाय फास्ट चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा। योजना के तहत अगले चार वर्षों में करीब 32 हजार सार्वजनिक चार्जिंग प्वाॅइंट विकसित किए जाएंगे, जबकि मौजूदा स्लो चार्जिंग स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से फास्ट चार्जिंग स्टेशनों में अपग्रेड किया जाएगा।
हाल में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया गया कि चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार केवल स्थान चिह्नित करने तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति और मजबूत विद्युत ढांचे का विकास भी प्राथमिकता होगी। अधिकारियों को सौर ऊर्जा आधारित चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा देने तथा ऐसे मल्टी-व्हीकल चार्जिंग हब विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां दोपहिया, तिपहिया, कार समेत सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन आसानी से चार्ज हो सकें।
सरकार की योजना के अनुसार मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग, रेलवे स्टेशनों के बाहर, नगर निगम की पार्किंग, एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर के नीचे उपलब्ध स्थान, डीडीए मार्केट, बड़े शॉपिंग मॉल, सरकारी परिसरों और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर फास्ट चार्जिंग सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर उपलब्ध भूमि और मौजूदा बुनियादी ढांचे का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
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चरणबद्ध तरीके से चार्जिंग स्टेशन होंगे अपग्रेड
नई योजना के तहत मौजूदा स्लो चार्जिंग स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से फास्ट चार्जिंग स्टेशनों में बदला जाएगा। इससे सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और कम समय में अधिक वाहन चार्ज किए जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक नेटवर्क में फास्ट चार्जिंग की हिस्सेदारी बढ़ने से ईवी चालकों का इंतजार काफी कम होगा। जहां सामान्य एसी चार्जर से वाहन चार्ज होने में कई घंटे लगते हैं, वहीं डीसी फास्ट चार्जर से कई आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन 20 से 80 प्रतिशत तक केवल 20 से 60 मिनट में चार्ज हो सकते हैं। इससे टैक्सी, कैब, डिलीवरी और अन्य व्यावसायिक ईवी का संचालन अधिक सुगम होगा। हालांकि इसके लिए उच्च क्षमता वाली बिजली आपूर्ति, मजबूत ग्रिड और पर्याप्त बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी।
फास्ट चार्जिंग से होंगे ये बड़े फायदे
-सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर प्रतीक्षा का समय घटेगा।
-कम समय में अधिक वाहन चार्ज हो सकेंगे।
-टैक्सी, डिलीवरी और अन्य व्यावसायिक ईवी का संचालन आसान होगा।
-इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार और तेज होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सरकार ने चार्जिंग नेटवर्क का मॉडल बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। अब केवल चार्जिंग प्वाॅइंट की संख्या बढ़ाने के बजाय फास्ट चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा। योजना के तहत अगले चार वर्षों में करीब 32 हजार सार्वजनिक चार्जिंग प्वाॅइंट विकसित किए जाएंगे, जबकि मौजूदा स्लो चार्जिंग स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से फास्ट चार्जिंग स्टेशनों में अपग्रेड किया जाएगा।
हाल में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया गया कि चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार केवल स्थान चिह्नित करने तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति और मजबूत विद्युत ढांचे का विकास भी प्राथमिकता होगी। अधिकारियों को सौर ऊर्जा आधारित चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा देने तथा ऐसे मल्टी-व्हीकल चार्जिंग हब विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां दोपहिया, तिपहिया, कार समेत सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन आसानी से चार्ज हो सकें।
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सरकार की योजना के अनुसार मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग, रेलवे स्टेशनों के बाहर, नगर निगम की पार्किंग, एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर के नीचे उपलब्ध स्थान, डीडीए मार्केट, बड़े शॉपिंग मॉल, सरकारी परिसरों और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर फास्ट चार्जिंग सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर उपलब्ध भूमि और मौजूदा बुनियादी ढांचे का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
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चरणबद्ध तरीके से चार्जिंग स्टेशन होंगे अपग्रेड
नई योजना के तहत मौजूदा स्लो चार्जिंग स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से फास्ट चार्जिंग स्टेशनों में बदला जाएगा। इससे सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और कम समय में अधिक वाहन चार्ज किए जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक नेटवर्क में फास्ट चार्जिंग की हिस्सेदारी बढ़ने से ईवी चालकों का इंतजार काफी कम होगा। जहां सामान्य एसी चार्जर से वाहन चार्ज होने में कई घंटे लगते हैं, वहीं डीसी फास्ट चार्जर से कई आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन 20 से 80 प्रतिशत तक केवल 20 से 60 मिनट में चार्ज हो सकते हैं। इससे टैक्सी, कैब, डिलीवरी और अन्य व्यावसायिक ईवी का संचालन अधिक सुगम होगा। हालांकि इसके लिए उच्च क्षमता वाली बिजली आपूर्ति, मजबूत ग्रिड और पर्याप्त बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी।
फास्ट चार्जिंग से होंगे ये बड़े फायदे
-सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर प्रतीक्षा का समय घटेगा।
-कम समय में अधिक वाहन चार्ज हो सकेंगे।
-टैक्सी, डिलीवरी और अन्य व्यावसायिक ईवी का संचालन आसान होगा।
-इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार और तेज होगी।