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Faridabad News: बोतलें हुईं खाली, भरी सरकार की तिजोरी
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12 जून से 31 दिसंबर तक शराब की बिक्री से 760 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ
दिसंबर में ही सरकार को शराब की बिक्री से 103 करोड़ की आमदनी हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। जिले में बीते वर्ष यानी 2025-26 में शराब के नए ठेकों के अलॉटमेंट ने सरकार की तिजोरी भर दी है। गत वर्ष 12 जून से शुरू हुए नए आबकारी सत्र में 31 दिसंबर तक सरकार को शराब की बिक्री से कुल 760 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। आबकारी विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक बताया गया है।
वर्ष 2024-2025 में सरकार को शराब से करीब 712 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस बार न सिर्फ राजस्व में इजाफा हुआ है, बल्कि बिक्री के ग्राफ ने भी नई ऊंचाइयों को छुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए ठेकों की बेहतर प्लानिंग, लाइसेंस फीस में संतुलन और ठेकों की समय पर नीलामी इसका प्रमुख कारण रही।
अकेले दिसंबर में ही सरकार को शराब की बिक्री से 103 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। त्योहारों और शादियों के सीजन के चलते शराब की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका सीधा फायदा सरकारी खजाने को मिला।
आबकारी विभाग का मानना है कि ठेकों की मॉनिटरिंग, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और अवैध शराब पर सख्ती ने भी राजस्व बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले महीनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि साल का अंतिम क्वार्टर आमतौर पर बिक्री के लिहाज से मजबूत रहता है।
कुल मिलाकर 2025-26 का आबकारी सत्र अब तक सरकार के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। बढ़ते राजस्व से जहां सरकारी योजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद है, वहीं आबकारी विभाग भी अपनी इस सफलता से खासा उत्साहित नजर आ रहा है।
वर्जन
विभाग का मानना है कि ठेकों की मॉनिटरिंग, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और अवैध शराब पर सख्ती ने भी राजस्व बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। - बलबीर, आबकारी विभाग निरीक्षक
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दिसंबर में ही सरकार को शराब की बिक्री से 103 करोड़ की आमदनी हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। जिले में बीते वर्ष यानी 2025-26 में शराब के नए ठेकों के अलॉटमेंट ने सरकार की तिजोरी भर दी है। गत वर्ष 12 जून से शुरू हुए नए आबकारी सत्र में 31 दिसंबर तक सरकार को शराब की बिक्री से कुल 760 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। आबकारी विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक बताया गया है।
वर्ष 2024-2025 में सरकार को शराब से करीब 712 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस बार न सिर्फ राजस्व में इजाफा हुआ है, बल्कि बिक्री के ग्राफ ने भी नई ऊंचाइयों को छुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए ठेकों की बेहतर प्लानिंग, लाइसेंस फीस में संतुलन और ठेकों की समय पर नीलामी इसका प्रमुख कारण रही।
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अकेले दिसंबर में ही सरकार को शराब की बिक्री से 103 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। त्योहारों और शादियों के सीजन के चलते शराब की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका सीधा फायदा सरकारी खजाने को मिला।
आबकारी विभाग का मानना है कि ठेकों की मॉनिटरिंग, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और अवैध शराब पर सख्ती ने भी राजस्व बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले महीनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि साल का अंतिम क्वार्टर आमतौर पर बिक्री के लिहाज से मजबूत रहता है।
कुल मिलाकर 2025-26 का आबकारी सत्र अब तक सरकार के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। बढ़ते राजस्व से जहां सरकारी योजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद है, वहीं आबकारी विभाग भी अपनी इस सफलता से खासा उत्साहित नजर आ रहा है।
वर्जन
विभाग का मानना है कि ठेकों की मॉनिटरिंग, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और अवैध शराब पर सख्ती ने भी राजस्व बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। - बलबीर, आबकारी विभाग निरीक्षक