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Faridabad News: समयसीमा पूरी, तैयारियां अधूरी
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फरीदाबाद एसी नगर में सफाई नही होने पर कूड़े से भरा नाला । संवाद
- फोटो : 1
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मुख्यमंत्री की ओर से 20 जून तक नालों और ड्रेनों की सफाई करने के निर्देश दिए गए थे
ट्रैक्टर चालित पंप सेट लगाने की व्यवस्था भी अभी कागजी प्रक्रिया में उलझी हुई है
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह के भीतर मानसून के हरियाणा में सक्रिय होने की संभावना है लेकिन फरीदाबाद में बारिश से निपटने की तैयारियां अभी भी अधूरी दिखाई दे रही हैं। मुख्यमंत्री की ओर से 20 जून तक नालों और ड्रेनों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन शहर के कई प्रमुख नालों में अब भी कूड़ा और गाद भरी हुई है। दूसरी ओर निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए ट्रैक्टर चालित पंप सेट लगाने की व्यवस्था भी अभी कागजी प्रक्रिया में उलझी हुई है। ऐसे में समय से पहले तेज बारिश होने पर शहर के कई हिस्सों में जलभराव की आशंका बढ़ गई है।
अमर उजाला की ग्राउंड पड़ताल में शहर के कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आई। एसी नगर, नीलम रेलवे रोड और एनआईटी-दो राहुल कॉलोनी क्षेत्र के नालों में बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा मिला। इन स्थानों पर यदि लगातार बारिश होती है तो पानी की निकासी प्रभावित होने और आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अतिक्रमण के कारण वर्षों से नहीं हो पा रही एसी नगर नाले की पूरी सफाई
एसी नगर का नाला शहर के सबसे संवेदनशील नालों में गिना जाता है। पड़ताल के दौरान नाले में प्लास्टिक, घरेलू कचरा और गाद जमा मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से इसकी पूरी सफाई नहीं हो सकी है। इसका सबसे बड़ा कारण नाले के दोनों ओर किया गया अतिक्रमण है। अतिक्रमण के चलते सफाई मशीनें और बड़े वाहन अंदर तक नहीं पहुंच पाते। हालांकि एफएमडीए की ओर से हाल ही में सीमित स्तर पर अतिक्रमण हटाकर सफाई वाहनों के लिए रास्ता बनाया गया है लेकिन जगह कम होने के कारण सफाई कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल पा रहा। यदि मानसून से पहले यह कार्य पूरा नहीं हुआ तो आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
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नीलम रेलवे रोड पर भी खतरे की घंटी
शहर के व्यस्त नीलम रेलवे रोड क्षेत्र में भी नाले में कूड़ा जमा मिला। यह इलाका यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और हर वर्ष बारिश के दौरान यहां पानी भरने की शिकायतें सामने आती रही हैं। मुख्यमंत्री की ओर से निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बावजूद नाले की सफाई अधूरी है। यदि शुरुआती मानसूनी बारिश तेज हुई तो सड़क पर जलभराव से यातायात बाधित होने और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राहुल कॉलोनी का नाला भी बना चिंता का कारण
एनआईटी-दो स्थित राहुल कॉलोनी का नाला आगे मेट्रो रोड की ओर निकलता है। पड़ताल में यहां भी नाले में कूड़ा जमा मिला। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं और आसपास बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नाले की समय पर सफाई नहीं होने पर बरसात में सड़क पर पानी भर जाता है जिससे व्यापार प्रभावित होता है और ग्राहकों की आवाजाही कम हो जाती है।
पंप सेट की व्यवस्था भी लंबित
शहर के निचले इलाकों में बारिश का पानी निकालने के लिए हर वर्ष ट्रैक्टर चालित पंप सेट लगाए जाते हैं। इस बार भी इसी व्यवस्था के सहारे जलनिकासी की योजना बनाई गई है लेकिन संबंधित प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। यदि बारिश पहले शुरू हो जाती है और पंप सेट समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते तो जलभराव वाले इलाकों में स्थिति बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नालों की सतही सफाई पर्याप्त नहीं होती बल्कि मुख्य ड्रेनों और मास्टर सीवर नेटवर्क की समय पर डीसिल्टिंग भी आवश्यक है। निकासी तंत्र की किसी एक कड़ी के बाधित होने पर पूरा सिस्टम प्रभावित हो सकता है।
डेडलाइन खत्म, अब जमीनी अमल पर निगाहें
प्रशासन की ओर से मानसून से पहले व्यापक तैयारियों के दावे किए गए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर अधूरे कार्य दिखाई दे रहे हैं। सफाई, अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी व्यवस्था में देरी के कारण शहर के कई संवेदनशील इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव का खतरा बना हुआ है।
