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Delhi NCR News: पाकिस्तान-बांग्लादेश से चल रहा फर्जी लोन ऐप गिरोह पकड़ा, दो गिरफ्तार
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पुलिस इस मामले में पहले भी चार जालसाजों को कर चुकी है गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिमी जिले की साइबर पुलिस ने एक बड़े फर्जी लोन ऐप गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश के वर्चुअल नंबरों से जुड़े हैं। पुलिस इसी मामले में चार अन्य जालसाजों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह ज्यादातर पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था। जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि ठगी में इस्तेमाल एक बैंक खाते की जांच करते हुए इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की टीम नेहल बाबू नामक व्यक्ति तक पहुंची थी। इसी कड़ी में आगे 24 वर्षीय करण कुमार और 27 वर्षीय शमी अहमद को गिरफ्तार किया। दोनों दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके के रहने वाले हैं और रैपिडो ड्राइवर हैं।
करण ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता शमी को दिया था और शमी ने यह खाता आगे ठगी के लिए राहुल नाम के शख्स को दे दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं जिनमें पाकिस्तान और बांग्लादेश के नंबरों से की गई व्हाट्सएप चैट्स मिले हैं। पुलिस पाकिस्तान व बांग्लादेश से जुड़े वर्चुअल विदेशी नंबरों की जांच कर रही है।
यह गिरोह फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को बिना गारंटी लोन देने का झांसा देता था। जैसे ही कोई पीड़ित ऐप डाउनलोड करके लोन लेता, उसके फोन का सारा एक्सेस इन ठगों के पास चला जाता था। इसके बाद ठगों की टीम पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नंबरों का इस्तेमाल कर पीड़ितों का डेटा इन आरोपियों तक पहुंचाती थी। इसके बाद आरोपी, पीड़ितों की तस्वीरों को मॉर्फ कर अश्लील बना देते थे और उन्हें व उनके परिवार वालों को भेजकर ब्लैकमेल करते थे और मोटी रकम वसूलते थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिमी जिले की साइबर पुलिस ने एक बड़े फर्जी लोन ऐप गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश के वर्चुअल नंबरों से जुड़े हैं। पुलिस इसी मामले में चार अन्य जालसाजों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह ज्यादातर पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था। जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि ठगी में इस्तेमाल एक बैंक खाते की जांच करते हुए इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की टीम नेहल बाबू नामक व्यक्ति तक पहुंची थी। इसी कड़ी में आगे 24 वर्षीय करण कुमार और 27 वर्षीय शमी अहमद को गिरफ्तार किया। दोनों दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके के रहने वाले हैं और रैपिडो ड्राइवर हैं।
करण ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता शमी को दिया था और शमी ने यह खाता आगे ठगी के लिए राहुल नाम के शख्स को दे दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं जिनमें पाकिस्तान और बांग्लादेश के नंबरों से की गई व्हाट्सएप चैट्स मिले हैं। पुलिस पाकिस्तान व बांग्लादेश से जुड़े वर्चुअल विदेशी नंबरों की जांच कर रही है।
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यह गिरोह फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को बिना गारंटी लोन देने का झांसा देता था। जैसे ही कोई पीड़ित ऐप डाउनलोड करके लोन लेता, उसके फोन का सारा एक्सेस इन ठगों के पास चला जाता था। इसके बाद ठगों की टीम पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नंबरों का इस्तेमाल कर पीड़ितों का डेटा इन आरोपियों तक पहुंचाती थी। इसके बाद आरोपी, पीड़ितों की तस्वीरों को मॉर्फ कर अश्लील बना देते थे और उन्हें व उनके परिवार वालों को भेजकर ब्लैकमेल करते थे और मोटी रकम वसूलते थे।