एसी नगर नाले की सफाई चल रही है। रास्ते से अतिक्रमण हटाकर वाहनों के निकलने का रास्ता बनाया गया है। कई बड़े नालों की सफाई हो चुकी है। - ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
ट्रैक्टर चालित पंप सेट लगाने की व्यवस्था भी अभी कागजी प्रक्रिया में उलझी हुई है
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह के भीतर मानसून के हरियाणा में सक्रिय होने की संभावना है लेकिन फरीदाबाद में बारिश से निपटने की तैयारियां अभी भी अधूरी दिखाई दे रही हैं। मुख्यमंत्री की ओर से 20 जून तक नालों और ड्रेनों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन शहर के कई प्रमुख नालों में अब भी कूड़ा और गाद भरी हुई है। दूसरी ओर निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए ट्रैक्टर चालित पंप सेट लगाने की व्यवस्था भी अभी कागजी प्रक्रिया में उलझी हुई है। ऐसे में समय से पहले तेज बारिश होने पर शहर के कई हिस्सों में जलभराव की आशंका बढ़ गई है।
अमर उजाला की ग्राउंड पड़ताल में शहर के कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आई। एसी नगर, नीलम रेलवे रोड और एनआईटी-दो राहुल कॉलोनी क्षेत्र के नालों में बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा मिला। इन स्थानों पर यदि लगातार बारिश होती है तो पानी की निकासी प्रभावित होने और आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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अतिक्रमण के कारण वर्षों से नहीं हो पा रही एसी नगर नाले की पूरी सफाई
एसी नगर का नाला शहर के सबसे संवेदनशील नालों में गिना जाता है। पड़ताल के दौरान नाले में प्लास्टिक, घरेलू कचरा और गाद जमा मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से इसकी पूरी सफाई नहीं हो सकी है। इसका सबसे बड़ा कारण नाले के दोनों ओर किया गया अतिक्रमण है। अतिक्रमण के चलते सफाई मशीनें और बड़े वाहन अंदर तक नहीं पहुंच पाते। हालांकि एफएमडीए की ओर से हाल ही में सीमित स्तर पर अतिक्रमण हटाकर सफाई वाहनों के लिए रास्ता बनाया गया है लेकिन जगह कम होने के कारण सफाई कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल पा रहा। यदि मानसून से पहले यह कार्य पूरा नहीं हुआ तो आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
नीलम रेलवे रोड पर भी खतरे की घंटी
शहर के व्यस्त नीलम रेलवे रोड क्षेत्र में भी नाले में कूड़ा जमा मिला। यह इलाका यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और हर वर्ष बारिश के दौरान यहां पानी भरने की शिकायतें सामने आती रही हैं। मुख्यमंत्री की ओर से निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बावजूद नाले की सफाई अधूरी है। यदि शुरुआती मानसूनी बारिश तेज हुई तो सड़क पर जलभराव से यातायात बाधित होने और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राहुल कॉलोनी का नाला भी बना चिंता का कारण
एनआईटी-दो स्थित राहुल कॉलोनी का नाला आगे मेट्रो रोड की ओर निकलता है। पड़ताल में यहां भी नाले में कूड़ा जमा मिला। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं और आसपास बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नाले की समय पर सफाई नहीं होने पर बरसात में सड़क पर पानी भर जाता है जिससे व्यापार प्रभावित होता है और ग्राहकों की आवाजाही कम हो जाती है।
पंप सेट की व्यवस्था भी लंबित
शहर के निचले इलाकों में बारिश का पानी निकालने के लिए हर वर्ष ट्रैक्टर चालित पंप सेट लगाए जाते हैं। इस बार भी इसी व्यवस्था के सहारे जलनिकासी की योजना बनाई गई है लेकिन संबंधित प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। यदि बारिश पहले शुरू हो जाती है और पंप सेट समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते तो जलभराव वाले इलाकों में स्थिति बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नालों की सतही सफाई पर्याप्त नहीं होती बल्कि मुख्य ड्रेनों और मास्टर सीवर नेटवर्क की समय पर डीसिल्टिंग भी आवश्यक है। निकासी तंत्र की किसी एक कड़ी के बाधित होने पर पूरा सिस्टम प्रभावित हो सकता है।
डेडलाइन खत्म, अब जमीनी अमल पर निगाहें
प्रशासन की ओर से मानसून से पहले व्यापक तैयारियों के दावे किए गए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर अधूरे कार्य दिखाई दे रहे हैं। सफाई, अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी व्यवस्था में देरी के कारण शहर के कई संवेदनशील इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव का खतरा बना हुआ है।
एसी नगर नाले की सफाई चल रही है। रास्ते से अतिक्रमण हटाकर वाहनों के निकलने का रास्ता बनाया गया है। कई बड़े नालों की सफाई हो चुकी है। - ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए

फरीदाबाद एसी नगर में सफाई नही होने पर कूड़े से भरा नाला । संवाद- फोटो : 1

फरीदाबाद एसी नगर में सफाई नही होने पर कूड़े से भरा नाला । संवाद- फोटो : 1